EXCLUSIVE : जानिए डी. रूपा को, जिन्होंने राहुल गांधी को जड़ा ‘थप्पड़’ !

* कर्नाटक की प्रथम महिला IPS अधिकारी हैं डी. रूपा

* वर्ष 2000 में आरंभ की सेवा, 17 वर्षों में 41 ट्रांसफर

* राजनेताओं के विरुद्ध कार्रवाई के कारण चर्चित रही हैं रूपा

* हुबली दंगों को लेकर उमा भारती को किया था गिरफ्तार

* येदियुरप्पा के काफिले से सरकारी वाहन वापस ले लिए थे

* शशिकला के ‘जेल सुविधा’ कांड का किया था पर्दाफाश

विश्लेषण : कन्हैया कोष्टी

अहमदाबाद, 22 जून, 2019 (युवाप्रेस.कॉम)। 11 दिसम्बर, 2014 को जब संयुक्त राष्ट्र ने भारत की पहल और प्रधानमंत्री नरेन्द्र के प्रयासों के बाद 21 जून, 2015 से हर वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने की घोषणा की, तब भारत की आत्मा और जड़ों से प्रेम करने वाला हर भारतीय आनंदविभोर हो उठा। भारत का हर्ष इस बात से और अधिक बढ़ गया, क्योंकि भारत के प्रस्ताव का विश्व के 177 देशों ने समर्थन किया। शुक्रवार को पूरी दुनिया में पाँचवाँ अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया, परंतु भारत और हर भारतीय के लिए यह दिवस गौरवपूर्ण दिवस है, क्योंकि योग हमारे भारत की परम्परा की उपज है, परंतु भारत में देश नहीं, अपितु दल और व्यक्ति विशेष के विरोध के एजेंडा के साथ सक्रिय कुछ राजनेताओं को भारत और पीएम मोदी की यह पहल तथा सफलता कभी रास नहीं आए और इसीलिए वे किसी न किसी रूप में देश के लिए गौरव समान अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर कोई न कोई लज्जापूर्ण शरारत करने से बाज़ नहीं आते।

राहुल ने लांघी निर्लज्जता की पराकाष्ठा

निर्लज्जता की पराकाष्ठा तब हो गई, जब देश की सबसे पुरानी एवं ऐतिहासिक पार्टी और अभी देश की जनता की ओर से नकारे गए एक महीना भी नहीं हुआ, ऐसी पार्टी के अध्यक्ष राहुल गांधी ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का हिस्सा बनने की बजाए उस पर विवादास्पद और शर्मनाक टिप्पणी कर दी। लोकसभा चुनाव अभियान 2019 ही नहीं, अपितु पूरे राजनीतिक कैरियर में अपनी अपरिपक्वता के कारण विफलता का पर्याय बन चुके राहुल गांधी पराजयों से कोई सबक नहीं लिया और शुक्रवार को समूचे भारत, भारतीय संस्कृति, सनातन धर्म एवं वैदिक परम्परा के लिए गौरवपूर्ण अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर राहुल गांधी ने फिर एक बार अपरिपक्वता का परिचय दिया। अपरिपक्वता भी नहीं, राहुल ने शुक्रवार को जो ट्वीट किया, उसके जरिए उन्होंने अपनी मूर्खता का भी परिचय दिया। वास्तव में राहुल ने सोशल मीडिया पर सेना की श्वान इकाई के योग दिवस समारोह की तसवीर ट्वीट की थी, जिसमें सेना के डॉग हैंडलर जवान योग करते नज़र आ रहे हैं और साथ में स्नीफर डॉग (खोजी कुत्ते) भी योग कर रहे हैं। राहुल ने यह ट्वीट करते हुए लिखा, ‘NewIndia’।

