भारत की दहाड़ से घबराये इमरान : मोदी को रोकने की लगा रहे गुहार

विश्लेषण : विनीत दुबे

अहमदाबाद, 18 अगस्त, 2019 (युवाPRESS)। भारत की एक के बाद एक दहाड़ से पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान बौखला गये हैं। उन्हें समझ नहीं आ रहा कि वह क्या करें ? ऐसे में किसी छोटे बच्चे की तरह वह बार-बार अपनी शिकायत लेकर अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के पास पहुँच रहे हैं। अब परमाणु हथियार के इस्तेमाल को लेकर भारत के ऐलान से पाक पीएम की बेचैनी बढ़ गई है और वे एक बार फिर अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की शरण में पहुँच गये हैं, उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से मोदी को रोकने की गुहार लगाई है।

मोदी सरकार को फासीवादी बता रहे इमरान

पाकिस्तानी पीएम इमरान खान भारत की मोदी सरकार को फासीवादी, नस्लवादी और हिंदुत्ववादी बता रहे हैं। इमरान खान ने रविवार को ट्वीट किया है जिसमें लिखा कि ‘फासीवादी, नस्लवादी और हिंदुत्ववादी विचारधारा के लोगों के नेतृत्व ने भारत पर कब्जा कर लिया है, यह कब्जा ठीक वैसा ही है, जैसा जर्मनी में नाज़ियों ने किया था। इस नेतृत्व ने दो सप्ताह से अधिक समय तक जम्मू-कश्मीर में पाबंदी लगाकर कश्मीरियों को धमकाया है।’ पाकिस्तानी पीएम ने कहा कि कोई भी गूगल पर सर्च करके आसानी से समझ सकता है कि नाज़ी विचारधारा और आरएसएस-बीजेपी की नरसंहार की विचारधारा के बीच क्या सम्बंध है। उन्होंने कहा कि विश्व को इस पर ध्यान देना चाहिये, क्योंकि यह जिन्न बोतल से बाहर आ गया है और घृणा तथा नरसंहार के सिद्धांत पर आरएसएस फैल जाएगा, यदि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय ने इसे रोकने के लिये कोई काम नहीं किया तो। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के समक्ष अपनी चिंता जाहिर करते हुए यह भी कहा कि मोदी सरकार के नियंत्रण में भारत के परमाणु शस्त्रागार की सुरक्षा पर भी विश्व को गंभीरता से विचार करना चाहिये। यह एक ऐसा मुद्दा है, जो न केवल क्षेत्र बल्कि दुनिया को प्रभावित करता है। इमरान ने इसे पाकिस्तान, अल्पसंख्यकों तथा गांधी-नेहरू के विचारों के लिये भी चेतावनी बताया है।

भारत के परमाणु से क्यों डरा पाकिस्तान

जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाये जाने के बाद से पाकिस्तान भारत और संयुक्त राष्ट्र को यह कहकर धमका रहा था कि भारत ने यह कदम उठाकर यूएन के साथ हुई संधि और शिमला समझौते का उल्लंघन किया है और यदि यूएन ने इसे लेकर कोई कदम नहीं उठाया तो भारत पाकिस्तान जो कि परमाणु सम्पन्न देश हैं, उनके बीच युद्ध हो सकता है, जिसके लिये यूएन जिम्मेदार होगा। पाकिस्तान की इन घुड़कियों को सुन-सुनकर भारत सहित विश्व के कान पक चुके हैं। भारत पाकिस्तान के बीच जब भी तनाव उत्पन्न होता है, तब-तब पाकिस्तान परमाणु युद्ध की धमकी देने से बाज नहीं आता है। इसके जवाब में शुक्रवार को भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी उनसे पूछे जाने पर बयान दिया कि भारत पहले परमाणु हथियार इस्तेमाल नहीं करने की नीति पर कायम है, परंतु युद्ध जैसे माहौल में क्या होता है, यह परिस्थितियों पर निर्भर करता है। उनके इस बयान के कई मायने निकाले जा रहे हैं। इनमें से एक अर्थघटन यह भी किया जा रहा है कि भारत अपनी परमाणु नीति में बदलाव कर रहा है। ऐसे अंदेशा मात्र से ही पाकिस्तान सिहर उठा है, जिसके परिणाम के रूप में पाकिस्तान के पीएम इमरान खान की बौखलाहट रविवार को उनके ट्वीट के रूप में सामने आई है। इसमें उन्होंने भारत की मोदी सरकार की जर्मनी के नाज़ियों से तुलना कर दी और उनकी पार्टी बीजेपी तथा आरएसएस को फासीवादी और नरसंहार की विचारधारा वाला भी बता दिया। इमरान खान ने भारत के परमाणु शस्त्रागारों के मोदी सरकार के अधीन आ जाने पर पाकिस्तान की बढ़ी चिंता भी उजागर की है। इससे साफ जाहिर हो रहा है कि इमरान खान मोदी सरकार के अगले कदम को कर आशंकाओं से घिरे हुए हैं और अवसाद से ग्रसित होकर बार-बार अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की चौखट पर पहुँच जा रहे हैं।

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