अब सफेद हाथी बने अधिकारियों को घर बैठाएगी मोदी सरकार

काम नहीं करने वाले IAS अधिकारियों पर है सरकार की नज़र

1,143 अधिकारियों के 4 साल के कामों की समीक्षा कर रही सरकार

अहमदाबाद, 10 जून, 2019 (युवाप्रेस डॉट कॉम। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नये सिरे से सरकार का कामकाज सँभालने के बाद अब भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के कुछ ऐसे अधिकारियों पर अपना ध्यान केन्द्रित किया है जो या तो काम नहीं करते हैं या काम करने में लापरवाही बरतते हैं। पीएम मोदी ऐसे अधिकारियों को सरकार पर भार मानते हैं और यह भार उतारने के लिये ऐसे अधिकारियों को सेवानिवृत्त करने का विचार कर रहे हैं।

देश में कार्यरत् हैं 5,104 IAS अधिकारी

दरअसल केन्द्र सरकार के कार्मिक मंत्रालय के अनुसार देश में लगभग 5,104 आईएएस अधिकारी कार्यरत् हैं। मोदी सरकार ने इनमें से लगभग 1,143 आईएएस अधिकारियों की एक लिस्ट तैयार की है। सरकार इन अधिकारियों के पिछले चार साल में किये गये कार्यों की समीक्षा करके यह पता लगाएगी कि इनमें से कितने अधिकारियों ने कार्यकाल के 25 साल पूरे कर लिये हैं या फिर उनकी उम्र 50 वर्ष से अधिक हो गई है और वह कैसा काम कर रहे हैं। उनके कामकाज की रिपोर्ट बनाने के लिये उनके पिछले 4 साल के दौरान किये गये कामों के रिकॉर्ड की समीक्षा की जाएगी।

कठोर मानकों के आधार पर हो रही कामकाज की समीक्षा

एक अधिकारी ने बताया कि मोदी सरकार बहुत कठोर मानकों के आधार पर अधिकारियों के कामकाज के रिकॉर्ड की समीक्षा करने वाली है। अधिकारी के अनुसार अखिल भारतीय सेवा नियमावली-1958 के नियम 16(3) के अंतर्गत 1,143 आईएएस अधिकारियों के सेवा रिकॉर्ड की समीक्षा की जाएगी। इन अधिकारियों के 2014 से 2018 के दौरान किये गये कामकाज के रिकॉर्ड की समीक्षा होगी। अधिकारी के अनुसार केन्द्र सरकार ने विविध राज्य सरकारों के साथ भी इसके लिये बातचीत की है और राज्य सरकारों को उनके राज्य में कार्यरत् आईएएस अधिकारियों के कामों की समीक्षा करके रिपोर्ट कार्ड भेजने के लिये कहा है। इनमें से आंध्र प्रदेश, कर्णाटक, केरल, तेलंगाना, उत्तराखंड, जम्मू-काश्मीर और त्रिपुरा आदि राज्यों ने केन्द्र सरकार की ओर से रिमाइंडर भेजे जाने के बावजूद अधिकारियों की सेवा के रिकॉर्ड की समीक्षा नहीं की है।

समय पूर्व सेवानिवृत्ति से सरकार करेगी सफाई

मोदी सरकार का मानना है कि समय-समय पर अधिकारियों के कामकाज की समीक्षा करने से अधिकारियों में अपने कामकाज के प्रति उत्तरदायित्व बढ़ेगा, भ्रष्टाचार पर रोक लगेगी और निकम्मे अधिकारियों की छंटनी करने से सरकार पर ऐसे अधिकारियों का आर्थिक भार घटेगा। दूसरे शब्दों में कहें तो सरकार ऐसे आईएएस अधिकारियों को घर बैठाने जा रही है जो सफेद हाथी बने हुए हैं।

कई अधिकारियों को घर बैठा चुकी है मोदी सरकार

मोदी सरकार ऐसे आईएएस अधिकारियों को जनहित में सेवानिवृत्ति लेने के लिये कह सकती है और इसके लिये उन्हें कम से कम तीन महीने का नोटिस दे सकती है। इसके अलावा उन्हें तीन माह का वेतन व अन्य भत्ते देकर चलता भी कर सकती है। अधिकारी ने बताया कि इन लिस्टेड 1,143 अधिकारियों में से छत्तीसगढ़ कैडर के 2, अरुणाचल प्रदेश, गोवा, मिजोरम, बिहार तथा केन्द्र शासित कैडर (AGUMT) के 1-1 अधिकारी को केन्द्र सरकार जनहित में समय से पूर्व सेवानिवृत्ति दे भी चुकी है। हालाँकि इन अधिकारियों के नाम सार्वजनिक नहीं किये गये हैं।

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