अंतिम चरण-अंतिम प्रहार : काशी के MP पर लगेगी PM की पक्की मुहर या ‘शत्रु’ के ‘दावेदारों’ को मिलेगा बल ?

रिपोर्ट : विनीत दुबे

अहमदाबाद 18 मई 2019। लोकसभा चुनाव 2019 का पटाक्षेप होने को है। लोकसभा की 543 सीटों में से 484 सीटों पर छह चरणों में चुनाव पूरा हो चुका है, बाकी बची 8 राज्यों और एक केन्द्रशासित प्रदेश की 59 सीटों पर 19 मई रविवार को मतदान के साथ ही मतदान की प्रक्रिया पूर्ण हो जाएगी। अंतिम चरण में कई दिग्गज नेताओं की हॉट सीटों पर वोट पड़ने वाले हैं। इनमें सबसे अधिक हॉट सीट है देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की वाराणसी। यह तो 23 मई को ही पता चलेगा कि अंतिम चरण के मतदाता भाजपा को 300 के पार पहुँचाने में भूमिका निभाएंगे या विपक्ष को दमदार बनाएँगे। चूँकि अंतिम चरण के चुनाव में काशी शामिल है, इसीलिए शीर्षक में हमने काशी के एमपी यानी सांसद के पुनः प्रधानमंत्री बनने पर पक्की मुहर लगने की बात कही है, वहीं विरोधियों में पटना साहिब से कांग्रेस प्रत्याशी शत्रुघ्न सिन्हा की चुनावी किस्मत ईवीएम में कैद होने वाली है, इसलिए हमने यहाँ शत्रु को मोदी विरोधी मोर्चे के प्रतीक के रूप में लिया और यह प्रश्न किया है कि अंतिम चरण में मतदाता मोदी सरकार के विरुद्ध मतदान कर विपक्षी खेमे में मौजूद प्रधानमंत्री पद के अनेक दावेदारों को बल देंगे ?

इसके अलावा अंतिम चरण में जिन दिग्गजों की राजनीतिक किस्मत दाँव पर लगी है, उनमें बिहार की पटना साहिब सीट से चुनाव लड़ रहे भाजपा के केन्द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद हैं, जो पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं। उनके विरुद्ध फिल्म अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा हैं, जो अभी तक इस सीट से भाजपा से चुनाव लड़े हैं, परंतु इस बार कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। पंजाब की गुरदासपुर सीट से फिल्म अभिनेता सन्नी देओल, चंडीगढ़ सीट से भाजपा की उम्मीदवार फिल्म अभिनेत्री किरण खेर, उत्तर प्रदेश की गोरखपुर सीट पर भाजपा प्रत्याशी और भोजपुरी अभिनेता रवि किशन, झारखंड की दुमका सीट से झारखंड मुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष शिबू सोरेन, बिहार की सासाराम सीट से पूर्व लोकसभा अध्यक्ष और कांग्रेस उम्मीदवार मीरां कुमार का राजनीतिक भविष्य दाँव पर लगा है।

इसी प्रकार केन्द्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी पंजाब की अमृतसर सीट से और मनोज सिन्हा उत्तर प्रदेश की गाजीपुर सीट से भाग्य आजमा रहे हैं। जबकि एनडीए के घटक दल अपना दल की अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल उत्तर प्रदेश की मिर्जापुर सीट से चुनाव मैदान में हैं। बिहार की पाटलिपुत्र सीट से केन्द्रीय मंत्री रामकृपाल यादव का मुकाबला राजद उम्मीदवार और पूर्व रेलमंत्री लालूप्रसाद यादव की बेटी मीसा भारती से है।

आपको बता दें कि अंतिम चरण में जिन 59 सीटों पर मतदान होगा उनमें उत्तर प्रदेश और पंजाब की 13-13, बिहार और मध्य प्रदेश की 8-8, पश्चिम बंगाल की 9, हिमाचल प्रदेश की 4, झारखंड की 3 और चंडीगढ़ की 1 सीट शामिल है। इन 59 सीटों पर कुल 918 उम्मीदवार हैं और 10 करोड़ मतदाता इनके भाग्य का फैसला करेंगे।

