भ्रष्टाचार पर एक और प्रहार : अब एक देश-एक राशन कार्ड लागू करेगी मोदी सरकार

अहमदाबाद, 28 जून 2019 (युवाप्रेस डॉट कॉम) । मोदी सरकार ने वन नेशन वन टैक्स यानी जीएसटी, वन रैंक वन पेंशन, पूरे देश में एक आधार कार्ड और एक वोटिंग कार्ड व ड्राइविंग लाइसेंस की तर्ज पर अब वन नेशन वन राशन कार्ड की योजना शुरू करने का फैसला किया है। इस योजना से एक ही राशनकार्ड से पूरे देश में किसी भी राशन की दुकान से राशन खरीदा जा सकेगा। अगले एक साल में इस योजना को लागू कर दिया जाएगा। इस योजना से एक से अधिक राशन कार्ड का भ्रष्टाचार दूर होगा तथा मजदूरी के लिये अन्य राज्यों में शिफ्ट होने वाले श्रमिक और गरीब वर्ग के लोग दूसरे राज्यों में भी अपने हक का राशन खरीद सकेंगे। इससे राशन की वितरण प्रणाली में व्याप्त धाँधली और भ्रष्टाचार पर भी लगाम लगेगी।

अब राशन के वितरण में भ्रष्टाचार पर प्रहार करेगी मोदी सरकार

मोदी सरकार 2 ने सत्ता में आने के बाद भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार करने की मुहिम शुरू की है। पहले मोदी सरकार ने सरकारी दफ्तरों में सफेद हाथी बने बैठे कामचोरी करने वाले सरकारी बाबुओं को जबरन सेवानिवृत्त करके उन्हें घर बैठाया। सरकारी दफ्तरों में उच्च अधिकारी स्तर पर इस सफाई के बाद इन्कमटैक्स विभाग में आय से अधिक सम्पत्ति रखने वाले और आर्थिक भ्रष्टाचार के केसों में नामजद अधिकारियों पर कार्यवाही की और अब आम जनता से सीधे तौर पर जुड़े खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग में राशन के भ्रष्टाचार पर ध्यान केन्द्रित किया है। सरकार अब वन नेशन वन कार्ड के नारे के साथ बड़ा कदम उठाने जा रही है। सरकार का मानना है कि इससे न केवल भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी, बल्कि रोजगार व अन्य कारणों से अन्य राज्यों में शिफ्ट होने वाले श्रमिक वर्ग और गरीब वर्ग के लोगों को सब्सिडी वाले राशन से वंचित नहीं रहना पड़ेगा। एक और बड़ा फायदा यह होगा कि एक से अधिक राशन कार्ड रखने की संभावना भी खत्म हो जाएगी।

अब एक से अधिक राशन कार्ड वालों की खैर नहीं

केन्द्रीय खाद्य मंत्री रामविलास पासवान के नेतृत्व में खाद्य सचिवों की बैठक में इस आशय का फैसला लिया गया और इसे तेजी से लागू करने का भी निर्णय किया गया । रामविलास पासवान ने गुरुवार को इसकी घोषणा की । पासवान ने इस फैसले से प्रवासी मजदूरों को सबसे अधिक लाभ मिलने का दावा करते हुए यह भी कहा कि उन्हें पूरी खाद्य सुरक्षा मिलेगी। इससे लाभार्थियों को आज़ादी भी मिलेगी, क्योंकि वह किसी एक पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन शॉप (PDS) से बंधे नहीं होंगे। इससे भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी। केन्द्र सरकार इस लक्ष्य को हासिल करने के लिये सभी राशन कार्ड्स का एक केन्द्रीय डेटाबेस तैयार करेगी, इससे डुप्लीकेट कार्ड्स का सफाया हो जाएगा। खाद्य मंत्रालय के अनुसार इंटिग्रेटेड मैनेजमेंट ऑफ पीडीएस (IMPDS) गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान, हरियाणा, झारखंड, कर्णाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, केरल और त्रिपुरा में पहले से लागू है। इन राज्यों में कोई भी लाभार्थी अपने हिस्से का राशन किसी भी जिले से प्राप्त कर सकता है। केन्द्र सरकार ने गरीब और श्रमिक वर्ग के हित में इस योजना को लागू करने का सभी राज्यों से अनुरोध किया है। तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के लाभार्थी अगले 2 महीने में ही दोनों में से किसी भी राज्य में राशन उठाने की सुविधा प्राप्त कर सकेंगे।

81 करोड़ लोगों में बँटता है 6.12 करोड़ टन अनाज

केन्द्रीय खाद्य मंत्री पासवान के अनुसार अभी भारतीय खाद्य निगम (फूड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया-FCI), केन्द्रीय भंडारण निगम (सेंट्रल वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन-CWC), एकल खिड़की निकासी प्रणाली (सिंगल विण्डो क्लीयरेंस सिस्टम-SWCs) तथा निजी गोदामों में रखे 6.12 करोड़ टन अनाज को हर साल 81 करोड़ लाभार्थियों में बाँटा जा रहा है। पासवान के अनुसार अनाज की खरीद से लेकर इसके वितरण तक पारदर्शी और मजबूत ढाँचे के उपयोग की आवश्यकता है। सरकार का यह फैसला पूरी प्रक्रिया को प्रभावी बनाएगा और साथ ही इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी।

Leave a Reply

You may have missed