GOOD NEWS : आ तो गया मॉनसून, पर मेहर करेगा SOON ?

* मॉनसून पूर्व वर्षा देगी गर्मी से राहत

* गुजरात में भी 15 जून तक हो सकते हैं ‘अमीछाँटणा’ !

अहमदाबाद, 8 जून, 2019 (युवाप्रेस डॉट कॉम)। अब जलती चुभती गरमी से राहत मिल जाएगी, क्योंकि वर्षारानी की सवारी आ पहुँची है। हालाँकि फुहारों की गाड़ी इस बार 8 दिन देरी से आई है, परंतु एक सप्ताह के इंतज़ार के बाद अंततः शनिवार को दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ने केरल में दस्तक दे ही दी। केरल के सभी क्षेत्रों में अच्छी बारिश शुरू हो गई है। देश के कुछ अन्य हिस्सों में भी मॉनसून पूर्व की बारिश से लोगों ने गरमी से राहत महसूस की। देरी से आगमन के कारण मॉनसून की सवारी देश के अन्य हिस्सों में भी देरी से ही पहुँचेगी।

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने शनिवार को केरल में मॉनसून के विधिवत् आगमन की घोषणा की और कहा कि केरल के सभी इलाकों में अच्छी वर्षा हो रही है। मौसम विभाग ने यह भी कहा कि केरल में 8 दिन देरी से मॉनसून के पहुँचने के कारण देश के अन्य हिस्सों में भी यह देरी से ही पहुँचेगा, परंतु देरी का सीज़न की कुल बारिश पर कोई असर नहीं पड़ेगा और इस सीज़न में बारिश सामान्य रहेगी। मौसम विभाग ने सामान्य से कुछ अंश कम यानी देश में 96 प्रतिशत वर्षा होने की संभावना दर्शाई है।

आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्रा के अनुसार मॉनसून का देश में बेसब्री से इंतज़ार किया जा रहा था, क्योंकि इससे पहले भीषण गरमी के कारण लोगों का हाल बेहाल था। इसके अलावा देश का अधिकांश हिस्सा सिंचाई के लिये वर्षा पर ही निर्भर है। सिंचाई के वैकल्पिक साधन न होने के कारण अधिकांश ग्रामीण 4 महीने चलने वाले मॉनसून पर ही निर्भर हैं। पश्चिम और दक्षिण भारत के अधिकांश जलाशयों में पानी का स्तर नीचे पहुँच चुका है।

उल्लेखनीय है कि आईएमडी मॉनसून के दस्तक की घोषणा तब करता है जब केरल के तटीय इलाकों में स्थित उसके 14 स्टेशनों में से कम से कम 60 प्रतिशत में 2.5 मिलीमीटर या उससे अधिक वर्षा होती है अथवा लगातार दो दिन तक वर्षा होती है। मॉनसून की दस्तक की घोषणा में यह स्टेशन सबसे बड़े कारक हैं। इसके अलावा 2 अन्य फैक्टर में पछुआ हवा की गति और लॉन्ग-वेव रेडियेशन भी ध्यान में लिये जाते हैं।

उधर भू-विज्ञान मंत्रालय के सचिव माधवन राजीवन ने ट्वीट करके केरल में मॉनसून के आगमन की जानकारी दी। उन्होंने ट्वीटर पर लिखा कि केरल में अगले 2 से 3 दिन तक औसत से भारी वर्षा होने की संभावना है।

उल्लेखनीय है कि अच्छी वर्षा का देश की अर्थ व्यवस्था पर भी सीधा प्रभाव पड़ता है। क्योंकि देश की जीडीपी में कृषि का बड़ा योगदान है। उत्तर भारत के मैदानी इलाकों, मध्य भारत और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में तापमान 45 डिग्री से ऊपर पहुँच चुका है। राजस्थान के कुछ हिस्सों में तो पारा 50 डिग्री को भी पार कर गया है। ऐसे में मॉनसून के दस्तक देने से लोगों को शीघ्र ही चढ़ते पारे से राहत मिलने की उम्मीद बन गई है।

मॉनसून केरल से कर्णाटक और महाराष्ट्र होते हुए पश्चिम भारत के गुजरात और राजस्थान पहुंचता है, यहाँ से होते हुए दिल्ली पहुँचता है। 8 दिन की देरी के कारण गुजरात में मॉनसून 15 जून के आसपास पहुँचने की संभावना है। इसी प्रकार दिल्ली में सामान्यतः 29 जून को मॉनसून दस्तक देता है, परंतु इस बार राजधानी तक पहुँचने में मॉनसून और 2 से 3 दिन ले सकता है। हालाँकि निजी एजेंसी स्काइमेट के अनुसार यह देरी कम से कम एक सप्ताह भी हो सकती है। एजेंसी ने दिल्ली शहर में मॉनसून सामान्य रहने की भी उम्मीद जताई है। इसी प्रकार उत्तर-पश्चिम भारत में भी मॉनसून सामान्य रहने की संभावना है।

ज्ञातव्य है कि इस साल मेन लैंड पर दस्तक से पहले मॉनसून ने 18 मई को साउथ अंडमान में दस्तक दी थी। आईएमडी ने पिछले महीने कहा था कि यह केरल में लगभग 6 दिन देरी से यानी लगभग 6 जून को पहुँचेगा। हालाँकि मॉनसून की स्थिति संकेत दे रही थी कि इतनी शीघ्र मॉनसून नहीं पहुँचेगा और वही हुआ, मॉनसून 8 जून को केरल पहुँचा है।

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