उत्तर प्रदेश की जिन 13 सीटों पर वोट पड़ेंगे उनमें वाराणसी, गोरखपुर, मिर्जापुर, महाराजगंज, कुशीनगर, देवरिया, बाँसगाँव, घोसी, सलेमपुर, बलिया, गाजीपुर, चंदौली और रॉबर्ट्सगंज शामिल हैं। पंजाब की गुरदासपुर, अमृतसर, जालंधर, होशियारपुर, आनंदपुर साहिब, लुधियाना, फतेगढ़ साहिब, फरीदकोट, फिरोजपुर, बठिंडा, संगरूर, पटियाला, खडूर साहिब सीटें शामिल हैं।

इसी प्रकार मध्य प्रदेश की 8 सीटों में देवास, उज्जैन, मंदसौर, खरगौन, खंडवा, रतलाम और धार तथा बिहार की 8 सीटों में नालंदा, पटना साहिब, पाटलिपुत्र, आरा, बक्सर, सासाराम, काराकट, जहानाबाद सीटें शामिल हैं।

झारखंड की 3 सीटों में राजमहल, दुमका और गोड्डा हैं। हिमाचल प्रदेश की 4 सीटों में कांगड़ा, शिमला, मंडी, हमीरपुर सीटें शामिल हैं। चंडीगढ़ की एक मात्र सीट चंडीगढ़ है, वहीं पश्चिम बंगाल की 9 सीटों में दमदम, बारासात, बशीरहाट, जयनगर, मथुरानगर, डायमंड हार्बर, जाधवपुर, कोलकाता दक्षिण और कोलकाता उत्तर सीटें शामिल हैं।

आपको बता दें कि नक्सल प्रभावित बिहार की सासाराम और काराकट लोकसभा सीटों के चार-चार विधानसभा क्षेत्रों में और उत्तर प्रदेश की रॉबर्ट्सगंज सीट के तीन विधानसभा क्षेत्रों में मतदान सुबह 7 से शाम 4 बजे तक ही होगा। इसी प्रकार झारखंड की तीनों लोकसभा सीटों के सभी विधानसभा क्षेत्रों में भी सुबह 7 से 4 बजे तक ही मतदान होगा। जबकि बाकी सभी सीटों पर मतदान का समय सुबह 7 से शाम 6 बजे तक का रहेगा। चुनाव आयोग के नियमानुसार 48 घंटे पहले यानी शुक्रवार शाम 5 बजे के बाद चुनाव प्रचार बंद कर दिया गया है। हालाँकि पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार गुरुवार रात 10 बजे से ही बंद कर दिया गया है। चुनाव आयोग ने चुनाव प्रचार के दौरान हुई हिंसा को देखते हुए यह फैसला लिया था।

उल्लेखनीय है कि जिन 59 सीटों पर अंतिम चरण में मतदान होने वाला है उनमें से वाराणसी सीट पर भाजपा का कब्जा है, यहाँ से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी वर्तमान सांसद हैं और इस बार उनका मुकाबला सपा-बसपा-आरएलडी गठबंधन की प्रत्याशी शालिनी यादव और कांग्रेस प्रत्याशी अजय राय से है। उत्तर प्रदेश की जिन 13 सीटों पर अंतिम चरण में मतदान होगा, वह सभी सीटें वर्तमान में भाजपा के कब्जे में हैं।

मध्य प्रदेश की जिन 8 सीटों पर चुनाव हो रहा है, उनमें से 7 सीटें भी वर्तमान में भाजपा के कब्जे में हैं। जबकि एक रतलाम सीट पर बाद में हुए उपचुनाव में कांग्रेस ने यह सीट भाजपा से छीन ली थी। बिहार की 8 सीटों में से 7 सीटों पर भी भाजपा का कब्जा है, जबकि एक सीट आरएलएसपी ने जीती थी।

पंजाब की जिन 13 सीटों पर अंतिम चरण में मतदान होगा, उनमें से वर्तमान में 2 सीटें भाजपा के पास हैं, जबकि आम आदमी पार्टी और अकाली दल के पास 4-4 और कांग्रेस के पास 3 सीटें हैं। इसी प्रकार पश्चिम बंगाल की जिन 9 सीटों पर मतदान होगा, वह सभी सीटें वर्तमान में पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बैनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस के कब्जे में हैं। हिमाचल प्रदेश की सभी चार सीटें अभी भाजपा के कब्जे में हैं। झारखंड की जिन तीन सीटों पर वोट पड़ेंगे, उनमें से दो झारखंड मुक्ति मोर्चा और एक पर भाजपा का कब्जा है। इसी प्रकार चंडीगढ़ सीट पर भी वर्तमान में भाजपा का कब्जा है।

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