नरेन्द्र मोदी : ‘देशी’ चुभो रहे हैं शूल, विदेशी बरसा रहे हैं फूल !

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का देश में भले ही उनके राजनीतिक विरोधी उनका विरोध करने में जुटे हों और उन्हें विरोध के ‘शूल’ चुभो रहे हों, परंतु मोदी के मुरीद लोगों के लिये अच्छी खबर यह है कि विदेशों में पीएम मोदी पर प्रशंसा के पुष्प बरस रहे हैं। दुनिया के ताकतवर देश अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया और जापान ही नहीं, भारत का प्रतिद्वंद्वी चीन भी प्रधानमंत्री मोदी का लोहा मानता है।

पीएम मोदी हैं भारत के मास्टर कार्ड

मास्टर कार्ड के सह-अध्यक्ष एशिया पैसिफिक एरी सरकार ने मोदी सरकार की प्रशंसा करते हुए कहा है कि पिछले पाँच वर्ष में भारत ने श्रेष्ठ प्रगति की है। भारतीय अर्थव्यवस्था ने इस कार्यकाल में तेजी से प्रगति की है और आने वाले समय में भी यह और तेज होने वाली है। एरी सरकार ने कहा कि इस दौरान भारत में GST, IBC और बैंक बैलेंस शीट की क्लीयरेंस सहित बड़े संरचनात्मक परिवर्तन हुए हैं। इससे पारदर्शिता बढ़ी है और अर्थव्यवस्था को गति मिली है। एरी सरकार ने कहा कि यदि लोकसभा चुनाव-2019 में खंडित जनादेश आता है तो इसका अर्थव्यवस्था पर विपरीत असर पड़ सकता है।

ट्रंप ने मोदी को बताया सच्चा मित्र

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कई अवसरों पर भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रशंसा कर चुके हैं। वर्ष 2016 के जून में ट्रंप के अमेरिका के राष्ट्रपति बनने के बाद पीएम मोदी ने अमेरिका की यात्रा की थी। इस दौरान दोनों नेताओं की मुलाकात हुई और दोनों ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की। इसमें ट्रंप ने मोदी को अपना सच्चा मित्र बताते हुए कहा था कि भारत अमेरिका मिलकर आतंकवाद से लड़ेंगे। उन्होंने अफगानिस्तान में भारत के सहयोग के लिये पीएम मोदी का धन्यवाद भी किया था। उन्होंने भी कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत का शानदार विकास हुआ है और वह देश की प्रगति के लिये अच्छा काम कर रहे हैं।

ओबामा की दृष्टि में मोदी कड़े फैसले लेने में सक्षम

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के साथ भी पीएम मोदी के अच्छे सम्बंध रहे हैं। ओबामा का कहना है कि पीएम मोदी विकास के मार्ग में रोड़ा बनने वाले मुद्दों को सुलझाने के लिये तुरंत तैयार हो जाते हैं। उन्होंने मोदी को कड़े फैसले लेने में समर्थ राजनेता बताते हुए उनकी प्रशंसा की और कहा कि मोदी के पास अपने देश के लिये सही विजन है। उनका विजन साफ है और उनकी ऊर्जा प्रभावित करने वाली है। पीएम मोदी ने 2015 में गणतंत्र दिवस समारोह में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति ओबामा को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया था।

पहली बार जनता को समर्पित सरकार

अमेरिका के एकाउंट्स के एक प्रोफेसर ने US के CFA एसोसिएशन में भारत के पीएम नरेन्द्र मोदी के बारे में कहा कि भारत में पहली ऐसी ईमानदार सरकार बनी है, जो भ्रष्टाचार में लिप्त नहीं है, बल्कि भ्रष्टाचार के सख्त खिलाफ है और गंभीरता से देश के लोगों की भलाई के लिये काम कर रही है। प्रोफेसर ने आगे कहा कि भारत को लंबे समय से ऐसे सशक्त नेतृत्व की आवश्यकता थी और पहली बार उसे मोदी के रूप में एक मेहनती और ईमानदार नेता मिला है। उनकी सरकार और पार्टी वास्तव में जनता के लिये काम कर रही है। प्रोफेसर ने कहा कि राजनीतिक विरोध के बीच मोदी के नेतृत्व में भारतीय अर्थव्यवस्था ने न सिर्फ प्रगति की बल्कि एशिया की एक प्रमुख इकोनॉमी बन गई है।

