पूर्वोत्तर पर फहराया भगवा परचम : मोदी का काम और नाम रंग लाया, 25 में से 22 सीटों पर NDA को बढ़त

अहमदाबाद, 23 मई, 2019। लोकसभा चुनाव 2019 की मतगणना हो रही है। मतगणना के रुझानों में भाजपा और NDA  को स्पष्ट बहुमत से भी बहुत बड़ी जीत हासिल होती दिखाई दे रही है। इस जीत में जहाँ भाजपा के परम्परागत राज्यों का योगदान है, वहीं ओडिशा-पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों ने भी दम लगाया है, परंतु भाजपा-एनडीए की बढ़त के पीछे एक और बड़ा कारण है पूर्वोत्तर के 8 राज्य। पूर्वोत्तर के 8 राज्यों में लोकसभा की कुल 25 सीटें पड़ती हैं, जिनमें से भाजपा-एनडीए को 23 सीटों पर बढ़त मिल रही है।

असम में यूपीए का सफाया

पूर्वोत्तर की बात करें तो यहाँ भी मोदी मेजिक ने कांग्रेस और यूपीए का सफाया कर दिया है। पूर्वोत्तर के 8 राज्यों में लोकसभा की 25 सीटें हैं, जिनमें से 20 सीटों पर भाजपा और एनडीए के प्रत्याशी बढ़त बनाये हुए हैं और कांग्रेस यहाँ 3 सीटों पर ही सिमटती दिखाई दे रही है। पूर्वोत्तर के सबसे बड़े राज्य असम की बात करें तो यहाँ लोकसभा की 14 सीटें हैं, जिनमें से 10 सीटों पर भाजपा अकेले चुनाव लड़ रही है और 9 सीटों पर आगे चल रही है। अन्य 4 सीटें उसने एनडीए के सहयोगी दल असम गण परिषद (AGP) व अन्य दलों को दी हैं। इनमें से भी एक सीट पर एजीपी का प्रत्याशी आगे चल रहा है, इस प्रकार यहाँ कुल 10 सीटों पर एनडीए के प्रत्याशी आगे चल रहे हैं। 2 सीटों पर कांग्रेस तथा एआईयूडीएफ के प्रत्याशी आगे चल रहे हैं।

अरुणाचल में दोहरी जीत

अरुणाचल प्रदेश की दोनों सीटों पर भी भाजपा प्रत्याशी आगे चल रहे हैं। त्रिपुरा की दोनों सीटों पर भी भाजपा प्रत्याशी आगे हैं। मेघालय की दो में से 1 सीट पर भाजपा के सहयोगी एनपीपी प्रत्याशी आगे चल रहा है। मणिपुर की दोनों सीटों पर भी भाजपा और एनडीए के प्रत्याशी आगे चल रहे हैं। मिजोरम तथा नागालैंड की एक-एक सीट पर भी एनडीए प्रत्याशी बढ़त बनाये हुए हैं। सिक्किम में सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा का प्रत्याशी आगे चल रहा है। लोकसभा के साथ ही अरुणाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव भी हुए हैं और भाजपा 60 में से 32 सीटों के प्राप्त रुझानों में 23 सीटों पर बढ़त बना कर बहुमत की ओर अग्रसर हो रही है।

अन्य राज्यों में भी मोदी का जादू

पूर्वोत्तर के आठ राज्यों असम, त्रिपुरा, मेघालय, मिजोरम, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, नगालैण्ड और मणिपुर में लोकसभा की 27 सीटें हैं। 2014 से पहले असम को छोड़कर अन्य 8 राज्यों में भाजपा की उपस्थिति ना के बराबर थी। 2014 में उसने असम की 14 में से 7 और अरुणाचल प्रदेश की 1 सीट सहित 25 में से मात्र 8 सीटें जीती थी। 2019 में भाजपा इन 8 राज्यों की 25 में से 20 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ रही थी। भाजपा ने असम में असम गण परिषद् (अगप-AGP) और बोडो पीपल्स फ्रंट (BPF) के साथ गठबंधन किया था। भाजपा 10 सीटों पर, जबकि शेष चार सीटें एजीपी-बीएफपी के खाते में थीं। भाजपा मणिपुर, अरुणाचल प्रदेश, त्रिपुरा और मेघालय की दो-दो सीटों पर भी अकेले चुनाव लड़ रही थी। जबकि सिक्किम और मिजोरम की एक-एक सीट पर भी पार्टी ने अपने उम्मीदवार उतारे थे। केवल नागालैण्ड की एकमात्र सीट पर भाजपा ने सहयोगी पार्टी एनडीपीपी को समर्थन दिया था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed