Howdy Modi : विश्व इतिहास में आज ‘वह’ होगा, जो पहले कभी नहीं हुआ

फ्रांस में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प। (फाइल चित्र)

फ्रांस में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प। (फाइल चित्र)

* मोदी के साथ पहली बार कोई सार्वजनिक मंच साझा करेंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

रिपोर्ट : कन्हैया कोष्टी

अहमदाबाद 22 सितंबर, 2019 (युवाPRESS)। 22 सितंबर, 2019 शनिवार यानी आज विश्व में एक ऐतिहासिक घटना घटने जा रही है। आज कुछ ‘ऐसा’ होगा, जो विश्व के इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ। 22 सितंबर, 2019 रविवार को पूरी दुनिया विश्व के दो ऐसे शक्तिशाली नेताओं को एक मंच पर देखेगी, जिनमें एक सबसे बड़े लोकतंत्र का, तो दूसरा सबसे पुराने लोकतंत्र का प्रतिनिधि होगा।

जी हाँ, इन दो महाशक्तियों का नाम है भारत और अमेरिका। 22 सितंबर, 2019 को अमेरिका के ह्यूस्टन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लिए प्रवासी भारतीयों (NRI) की ओर से ‘Howdy Modi’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया है, जिसमें भारतीय मूल के लगभग 50 हजार लोग उपस्थित रहने वाले हैं। भारतीय समयानुसार यह कार्यक्रम रात 8 बजे आरंभ होने वाला है। कहने को तो यह कार्यक्रम विदेशी धरती पर प्रवासी भारतीयों को संबोधित करने की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की एक परम्परा भर ही था। मोदी ने अपने पाँच वर्षों से अधिक के कार्यकाल में जितने भी देशों की यात्रा की, वहाँ रहने वाले भारतीयों को संबोधित किया। इनमें सबसे बड़ा कार्यक्रम वर्ष 2014 में अमेरिका में न्यूयॉर्क स्थित मेडिसन स्क्वेयर में हुआ था, जबकि दूसरा बड़ा कार्यक्रम वर्ष 2016 में सिलिकॉन वैली में हुआ था। दोनों ही सम्मेलनों में लगभग 20-20 हजार भारतीय लोग उपस्थित थे, जिन्हें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संबोधित किया था। इसी कड़ी में जब मोदी फिर एक बार अमेरिका यात्रा पर जा रहे हैं, तो इस बार भी वे ह्यूस्टन में आयोजित हाउडी मोदी कार्यक्रम के माध्यम से वहाँ रहने वाले प्रवासी भारतीयों को संबोधित करने वाले हैं, परंतु अब यह कार्यक्रम कोई साधारण कार्यक्रम नहीं रह गया है, क्योंकि इस कार्यक्रम में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ उपस्थित रहेंगे और प्रवासी भारतीयों को संबोधित करेंगे।

विश्व इतिहास में ‘ऐसा’ पहली बार होगा

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प। (फाइल चित्र)

22 सितंबर, 2019 रविवार को ऐसा पहली बार होगा, जब दो बड़े लोकतांत्रिक देशों के नेता एक मंच पर होंगे। ऐसा पहली बार होगा, जब कोई अमेरिकी राष्ट्रपति भारतीय प्रधानमंत्री के साथ प्रवासी भारतीयों के सम्मेलन में मंच साझा करेगा और संबोधित भी करेगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपने आप में एक ऐसा व्यक्तित्व हैं, जिनके साथ मंच साझा करने को हर कोई आतुर रहता है और यही कारण है कि भारतीय अधिकारियों की ओर से हाउडी मोदी कार्यक्रम का निमंत्रण मिलते ही डोनाल्ड ट्रम्प ने निमंत्रण स्वीकार कर लिया। व्हाइट हाउस ने तो आज विधिवत् घोषणा भी कर दी कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ह्यूस्टन के एनआरजी स्टेडियम में आयोजित होने वाले हाउडी मोदी कार्यक्रम में भाग लेंगे। व्हाइट हाउस की मीडिया सचिव स्टेफिनी ने एक वक्तव्य जारी करते हुए कहा, ‘मोदी और ट्रम्प की यह जॉइंट रैली भारत और अमेरिका के संबंधों को सुदृढ़ करने का महत्वपूर्ण अवसर होगी। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की ओर से इसके लिए निमंत्रण दिया गया था, जिसे स्वीकार कर लिया गया है। ट्रम्प हाउडी मोदी कार्यक्रम में भाग लेंगे।’

क्या है Howdy और कैसे बनेगा इतिहास ?

