क्या सिर्फ यह एक EXIT POLL ही भाँप सका देश में चल रही मोदी सुनामी, जिसने 2014 में मोदी लहर दिखाने का सटीक साहस किया था ?

2014 में अधिकांश एग्ज़िट पोल एनडीए को 300 सीटें देने का साहस नहीं कर पाए थे

2014 में अधिकांश एग्ज़िट पोल ने अकेले भाजपा को बहुमत मिलने का दावा नहीं किया था

2014 में एकमात्र न्यूज़24+चाणक्य टुडे ने देश में मोदी लहर दिखाने का साहस किया था

2019 में भी एकमात्र न्यूज़24+चाणक्य टुडे ही कर रहा है देश में मोदी सुनामी का दावा

2019 में भी न्यूज़24+चाणक्य सटीक साबित हुआ, तो भाजपा पहली बार 300 के पार

विश्लेषण : कन्हैया कोष्टी

अहमदाबाद, 20 मई, 2019। लोकसभा चुनाव 2019 सम्पन्न होने के बाद अब जनादेश की प्रतीक्षा हो रही है। गत 11 अप्रैल से 19 मई के दौरान सात चरणों में हुए पड़े वोटों की गिनती की उल्टी गिनती आरंभ हो गई है। 72 घण्टे से भी कम समय के भीतर यानी 23 मई गुरुवार सुबह इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) में बंद सवा सौ करोड़ लोगों का जनादेश खुलना शुरू हो जाएगा और शाम तक तसवीर साफ होने लगेगी।

सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा-BJP) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग-NDA) और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को जहाँ पाँच वर्ष बाद पुनः एक बार सत्ता में वापसी का विश्वास है, वहीं परिणाम से पहले रविवार देर शाम आए मतदान पश्चात विभिन्न सर्वेक्षणों यानी EXIT POLL 2019 ने मोदी-भाजपा-एनडीए के विश्वास को पंख लगा दिए हैं। दूसरी तरफ केन्द्र से मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा-एनडीए सरकार को हटाने के लिए आपसी मतभेद बनाए रखते हुए दिखावे की एकजुटता के साथ ज़ोर लगाने वाले कांग्रेस सहित सभी विरोधी दल जहाँ एक ओर एग्ज़िट पोल को सिरे से ख़ारिज करने से बच रहे हैं, वहीं यह मिन्नतें और उम्मीदें भी बनाए हुए हैं कि एग्ज़िट पोल 2004 की तरह पलट जाएँ और उन्हें किसी तरह मिली-जुली सरकार बनाने का मौका मिल जाए, क्योंकि कांग्रेस सहित देश की किसी भी नॉन-बीजेपी या नॉन-एनडीए पार्टी को पूर्ण बहुमत मिलने की कहीं से भी कोई संभावना नज़र नहीं आ रही है।

एग्ज़िट पोल 2014 पर ग़लत सिद्ध होने की आशंका का साया

लोकसभा चुनाव 2014 में पूरे देश में नरेन्द्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाने के लिए लहर चल रही थी, परंतु आज की तरह ही न उस समय यूपीए और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी और मोदी को प्रधानमंत्री पद का प्रत्याशी बनाने से नाराज़ होकर भाजपा से 17 वर्ष पुरानी दोस्ती तोड़ देने वाले जनता दल ‘युनाइटेड’ (जदयू-JDU) के मुखिया व बिहार के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार तक को यह मोदी लहर दिखाई नहीं दी, परंतु 16 मई, 2019 को चुनाव परिणाम घोषित होने से पहले आए तमाम मतदान पूर्व सर्वेक्षणों (ओपिनियन पोल) और मतदान पश्चात सर्वेक्षणों (एग्ज़िट पोल) ने मोदी लहर को भाँप लिया था। यही कारण था कि चुनाव परिणाम से 3 दिन पहले 13 मई, 2014 को आए सभी एग्ज़िट पोल ने भाजपा-एनडीए को पूर्ण बहुमत दिया था। यद्यपि एग्ज़िट पोल 2014 पर ग़लत सिद्ध होने का भय और आशंका का साया था। यही कारण है कि अधिकांश एग्ज़िट पोल ने एनडीए को तो पूर्ण बहुमत आने के आसार जताए, परंतु कोई भी एग्ज़िट पोल यह दावा करने का साहस नहीं जुटा सका कि अकेले भाजपा को पूर्ण बहुमत हासिल होगा।

