फिर सवाया सिद्ध हुआ सवाणी समूह, 10वीं और 12वीं के ग़रीब छात्र-छात्राओं को देगा संपूर्ण ‘छत्रछाया’

अहमदाबाद, 22 मई, 2019। वर्तमान समय में शिक्षा का महत्व तेजी से बढ़ रहा है। इसमें भी शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से बदलाव भी हो रहे हैं। आज के दौर में कौशल विकास पर अधिक भार दिया जा रहा है। इसके अलावा तकनीकी शिक्षा की माँग भी बढ़ती जा रही है। इन कारणों से शिक्षा महँगी भी हो गई है, जिससे कमजोर वर्ग के लिये उच्च शिक्षा प्राप्त करना चुनौतीपूर्ण हो गया है। हालाँकि सरकारों की ओर से शिक्षा को सर्व-व्यापक बनाने की दिशा में गंभीर प्रयास किये जा रहे हैं, वहीं कार्पोरेट हाउसेज़ भी बढ़-चढ़कर योगदान दे रहे हैं। गुजरात में भी एक उद्योगपति आर्थिक रूप से पिछड़े परिवारों के तेजस्वी छात्रों के लिये ‘भामाशाह’ बनकर उभरे हैं।

पी. पी. सवाणी ग्रुप के अध्यक्ष तथा समाज सेवा के क्षेत्र में मुखर रहने वाले वल्लभभाई सवाणी ‘बापूजी’ के उपनाम से पहचाने जाते हैं। वल्लभभाई सवाणी का अपना जीवन बहुत कठिनाइयों में बीता। इसलिये वह शिक्षा भी प्राप्त नहीं कर पाये। मात्र कक्षा 8 तक पढ़े वल्लभभाई सवाणी ने सूरत शहर के हीरे के कारखाने में मजदूरी की। हालाँकि अब वह सूरत के हीरा उद्योग में एक जाने-माने और प्रतिष्ठित हीरा व्यापारी के रूप में पहचाने जाते हैं, परंतु उनकी हमेशा से यह इच्छा थी कि कोई तेजस्वी विद्यार्थी अपने माता-पिता की आर्थिक कमजोरी के कारण शिक्षा से वंचित न रह जाए। इसलिये सादगीपूर्ण जीवन जीने वाले वल्लभभाई सवाणी ने अपना जीवन समाज सेवा के लिये समर्पित कर दिया। विशेषकर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों को दत्तक लेकर वह उनकी शिक्षा का संपूर्ण भार उठाते हैं। इसके अलावा वह कमजोर वर्ग की कन्याओं का समूह विवाहोत्सव भी कराते हैं, परंतु हम आज यहाँ केवल उनके छात्रों की शिक्षा के लिये दिये जा रहे योगदान पर ही चर्चा करेंगे।

चूंकि गुजरात में कक्षा 10 और 12 के परिणाम घोषित हो चुके हैं। ऐसे में छात्रों को रहने और खाने-पीने की सुविधा के साथ आगे की शिक्षा देने के लिये उन्होंने पी. पी. सवाणी ग्रुप की ओर से पाठशालाएँ, छात्रावास (होस्टल), आधुनिक शिक्षा के लिये हाईटेक साधन, श्रेष्ठ और अनुभवी शिक्षकों की फौज, पौष्टिक भोजन, खेल-कूद तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिये श्रेष्ठ साधन उपलब्ध कराये हैं। उनकी पाठशालाओं की सफलता का अनुमान इस बात से लगाया जा सकता है कि उनकी पाठशालाओं में वर्तमान में 53,000 से भी अधिक विद्यार्थी शिक्षारत् हैं।

पी. पी. सवाणी ग्रुप के इन स्कूलों में तेजस्वी छात्रों को संपूर्ण माध्यमिक शिक्षा मुफ्त दी जाती है और उनका उज्जवल भविष्य बनाने के लिये पिछले वर्ष 2018 में पी. पी. सवाणी ग्रुप की ओर से मेरिट के आधार पर कक्षा 11 और 12 विज्ञान संकाय के 254 विद्यार्थियों को दत्तक लेकर उनके रहने-खाने की सुविधा के साथ उनकी संपूर्ण फीस का खर्च भी उठाया गया तथा उन्हें सरकारी कॉलेजों में प्रवेश दिलाने के लिये वल्लभभाई सवाणी ने स्वयं राजस्थान जाकर सरकारी कोटा पद्धति का अध्ययन किया। उनके ग्रुप द्वारा अनुभवी शिक्षकों के माध्यम से JEE, NEET और GUJ CET  जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी करवाई जाती है और उन्हें सरकारी कॉलेज में प्रवेश दिलाने के भरसक प्रयास किये जाते हैं।

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