भारत भाग्यशाली कि उसके पास हैं मोदी

ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री डेविड कैमरून ने भी भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रशंसा करते हुए कहा है कि भारत भाग्यशाली है कि उसे पीएम मोदी के रूप में स्पष्ट दृष्टि वाला नेतृत्व मिला है। जब मैं मोदी से मिला तो मैंने देखा कि उनके पास दीर्घकालिक विजन है, समस्याओं को लेकर वह गहरी सोच रखते हैं। उन्होंने कहा कि भारत अब दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक बन गया है, यह भी मोदी के विजन को ही आभारी है।

पीएम मोदी बहुत बुद्धिमान व्यक्ति

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके विचार में आज़ादी और व्यक्तिगत दर्शन के साथ पीएम मोदी बहुत बुद्धिमान व्यक्ति हैं। वह भारत की संप्रभुता के साथ बहुत घनिष्ठ हैं, जैसे कि मैं अपने देश की संप्रभुता के साथ हूँ। उन्होंने कहा कि वह पीएम मोदी के विजन, विशेषतः जलवायु परिवर्तन के प्रति उनकी प्रतिबद्धता से प्रभावित हैं।

इससे पहले फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद ने कहा था कि वह पीएम मोदी के दृढ़ निश्चय और कूटनीतिक सूझबूझ का कायल हूँ। पीएम मोदी ने क्लाइमेट चेंज कॉन्फ्रेंस में दुनिया को नई राह दिखाकर अहम भूमिका निभाई है।

पीएम मोदी के विचारों से प्रभावित जर्मनी

जर्मनी की चांसलर एंजला मर्केल भी मोदी की मुरीद हैं। उनका कहना है कि वह मोदी के विचारों से काफी प्रभावित हैं। उन्होंने पीएम मोदी के जर्मनी दौरे में उन्हें निजी भोज पर भी आमंत्रित किया था। ब्रैंडनबर्ग में स्थित 18वीं सदी के पैलेस शलॉस मीजेबर्ग के बाग में भोज से पहले दोनों नेता टहलते नज़र आये थे और इस दौरान उन्होंने कई मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान भी किया था।

शी जिनपिंग भी मोदी की बौद्धिक ताकत से वाकिफ

भारत का पड़ोसी देश और प्रतिद्वंद्वी चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी भारतीय पीएम नरेन्द्र मोदी की बौद्धिक ताकत से वाकिफ और प्रभावित हैं। कई मौकों पर वह पीएम मोदी की प्रशंसा कर चुके हैं और देश ही नहीं बल्कि वैश्विक मुद्दों पर मोदी के विचारों से सहमति दर्शा चुके हैं।

इनके अलावा जापान, सऊदी अरब, दक्षिण कोरिया, इजराइल, ऑस्ट्रेलिया, फिलिस्तीन, नीदरलैंड, अफगानिस्तान, भूटान जैसे देशों के मुखिया भी मोदी की प्रशंसा में कसीदे पढ़ रहे हैं। वहीं संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका की राजदूत निक्की हेली ने तो यहाँ तक कहा कि भारतीय पीएम मोदी के आर्थिक और प्रशासनिक सुधारों को देखते हुए ट्रंप प्रशासन भी अमेरिका में ऐसे ही सुधारवादी कदम उठा रहा है। इससे जाहिर है कि पीएम मोदी भारत के लिये कितने सक्षम और सशक्त नेता और नेतृत्वकर्ता हैं।

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