अब बिहार के कैमूर में मनचलों पर गाज बन कर टूटेगा शेरनी स्क्वॉड

रिपोर्ट : तारिणी मोदी

अहमदाबाद, 4 नवंबर, 2019 (युवाPRESS)। महिला सुरक्षा को लेकर सरकार नित नये तरीके अपना रही है। महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बिहार के कैमूर में भी एक नई क्रांति का शुभारंभ हुआ है। लगभग 3,40,447 हेक्टेयर क्षेत्र में बसे कैमूर या भभुआ (Kaimur or Bhabhua) जिले में 1,700 गाँव, 2 नगर परिषद और 17 पुलिस थाने हैं। भौगोलिक दृष्टि से जिले को दो भागों पहाड़ी क्षेत्र और मैदानी क्षेत्र में बाँटा गया है। अधिक संख्या में पुलिस थाने होने के बावजूद कैमूर में आए दिन महिलाओं से छेड़खानी के मामले बढ़ रहे थे। ऐसी घटनाओं को कम करने और अपराधियों पर नकेल कसने के लिए जिला पुलिस ने महिलाओं की एक विशेष टीम का गठन किया है। इसका नाम है शेरनी दल या शेरनी स्क्वॉड।

स्वतंत्रता संग्राम में योगदान दे चुका है कैमूर

कभी भारत को स्वतंत्र कराने में अग्र रहने वाले कैमूर जिले के लोग ही अब अपराध, महिलाओं से छेड़खानी और दुष्कर्म कर अपनी पावन धरती को अपवित्र कर रहे हैं। 1857 में कुंवर सिंह के कार्यकाल में हुए ऐतिहासिक विद्रोह का इस जिले में भी गहरा असर पड़ा था, जिसके परिणाम स्वरूप स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान इस जिले ने भारत की स्वतंत्रता में बड़ा योगदान दिया था। वर्ष 1972 में बिहार के रोहतास जिले को पुराने शाहबाद जिले से अलग किया गया था और 1991 में कैमूर जिले को रोहतास से अलग करके गठित किया गया था। अपराध के मामलों में जनवरी से जून-2019 के दौरान कैमूर में रेप के 15 और छेड़छाड़ के 42 मामले दर्ज किए गए। इसके बाद कुछ लड़कियों के अभिभावकों ने पुलिस से गुहार लगाई थी कि उन्हें सुरक्षा मुहैया कराई जाए, जिसको ध्यान में रखते हुए जिला पुलिस ने 22 अक्टूबर, 2019 को ऐसी घटनाओं को कम करने और अपराधियों पर नकेल कसने के लिए महिलाओं की विशेष टीम का गठन किया और इसका नाम शेरनी दल या शेरनी स्क्वॉड रखा है।

शेरनी दल में है मार्शल आर्ट महिला पुलिस

इस शेरनी दल (Sherni Squad) में 25 से 30 वर्ष की 30 महिला पुलिसकर्मियों को शामिल किया गया है, जिन्होंने मार्शल आर्ट का विशेष प्रशिक्षण लिया हुआ है। यह महिला पुलिस दल महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों को कम करने में मील का पत्थर साबित हो रहा है। इस स्क्वॉड की महिला पुलिस सार्वजनिक स्थानों पर सादे कपड़ों में पैट्रोलिंग करके मनचलों पर कड़ी नज़र रख रही है।

शेरनी दल ने अपराधों पर लगाया ब्रेक

माना जा रहा है कि, महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती से अपराध तो कम हुए ही, साथ ही जो महिलाएँ शिकायत दर्ज कराने से झिझकती थीं, वे भी अब महिला पुलिसकर्मियों से अपनी शिकायत कर सकेंगी। इस दल के गठन के पहले ही दिन महिला पुलिसकर्मियों ने 3 लोगों को लड़कियों से छेड़छाड़ करते हुए पकड़ा, इसके बाद उनके अभिभावकों को बुलाया और मनचलों से लिखित में माफी मँगवाई। मनचलों ने दोबारा ऐसा नहीं करने का आश्वासन भी दिया।

उल्लेखनीय है कि देश के अन्य शहरों में भी महिला पुलिस अधिकारियों की विशेष टीमें बनाई गई हैं। अगस्त में दिल्ली पुलिस ने बाइक, वायरलेस सेट, सुरक्षा दल के साथ एक महिला पेट्रोलिंग स्क्वॉड (Female Patrolling Squad) गठित किया था। जयपुर में भी मनचलों को पकड़ने के लिए निर्भया स्क्वॉड (Nirbhaya Squad) बनाया गया है।

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