VIP की जान बचाते हैं कुत्ते, नए इंडिया पर गर्व : रूपा

वास्तव में कांग्रेस जैसी पार्टी के अध्यक्ष के पद पर आसीन राहुल गांधी ने इस तरह का कटाक्ष कर अपनी कुबुद्धि-दुर्बुद्धि और निर्लज्जता का ही प्रदर्शन किया। राहुल ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर जो राजनीतिक योग करने का प्रयास किया, उसे चलत भाषा में कुत्ता योग और शालीन भाषा में ‘श्वान योग’ की ही संज्ञा दी जा सकती है। राजनीतिक रूप से राहुल पर भाजपा सहित कई नेताओं ने पलटवार किए, परंतु बात चूँकि सुरक्षा बलों और खोजी कुत्तों से जुड़ी हुई थी, इसीलिए भारतीय पुलिस सेवा (IPS) की एक महिला अधिकारी ने मोर्चा खोला। वर्ष 2000 की कर्नाटक कैडर की आईपीएस अधिकारी डी. रूपा ने राहुल को उनके श्वान योग पर शान से जवाब दिया। बेंगलुरू-कर्नाटक में भारतीय रेलवे पुलिस महानिरीक्षक डी. रूपा ने राहुल के ट्वीट पर पलटवार करते हुए ट्वीट किया, ‘डॉग हैंडलर या तो पुलिस वाले होते हैं या सैनिक, जो अत्यंत कठिन प्रशिक्षण के बाद तैयार किए जाते हैं। सेना या पुलिस के हर कुत्ते सिर्फ और सिर्फ अपने हैंडलर के आदेश का पालन करते हैं। दोनों के बीच के संबंध ड्यूटी से कहीं आगे की बात हैं। ये कुत्ते ब्लास्ट से पहले विस्फोटक को सूंघ कर देश के वीआईपी की जान बचाते हैं। वास्तव में, नए इंडिया पर गर्व है।’

कौन हैं डी. रूपा ?

आइए अब आपको बताते हैं कि देश की सबसे पुरानी पार्टी के अध्यक्ष पर आक्रमण करने वालीं डी. रूपा हैं कौन ? डी. रूपा का मूल नाम रूपा दिवाकर मौडगिल है, जो दावणगेरे-कर्नाटक मूल की हैं। वे कर्नाटक की प्रथम महिला आईपीएस अधिकारी हैं। उन्होंने वर्ष 2000 में सिविल सर्विस परीक्षा पास की थी और आईपीएस अधिकारी बनी थीं। डी. रूपा एक शूटर भी हैं। उन्होंने राष्ट्रीय पुलिस अकादमी (NPA) में प्रशिक्षण के दौरान कई पुरस्कार जीते। 26 जनवरी, 2016 को उन्हें राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया गया। भारतीय शास्त्रीय संगीत से अच्छी तरह परिचित रूपा एक प्रशिक्षित भरतनाट्यम नर्तक भी हैं।

नेता हमेशा रहते आए हैं निशाने पर

डी. रूपा का पुलिस सेवा का कैरियर काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। उनका अधिकांशत: नेताओं से पाला पड़ता रहा है। हुगली में हुए दंगों को लेकर अदालती आदेश के बाद मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती को गिरफ्तार करने का कार्य रूपा ने ही किया था। उन्होंने सिटी आर्म्ड सर्विस में उपायुक्त रहते हुए कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बी. एस. येदियुरप्पा के काफिले में इस्तेमाल सरकारी वाहनों को वापस ले लिया था। जुलाई-2017 में डी. रूपा ने ही कर्नाटक पुलिस महानिरीक्षक (जेल) पद पर ड्यूटी करते हुए बेंगलुरू जेल में तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता की निकटस्थ शशिकला को विशेष व्यवस्था दिए जाने के कांड का पर्दाफाश किया था। अपने कड़े अनुशासन के चलते वे राजनीतिक दलों द्वारा संचालित सरकारों की कथित द्वेषपूर्ण कार्रवाई का शिकार होती रहीं और 2000 से 2017 तक उनका 41 बार ट्रांसफर हुआ।

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