NO COMPROMISE ON CORRUPTION : ‘बड़ा बुके’ भी नहीं बचा सका इस वरिष्ठ कस्टम अधिकारी को, मोदी सरकार ने बैठा दिया घर !

* मोदी सरकार का ‘निर्मल’ अभियान

* मंत्री के स्वागत के बदले में मिला CR

* चापलूसी का पुराना पैंतरा हुआ नाकाम

रिपोर्ट : कन्हैया कोष्टी

अहमदाबाद, 19 जून, 2019 (युवाप्रेस.कॉम)। कहते हैं अच्छा शासक वही हो सकता है, जिसका प्रशासन पर नियंत्रण हो। नरेन्द्र मोदी की गणना ऐसे ही शासकों में होती है, जिन्होंने 7 अक्टूबर, 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री का पद संभालने के बाद ही अपने इस सद्गुण से पूरे गुजरात को परिचित कराया। तेरह वर्षों तक प्रशासन पर अच्छी पकड़ के चलते वे गुजरात को विकास की नई ऊँचाई पर ले जा सके और उसी विकास मॉडेल के आधार पर मोदी देश के प्रधानमंत्री पद पर भी पहुँचने में सफल रहे।

नरेन्द्र मोदी ने प्रधानमंत्री के रूप में अपने पहले कार्यकाल से ही शासन-प्रशासन दोनों पर ऐसी मजबूत पकड़ जमाई कि पाँच वर्षों के शासनकाल में भ्रष्टाचार सहित कोई दाग नहीं लगा। अब दूसरे कार्यकाल में भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अच्छे शासन के लिए स्वच्छ प्रशासन पर विशेष भार दिया है और इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए नियम 56 का उपयोग आरंभ किया है। डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनल एण्ड एडमिनिस्ट्रेटिव रिफॉर्म्स के इस नियम 56 के तहत सबसे पहले वित्त मंत्रालय की सफाई शुरू की गई है। इस नियम के तहत सरकार ऐसे अधिकारियों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति (CR) दे देती है, जो कथित रूप से भ्रष्ट, निकम्मे, नाकार और सरकार पर बोझ समान होते हैं। मोदी सरकार 2 में वित्त मंत्री बनाई गईं निर्मला सीतारमन ने सबसे पहले नियम 56 का उपयोग करते हुए 12 अधिकारियों को सीआर दे दिया, वहीं 18 जून मंगलवार को और 15 अधिकारियों को नियम 56 के तहत जबरन सेवानिवृत्ति देकर घर का रास्ता दिखा दिया गया।

बड़े बुके से किया था नई वित्त मंत्री का स्वागत-सत्कार

अक्सर नई सरकार बनने के बाद नौकरशाह यानी ब्यूरोक्रेसी के लोग अपने विभाग के मंत्रियों को खुश रखने के अदृश्य उद्देश्य से औपचारिक स्वागत-सत्कार का काम करते हैं। कुछ ऐसा ही कारनामा अनूप श्रीवास्तव ने भी किया, जो 18 जून, 2019 से पहले तक केन्द्र सरकार के अधिकारी थे। वित्त मंत्रालय के अधीनस्थ आयकर (IT) विभाग में केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड और कस्टम में प्रधान आयुक्त (PC) डॉ. अनूप श्रीवास्तव उन 15 अधिकारियों में शामिल हैं, जिन्हें मंगलवार को नियम 56 के तहत सीआर दे दिया गया। डॉ. अनूप श्रीवास्तव भारतीय राजस्व सेवा (कस्टम्स तथा आईटी एसोसिएशन) अर्थात् IRS (CUSTOMS & IT) ASSOCIATION के अध्यक्ष हैं। ये वही अनूप हैं, जिन्होंने अभी गत 3 जून, 2019 को ही नई वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन का बड़ा बुके देकर स्वागत-सत्कार किया था। इतना ही नहीं, एसोसिएशन के ट्विटर हैण्डल पर तसवीर भी पोस्ट की गई थी और लिखा गया था, ‘एसोसिएशन के अध्यक्ष और सदस्यों ने माननीय वित्त और कॉरपोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमन का स्वागत किया और माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सक्षम नेतृत्व में एक मजबूत और विकसित भारत के निर्माण के लिए पूर्ण समर्थन दिया।’

सपने में भी नहीं सोचा होगा अनूप ने

डॉ. अनूप श्रीवास्तव जब 3 जून को नई वित्त मंत्री का उत्साहपूर्वक स्वागत-सत्कार कर रहे थे, तब उन्होंने सपने में भी नहीं सोचा होगा कि 15 दिनों बाद वे सरकारी नौकरी से बेदखल कर दिए गए जाएँगे। अनूप की चतुराई से न तो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और न ही वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन प्रभावित हुए और बड़ा बुके भी अनूप श्रीवास्तव को नियम 56 व सीआर से बचा नहीं पाया। यद्यपि अनिवार्य सेवानिवृत्त कर दिए गए अनूप श्रीवास्तव अपने विरुद्ध हुई इस कार्रवाई को अनुचित ठहराते हैं। भ्रष्टाचार के आरोपों पर अनूप का कहना है कि न्यायलय की ओर से उन्हें बरी किया जा चुका है। उल्लेखनीय है कि अनूप श्रीवास्तव के विरुद्ध 1996 में केन्द्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई-CBI) ने भ्रष्टाचार के मामले में केस दर्ज किया था। ज़मीन की NOC के एवज़ में कथित रूप से बिल्डिंग-सोसाइटी को फायदा पहुँचाने के आरोप में सीबीआई उनके विरुद्ध कार्रवाई कर चुकी है।

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