वर्ष 2014 में अमेरिका के मेडिसन स्क्वेयर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी। (फाइल चित्र)
वर्ष 2014 में अमेरिका के सिलिकॉन वैली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी। (फाइल चित्र)

आइए, सबसे पहले जानते हैं ये Howdy Modi कार्यक्रम क्या है ? अमेरिका में ‘How Do You Do ?’ को संक्षिप्त में Howdy कहते हैं। इस तरह इस कार्यक्रम का हिन्दी में शीर्षक हुआ, ‘हाउडी मोदी यानी आप कैसे हैं मोदी ?’ मेडिसन स्क्वेयर और सिलिकॉन वैली के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का यह तीसरी और सबसे बड़ा विदेशी रैली होगी, जिसमें भारतीय मूल के 50 हजार लोग ही नहीं, अपितु स्वयं ट्रम्प हिस्सा लेंगे। इस कार्यक्रम में भारत-अमेरिका संबंधों के अलावा व्यवसाय और संस्कृति पर भी बात होगी। यह पहला अवसर होगा, जब दुनिया के दो बड़े दिग्गज इस तरह एक मंच पर 50 हजार से अधिक लोगों की भीड़ को संबोधित करेंगे। इस कार्यक्रम में न केवल डोनाल्ड ट्रम्प, अपितु अमेरिकी संसद के 50 से अधिक सांसद और गवर्नर भी शामिल होंगे। अमेरिका की राजनीति में सत्तारूढ़ रिपब्लिकन पार्टी की ओर से सबसे बड़े चेहरे ट्रम्प इस कार्यक्रम का हिस्सा होंगे, वहीं विपक्षी दल डेमोक्रैट्स की तरफ से भी कई बड़े नेता शामिल हो सकते हैं। अमेरिकी राजनीति के पक्ष और विपक्ष दोनों दलों के नेताओं के शामिल होने के पीछे एक बड़ा कारण अमेरिका में अगले वर्ष होने वाले राष्ट्रपति चुनाव भी हैं। अमेरिकी राजनेता मोदी के इस कार्यक्रम के माध्यम से अमेरिका स्थित भारतीय मतदाताओं को लुभाने का प्रयास करेंगे।

जब मोदी-ट्रम्प मिलाएँगे हाथ, हाथ मलेंगे इमरान

भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के दृष्टिकोण से भी 22 सितंबर, 2019 का दिन ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण सिद्ध होगा, क्योंकि 5 अगस्त, 2019 को जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने के मोदी सरकार के साहसी निर्णय के बाद से पाकिस्तान और उसके प्रधानमंत्री इमरान खान दुनिया भर में कश्मीर का राग आलाप रहे हैं। धारा 370 हटने के कुछ दिन पहले ही ट्रम्प से भेंट को ही महान उपलब्धि मान बैठने वाले इमरान खान को धारा 370 हटने के बाद संयुक्त राष्ट्र (UN), संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् (UNSC), संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद् (UNHRC) से लेकर दुनिया भर के देशों से लानतें और रुसवाइयाँ झेलने पड़ रही हैं, वहीं दूसरी ओर 22 सितंबर, 2019 को मोदी और ट्रम्प जब फिर एक बार हाथ मिलाएँगे, तो इमरान मन मसोसेंगे और हाथ मलेंगे। प्रधानमंत्री बनने के बाद से ही मोदी से मिलने को लालायित रहे इमरान खान का यह ख्वाब तो 5 अगस्त, 2019 को धारा 370 हटने के साथ ही लगभग टूट गया, परंतु अब जब इमरान 22 सितंबर, 2019 को ट्रम्प और मोदी को एक मंच पर देखेंगे, तो उन्हें सहज ही अनुमान हो जाएगा कि वे और उनका पाकिस्तान जिस ग़ुरूर से भारत की हस्ती मिटाने का ख्वाह देखते हैं, वह भारत 2019 का भारत है। यह वह भारत नहीं है, जिसने 1947 में कश्मीर का एक तिहाई हिस्सा पाकिस्तान के कब्जे में होने के बावजूद युद्ध विराम की घोषणा कर दी थी। यह वह भारत नहीं है, जिसने 1965 में पाकिस्तान को धूल चटाने के बाद यह सोचने की भूल की थी कि पाकिस्तान सुधर जाएगा। यह वह भारत नहीं है, जिसने 1971 में पाकिस्तान को तीसरी बार युद्ध में मात देने के बाद हजारों मील ज़मीन लौटा दी थी। यह 2019 का भारत है, जो अब पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) को भारत में मिलाने का संकल्प और सामर्थ्य रखता है और भारत के इस संकल्प और सामर्थ्य का प्रमाण यही है कि पाकिस्तान को अब भारत के कश्मीर से अधिक भारत से हथियाए हुए पीओके की अधिक चिंता सताने लगी है।

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