रोजगार का बेहतर विकल्प बन सकता है नेटवर्क मार्केटिंग : कम लागत में कमाया जा सकता है तगड़ा मुनाफा

रिपोर्ट : विनीत दुबे

अहमदाबाद, 28 जुलाई 2019 (युवाPRESS)। लगभग 132 करोड़ की आबादी वाले विशाल भारत देश में बेरोजगारी की समस्या काफी जटिल समस्या बनती जा रही है। भारत सबसे युवा आबादी वाला देश है और युवाओं का एक बड़ा वर्ग बेरोजगारी की समस्या से परेशान है। बेरोजगारी का आलम यह है कि शिक्षित युवा जॉब के लिये विभिन्न शहरों और विदेशों का रुख कर रहे हैं, जबकि जॉब नहीं मिलने की सूरत में एक बड़ा युवा वर्ग नशा और अपराधों की दिशा में आगे बढ़ रहा है। पैसा कमाने की आपाधापी में युवा चोरी, लूट, गबन, ठगी और धोखाधड़ी जैसे आर्थिक अपराधों में पैंतरे आजमाने लगे हैं, जो देश के भविष्य के लिये घातक है। वैसे तो सरकार अपने स्तर पर बेरोजगार युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिये हर संभव प्रयास कर रही है, परंतु युवाओं को भी विश्व स्तरीय बाजार में अपने योग्य काम तलाश करने की मेहनत करनी चाहिये। नेटवर्क मार्केटिंग भी एक ऐसा माध्यम बन सकता है, जो काफी हद तक बेरोजगारी की गंभीर समस्या को हल करने में अपनी अहम भूमिका निभा सकता है। जरूरत है इसे प्रामाणिकता से अपनाने की और प्रमोट करने की।

क्या है नेटवर्क मार्केटिंग ?

नेटवर्क मार्केटिंग या (MLM) एक सोचा-समझा बिज़नेस प्लान या माध्यम होता है, जिससे व्यक्ति सीधे तौर पर प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनियों और ग्राहकों के बीच में माध्यम बनता है। दूसरे शब्दों में कहें तो नेटवर्क मार्केटिंग कंपनियाँ विविध प्रकार के प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनियों के प्रोडक्ट को ग्राहकों तक पहुँचाने का काम करती हैं और इस तरह वह तगड़ी कमाई करती हैं।

अमेरिका, चीन, जापान, फ्रांस सहित विदेशों में नेटवर्क मार्केटिंग का बिज़नेस खूब फला-फूला है। इस मामले में भारत काफी पीछे है। मात्र 32 करोड़ की आबादी वाले देश अमेरिका में नेटवर्क मार्केटिंग के बिज़नेस का वार्षिक टर्न ओवर लगभग 2,12,550 करोड़ रुपये है, जिसकी तुलना में 132 करोड़ की आबादी वाले भारत में नेटवर्क मार्केटिंग कंपनियों का वार्षिक टर्न ओवर मात्र 7,800 करोड़ रुपये है।

इससे समझा जा सकता है कि यदि भारत में इस बिज़नेस या उद्योग को अच्छी तरह से प्रमोट किया जाए तो यह बिज़नेस युवाओं को रोजगार के साथ-साथ उज्जवल भविष्य देने में मददगार साबित हो सकता है। इससे सरकार के कंधों से भी बेरोजगारी का भार कम किया जा सकता है। इसके लिये सरकार को भी कुछ महत्वपूर्ण कदम उठाने की जरूरत है।

धोखाधड़ी करने वाली कंपनियों पर सरकार कसे शिकंजा

network marketing frauds in india

हमारे देश में भी नेटवर्क मार्केटिंग कंपनियाँ हैं, परंतु बहुत कम ऐसी स्वदेशी कंपनियाँ हैं, जो अच्छा काम करती हैं। समस्या यह है कि जो कंपनियाँ अच्छा काम करती हैं, उनकी नकल करने वाली फर्जी कंपनियाँ खुल जाती हैं, जिनका मकसद अच्छी कंपनियों के प्रोडक्ट के नाम पर ग्राहकों को नकली सामान थमाकर उनके साथ ठगी और धोखाधड़ी करना होता है। ऐसी अवसरवादी कंपनियाँ लाभ कमाने के बाद बंद हो जाती हैं और ग्राहक स्वयं को ठगा-सा महसूस करता है, जिसके कारण वह अच्छी कंपनियों पर भी जल्दी भरोसा नहीं कर पाता है। दूसरी तरफ अवसरवादी कंपनियों के बंद हो जाने से उनमें काम करने वाला स्टाफ भी हताश हो जाता है और जब वह अच्छी कंपनी में जुड़ता है, तो उस पर भी पूरी तरह से भरोसा नहीं कर पाता है। इसलिये सरकार को चाहिये कि वह फर्जी नेटवर्क मार्केटिंग कंपनियों की नकेल कसे और अच्छी कंपनियों को प्रोत्साहित करे। भारत में अच्छी स्वदेशी नेटवर्क कंपनियाँ होने के बावजूद विदेशी नेटवर्क मार्केटिंग कंपनियाँ ज्यादा सफल हो रही हैं, क्योंकि एक तो वह अच्छा प्रोडक्ट दे रही हैं और दूसरा कि उनके साथ जुड़ने वाला स्टाफ भी स्थायित्व का अनुभव करता है।

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