‘चाणक्य’ ने किया था असली तसवीर दिखाने का साहस

एग्ज़िट पोल 2014 की ऊपर दिखाई गई तसवीर में आप देख सकते हैं कि एक ओर जहाँ अधिकांश एग्ज़िट पोल एनडीए को बहुमत तो दे रहे थे, परंतु 300 से अधिक सीटें आँकने की कोशिश किसी ने नहीं की थी। एग्ज़िट पोल 2014 में एनडीओ को प्रमुख सर्वेक्षण एजेंसियों और न्यूज़ चैनलों इंडिया टीवी-सी-वोटर ने 289, एबीपी-नील्सन ने 281, सीएनएन-आईबीएन-सीएसडीएस-लोकनीति ने 280, हेडलाइन्स टुडे-सिसेरो ने 272, एनडीटीवी ने 279 सीटें दी थीं, वहीं टाइम्स-नाउ-ओआरजी तो मोदी लहर का पैमाना मापने में विफल रहा था और उसने एनडीए को बहुत से कम 249 सीटें ही दी थीं। इन सबके बीच एकमात्र न्यूज़24-चाणक्य टुडे देश में व्याप्त मोदी लहर को मापने में सफलता हासिल की थी और एनडीए को न केवल 300 के पार, अपितु 340 सीटें देने का साहस किया था। न्यूज़24+चाणक्य टुडे के इस सर्वेक्षण पर परिणाम से पहले तक विरोधी दलों के नेताओं ने बहुत सवाल खड़े किए और कई राजनीतिक-चुनावी विश्लेषकों ने तो इसे अतिश्योक्ति करार दिया। यद्यपि भाजपा ने तो इससे भी अधिक सीटें मिलने का दावा किया, परंतु अन्य एग्ज़िट पोल के निष्कर्ष उसके मन में यह आशंका जरूर पैदा कर रहे थे कि कदाचित 16 मई को एनडीए बहुमत से दूर भी रह सकता है।

16 मई, 2014 को चर्चा में छा गया ‘चाणक्य’

16 मई, 2014 को जब चुनाव परिणाम घोषित हुए तब सारे एग्ज़िट पोल धरे रह गए और सबसे न्यूज़24+चाणक्य टुडे का एग्ज़िट पोल सबसे सटीक साबित हुआ, क्योंकि परिणामों में एनडीए को 336 सीटें मिली थीं, जो न्यूज़24+चाणक्य के एग्ज़िट पोल के 340 सीटों के आकलने से केवल 4 सीटें कम था। परिणामों के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सहित भाजपा के सभी बड़े नेताओं ने न्यूज़24+चाणक्य टुडे के सटीक विश्लेषण की सराहना की।

तो 2019 में थी मोदी सुनामी और भाजपा 300 के पार

अब जबकि एग्ज़िट पोल 2019 आ चुके हैं, तब एक दर्जन सर्वेक्षण एजेंसियों और न्यूज़ चैनलों की ओर से घोषित एग्ज़िट पोल ने यह तो माना है कि पाँच वर्षों के शासन के बाद भी देश में मोदी लहर बरकरार है। देश में कहीं कोई सत्ता विरोधी लहर नहीं थी, अपितु सत्ता के पक्ष में लहर थी। यहाँ दिखाई गई अधिकांश एग्ज़िट पोल में एनडीए की सीटों की संख्या 300 के पार अधिकतम् 365 तक बताई गई है। यदि एनडीए की सीटों का अधिकतम् आँकड़ा 365 तक जाता है, तो निश्चित रूप से भाजपा की सीटें 300 के पार हो सकती है। यद्यपि अधिकांश एग्ज़िट पोल यह स्पष्ट नहीं रूप से दावा करने का साहस नहीं जुटा पाए कि अकेले भाजपा 300 सीटों के पार जा सकती है, परंतु सटीकता की कसौटी पर यदि 2014 की तर्ज़ पर फिर एक बार न्यूज़24+चाणक्य टुडे को 2019 में कसा जाए, तो यह निश्चित मानिए कि भाजपा की सीटों की संख्या 300 के पार और एनडीए की सीटों की संख्या 350 तक पहुँचना निश्चित है, क्योंकि न्यूज़24+चाणक्य टुडे ने एग्ज़िट पोल 2019 में भाजपा को 300 और एनडीए को 350 सीटें देने की भविष्यवाणी की है।

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