एक ‘चोर’ के दम पर EVM को ग़लत साबित करने दिल्ली पहुँचे नायडू यूँ बेआबरू होकर लौटे हैदराबाद : सबक लेंगे राहुल, अखिलेश और मायावती ?

विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत में मतदान के लिए पिछले 37 वर्षों से उपयोग की जा रही इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) पर हजारों बार सवाल उठाए जाते रहे हैं। हर हारने वाला राजनीतिक दल, उसके नेता और उम्मीदवार अपनी हार का सीधा और सरल दोष ईवीएम पर लगा देता है। आश्चर्य की बात यह है कि ईवीएम पर सवाल उठाने का यह काम केवल एक पार्टी को छोड़ कर कांग्रेस सहित देश की लगभग सभी राजनीतिक पार्टियाँ कर चुकी हैं। जिस पार्टी ने ईवीएम पर कभी सवाल नहीं उठाया, उसका नाम है भारतीय जनता पार्टी (भाजपा-BJP)। ऐसा नहीं है कि यह पार्टी या उसका कोई उम्मीदवार चुनाव नहीं हारता, परंतु हार के बावजूद भाजपा ने कभी ईवीएम की विश्वसनीयता पर सवाल नहीं खड़े किए।

ईवीएम पर सवाल उठाने वालों की सूची में देश के बड़े-बड़े दिग्गज नेताओं के नाम शामिल हैं। इनमें सबसे पहला नाम आता है लोकसभा चुनाव 2019 में चुनाव जीत कर देश में सरकार बनाने का सपना देख रहे राजनीतिक दल कांग्रेस और उसके अध्यक्ष राहुल गांधी का। कांग्रेस ने तो ईवीएम को लेकर अमेरिका तक बखेड़ा किया, जहाँ उसके नेता कपिल सिब्बल मौजूद थे। इसके अलावा कांग्रेस के कई दिग्गज नेता, समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव, बहुजन समाज पार्टी की नेता मायावती हैं। मायावती ने तो गत 11 अप्रैल को हुए पहले चरण के मतदान के दौरान भी ईवीएम के जरिए भाजपा पर धांधली करने का आरोप लगाने में देर नहीं की।

‘दूध का दूध और पानी का पानी’ करने दिल्ली पहुँचे नायडू

ईवीएम पर सवाल उठाने वालों की इस सूची में एक नया नाम जुड़ा है आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू का। तेलुगू देशम् पार्टी (TDP) के सुप्रीमो नायडू ने भी पहले चरण के मतदान में ईवीएम में गड़बड़ी को लेकर हंगामा मचाया और अपने इस दावे को साबित करने के लिए एक एक्सपर्ट के सहारे चुनाव आयोग (EC) से शिकायत की। ईसी ने उस एक्सपर्ट का नाम और विवरण की जानकारी नायडू से पहले ही हासिल कर ली और फिर प्रतिनिधिमंडल के साथ शिकायत करने आने के लिए कहा। नायडू अपने दावे को सही साबित करने के लिए टीडीपी लीगल सेल के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ ईसी पहुँचे। नायडू ने एक चतुराई यह भी दिखाई कि प्रतिनिधिमंडल में उस एक्सपर्ट को भी शामिल कर लिया। हैदराबाद से ईवीएम पर धब्बा लगाने के पक्के इरादे से दिल्ली आए नायडू को लग रहा था कि वे इस एक्सपर्ट के सहारे चुनाव आयोग (EC) के सामने ईवीएम का दूध का दूध और पानी का पानी कर देंगे।

नायडू का ईवीएम एक्सपर्ट निकला चोर

चंद्रबाबू नायडू ने ईसी से ईवीएम में गड़बड़ी की शिकायत अपने जिस एक्सपर्ट के दम पर की थी, ईसी ने नायडू के प्रतिनिधिमंडल के आने से पहले उस एक्सपर्ट का इतिहास खंगाल डाला और उसका पर्दाफाश हो गया। ईसी की पड़ताल में पता चला कि यह ईवीएम एक्सपर्ट कोई और नहीं, अपितु हैदराबाद निवासी रिसर्चर हरि प्रसाद है, जिसे 2010 में ईवीएम चोरी करने के एक मामले में गिरफ्तार किया गया था। ईसी की प्राथमिक जाँच में पता चला कि हरि प्रसाद वही व्यक्ति है, जो हमेशा से दावा करता रहा है कि ईवीएम में आसानी से गड़बड़ी की जा सकती है। अपने इसी दावे को साबित करने के लिए उसने एक विदेशी एक्सपर्ट की मदद से 2010 में एक ईवीएम चुराई थी।

बेआबरू हुए लौटे नायडू, बोनस में मिली फटकार

ईसी को लगा था कि नायडू के प्रतिनिधिमंडल में टीडीपी लीगल सेल के नेता ही होंगे, परंतु जब ईसी अधिकारियों ने प्रतिनिधिमंडल में हरि प्रसाद को भी देखा, तो ईसी का संदेह विश्वास में बदल गया। जैसे ही टीडीपी प्रतिनिधिमंडल चुनाव उपायुक्त सुदीप जैन के कार्यालय पहुँचा, ईसी अधिकारियों ने हरि प्रसाद का आपराधिक रिकॉर्ड सामने रख दिया। फिर क्या था ? नायडू और टीडीपी प्रतिनिधिंडल के सदस्य भौंचक्के रह गए। इसके बाद नायडू अपने एक्सपर्ट हरि प्रसाद और पूरे प्रतिनिधिमंडल के साथ के साथ सुदीप जैन के कार्यालय से बाहर निकल गए और बेआबरू होकर हैदराबाद रवाना हो गए। इस घटनाक्रम से नायडू बेआबरू हुए, तो उन्हें बोनस में ईसी की फटकार भी मिली। ईसी ने टीडीपी प्रतिनिधिमंडल के जाने के तुरंत बाद टीडीपी लीगल सेल के अध्यक्ष को कड़क शब्दों में पत्र लिखा और पूछा, ‘आखिर नायडू के साथ आए प्रतिनिधिमंडल में एक आपराधिक पृष्ठभूमि वाले कथित एक्सपर्ट को जगह कैसे मिली ?’

कई बार मुँह की खा चुका है एक्सपर्ट

ईवीए में गड़बड़ी की जा सकने के अपने दावे को सही साबित करने की कोशिश में यह हरि प्रसाद कई बार मुँह की खा चुका है। वह 2009 से ईवीएम पर सवाल उठाता रहा है। चुनाव आयोग ने 2009 में हैकथॉन कार्यक्रम आयोजित किया था, उसमें भी हरि प्रसाद ने भाग लिया, परंतु वह यह सिद्ध नहीं कर सका की ईवीएम को हैक या टैंपर किया जा सकता है। 2010 में हरि प्रसाद को ईवीएम की चोरी के आरोप में गिरफ्तार किया गया। फिलहाल वह जमानत पर है।

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