GOOD NEWS FOR LPG USERS : अब ये निजी कंपनी भी देगी सस्ते सिलिंडर

जियो की तर्ज पर एलपीजी क्षेत्र में क्रांति लाने की तैयारी में रिलायंस

रिलायंस ने सब्सिडी वाले रसोई गैस सिलिण्डर बेचने की केन्द्र से माँगी अनुमति

सरकार ने विचार के लिये पैनल किया गठन, जुलाई में आएगी रिपोर्ट

अहमदाबाद, 11 जून, 2019 (युवाप्रेस डॉट कॉम। जियो के माध्यम से मोबाइल और इंटरनेट डेटा के क्षेत्र में क्रांति लाने के बाद मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज़ अब रसोई गैस के क्षेत्र में क्रांति लाने की तैयारी कर रही है। रिलायंस इंडस्ट्रीज़ ने सरकार से सब्सिडी वाले रसोई गैस सिलिण्डर बेचने की अनुमति माँगी है, यदि सरकार ने इसकी स्वीकृति दी तो रिलायंस इस क्षेत्र में भी क्रांति करने को तैयार है।

रिलायंस ने केन्द्र सरकार के समक्ष माँग रखी

रिलायंस कंपनी लंबे समय से सब्सिडी वाले रसोई गैस सिलिण्डर बेचने के लिये केन्द्र सरकार में लॉबिंग कर रही है। रिलायंस के साथ-साथ कई और निजी कंपनियाँ भी इस क्षेत्र में कदम रखने को आमादा हैं। अब मोदी सरकार-2 ने भी इस दिशा में विचार शुरू कर दिया है। इसके लिये सरकार ने तेल मंत्रालय के नेतृत्व में एक पाँच सदस्यीय पैनल का गठन किया है, जो इस मुद्दे पर विचार करेगा कि रिलायंस इंडस्ट्रीज़ व उसके जैसी अन्य निजी कंपनियों को सस्ते रसोई गैस सिलिण्डर बेचने की अनुमति दी जाए अथवा नहीं। इस पैनल में पूर्व पेट्रोलियम सचिव जी. सी. चतुर्वेदी, अर्थशास्त्री किरीट परीख, इंडियन ऑइल के पूर्व चेयरमैन एम. ए. पठान, आईआईएम-अहमदाबाद के निदेशक इरोल डिसूजा तथा पेट्रोलियम मंत्रालय के संयुक्त सचिव शामिल हैं। यह पैनल सभी पहलुओं पर विचार-विमर्श करने के बाद जुलाई के अंत तक सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपेगा। इसके बाद सरकार रसोई गैस सिलिण्डर की बिक्री के क्षेत्र में निजी कंपनियों की भागीदारी के बारे में अपना निर्णय घोषित करेगी।

भारत दुनिया में सर्वाधिक एलपीजी खपत वाला देश

उल्लेखनीय है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज गुजरात के जामनगर में विश्व की सबसे बड़ी रिफाइनरी चलाती है और देश के कई राज्यों में करोड़ों रसोई गैस ग्राहकों को एलपीजी बेचती है। हालाँकि इसके बावजूद देश के कुल एलपीजी ग्राहकों की तुलना में उसके ग्राहकों की संख्या बहुत कम है। भारत दुनिया का दूसरा सबसे अधिक एलपीजी सिलिण्डर उपयोग करने वाला देश है। वर्ष-2018-19 में भारत में 24.9 मिलियन मेट्रिक टन एलपीजी की खपत हुई, जिसमें लगभग आधी अन्य देशों से आयात की गई थी।

अब तक 79.2 प्रतिशत घरों तक पहुँच चुकी एलपीजी

आँकड़ों के अनुसार 2018 की शुरुआत तक देश के 79.2 प्रतिशत घरों तक एलपीजी गैस पहुँच चुकी है। इसमें अप्रैल-2015 से दिसंबर-2017 के बीच 7 करोड़ नये घरों तक एलपीजी ने पहुँच बनाई। अधिक से अधिक घरों तक एलपीजी पहुँचाने में केन्द्र सरकार की उज्जवला योजना का महत्वपूर्ण योगदान रहा। इस योजना के तहत अब तक केन्द्र सरकार ने 6 करोड़ से अधिक परिवारों को एलपीजी कनेक्शन और गैस सिलिण्डर मुफ्त में उपलब्ध कराये।

जियो की तर्ज पर एलपीजी क्षेत्र में क्रांति ला सकती है रिलायंस

माना जा रहा है कि यदि सरकार ने सस्ते रसोई गैस सिलिण्डर की बिक्री में निजी क्षेत्र की भागीदारी के लिये अपनी नीति उदार बनाई तो रिलायंस इंडस्ट्रीज को सबसे पहले अनुमति मिल सकती है। ऐसा हुआ तो अनुमान लगाया जा रहा है कि जैसे रिलायंस ने जियो के माध्यम से मोबाइल और इंटरनेट डेटा के क्षेत्र में क्रांति ला दी है, वैसे ही सस्ते रसोई गैस सिलिण्डर की बिक्री के क्षेत्र में भी वह नई क्रांति ला सकती है। तत्पश्चात एक के बाद एक निजी कंपनियों के इस क्षेत्र में आने से प्रतिस्पर्धा बढ़ सकती है, जिसका ग्राहकों को लाभ होने का अनुमान लगाया जा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed