बड़ा भाई उस पार्टी को VOTE देगा, जो छोटे भाई पर बरसा रही है गालियाँ, क्या यह VIDEO देखने के बाद भी राहुल कहेंगे ‘मोदी केवल उद्योगपतियों के चौकीदार हैं’ ?

भारतीय लोकतंत्र और संविधान की विशेषता को आज प्रणाम करने का मन कर रहा है, क्योंकि ये हमें अभिव्यक्ति की पूरी स्वतंत्रता देते हैं। ऐसे लोकतंत्र में ही यह संभव होता है, जब बड़ा भाई इस बात को लेकर किसी पार्टी या व्यक्ति पर द्वेष नहीं रखता कि उसके छोटे भाई पर वह पार्टी या उसका नेता लगातार गालियाँ दे रहा है। हम जो घटना आपको बताने जा रहे हैं, उससे यह भी सीख मिलती है कि लोकतंत्र में प्रत्येक व्यक्ति को अपनी स्वतंत्र मति से मताधिकार का प्रयोग करना चाहिए।

हम जिस बड़े भाई की बात कर रहे हैं, वे हैं भारत के सबसे अमीर उद्योगपति मुकेश अंबाणी। हम जिस पार्टी की बात कर रहे हैं, वह है कांग्रेस। हम जिस नेता की बात कर रहे हैं, वे हैं राहुल गांधी। हम जिस छोटे भाई की बात कर रहे हैं, वे हैं अनिल अंबाणी। भारतीय लोकतंत्र की महानता के आगे नत मस्तक होने को मन इसलिए नहीं कर रहा है, क्योंकि मुकेश अंबाणी ने कांग्रेस को वोट देने की घोषणा की है, अपितु इसलिए कर रहा है, क्योंकि कांग्रेस के अध्यक्ष राहुल गांधी राफेल डील में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से अनिल अंबाणी को 30 हजार करोड़ रुपए का फायदा पहुँचाने का लगातार आरोप लगा रहे हैं और राहुल की चपेट में अनिल अंबाणी भी हैं। इसके बावजूद बड़े भाई मुकेश उस पार्टी को वोट देने जा रहे हैं, जिसके अध्यक्ष राहुल गांधी उनके छोटे भाई अनिल को दिन-रात गालियाँ देने की मानसिकता से ग्रस्त हो चुके हैं।

मुकेश का वोट देवड़ा को या कांग्रेस-राहुल को ?

दक्षिण मुंबई से कांग्रेस प्रत्याशी मिलिंद देवड़ा ने एक TWEET कर एक वीडियो शेयर किया है। देवड़ा के ट्विटर पर #MumbaiKaConnection हैशटैग के साथ शेयर किए गए इस 2.17 मिनट के वीडियो में जिन उद्योगपतियों को राहुल दिन-रात कोसते हैं, उनमें से मुकेश अंबाणी, कोटक महिंद्रा ग्रुप के अध्यक्ष उदय कोटक और टॉगलहेड प्राइवेट लिमिटेड कृष रामनानी जैसी हस्तियाँ कुछ कह रही हैं, परंतु महत्वपूर्ण बात यह है कि वीडियो में मुकेश अंबाणी कह रहे हैं, ‘दक्षिण मुंबई के लिए मिलिंद ही सबसे उपयुक्त व्यक्ति हैं। 10 साल तक प्रतिनिधित्व करने वाले मिलिंद को क्षेत्र के सामाजिक, आर्थिक व सांस्कृतिक माहौल का ज्ञान है। मुंबई में सूक्ष्म-उद्यम और बड़े व्यवसाय दोनों पनप सकते हैं, ताकि हमारे प्रतिभाशाली युवा महिलाओं और पुरुषों के लिए आकर्षक, नए रोजगार के अवसर पैदा हो सकें।’ इस वीडियो से स्पष्ट है कि मुकेश अंबाणी अपने लोकसभा क्षेत्र के सांसद देवड़ा के कार्यों से संतुष्ट हैं और कदाचित अपना वोट वे देवड़ा को ही देंगे।

क्या बदलेगी राहुल की मानसिकता ?

अपनी ही पार्टी के एक नेता और उम्मीदवार की ओर से ट्वीट किए गए इस वीडियो को देखने के बाद क्या राहुल गांधी की यह सोच और मानसिकता बदलेगी कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश के केवल चार-पाँच बड़े उद्योगपतियों की चौकीदारी करते हैं ? क्या मुकेश के इस वक्तव्य को सुनने के बाद राहुल की आँखें खुलेंगी कि लोकतंत्र का यह मतलब नहीं है कि आप बिना सबूत किसी पर भी गालियों की बौछार करते रहें ? क्या राहुल शब्दों की मर्यादा समझेंगे ? छोटे भाई को अनिल अंबाणी को गालियाँ देने के बावजूद बड़े बड़ा दिल रखते हुए मुकेश ने राहुल ही पार्टी के नेता को वोट देने का निर्णय किया है। क्या राहुल मुकेश से राजनीति में छोटी सोच नहीं, बड़ा दिल रखने का सबक सीखेंगे ?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed