हार पर हाहाकार : पाकिस्तानी क्रिकेट टीम पर प्रतिबंध की मांग, कोर्ट पहुँचा मामला, चीफ सेलेक्टर इंज़माम उल हक़ की छुट्टी होना तय

अहमदाबाद, 19 जून 2019 (युवाप्रेस डॉट कॉम)। WORLD CUP 2019 में लगातार सातवीं बार पाकिस्तान को भारत से करारी शिकस्त मिलने के बाद पूरे पाकिस्तान में हाहाकार मचा हुआ है। अब मामला कोर्ट तक पहुँच गया है, जिसमें पाकिस्तान क्रिकेट टीम के एक फैन ने ही अपनी क्रिकेट टीम के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और पूरी क्रिकेट टीम को बैन करने की माँग की है। इस फैन की याचिका पर कोर्ट ने भी पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के अधिकारियों को कोर्ट में तलब किया है और उनसे जवाब माँगा है। इस बीच पीसीबी संचालन मंडल की भी आज बैठक होने वाली है, जिसमें ऊपर से नीचे तक कई अहम बदलाव किये जाने की संभावना है। चीफ सेलेक्टर इंज़माम उल हक़ की भी छुट्टी तय मानी जा रही है।

पराजित पाकिस्तान में हार पर हाहाकार

वर्ल्ड कप-2019 का 22वाँ मैच भारत और पाकिस्तान के बीच ऑल ट्रैफर्ड में मैनचेस्टर मैदान पर 16 जून रविवार को खेला गया था। इसमें पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और पूर्व क्रिकेटर इमरान खान समेत कई पूर्व क्रिकेटरों की सलाह को दरकिनार करते हुए पाकिस्तान क्रिकेट टीम के कप्तान सरफराज़ अहमद ने मनमाने निर्णय लिये थे, परिणाम स्वरूप इस मैच में पाकिस्तान को भारत के हाथों करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा था। वर्ल्ड कप श्रृंखला में भारत से पाकिस्तान लगातार 7वीं बार पराजित होने से पाकिस्तानी क्रिकेट प्रेमी न सिर्फ हताश हुए, अपितु एक बार फिर वह अपनी क्रिकेट टीम के प्रदर्शन से क्रोधित हुए और टीवी सेट, एलईडी तथा मोबाइल तोड़कर विरोध प्रदर्शन भी किया।

पाक क्रिकेट टीम पर बैन की याचिका

इस बीच पाकिस्तान के एक क्रिकेट फैन ने तो पंजाब प्रांत की गुजरांवाला कोर्ट में मंगलवार को याचिका दायर करके पूरी पाकिस्तानी क्रिकेट टीम पर ही बैन लगाने की माँग की है। याचिकाकर्ता के नाम का खुलासा नहीं किया गया है, परंतु पाकिस्तान की समा टीवी चैनल में प्रसारित हुई खबर के अनुसार इस याचिका के जवाब में कोर्ट ने पीसीबी के अधिकारियों को कोर्ट में तलब किया है और उनसे जवाब देने को कहा है। याचिका कर्ता ने याचिका में अदालत से पीसीबी की चयन समिति को भी बर्खास्त करने की माँग की है।

पीसीबी संचालन समिति की बैठक में गिरेगी गाज़

इस बीच खबर यह भी है कि क्रिकेट प्रेमियों और पूर्व क्रिकेटरों के गुस्से को देखते हुए पीसीबी की संचालन समिति की बुधवार या गुरुवार को बैठक आयोजित होगी। इस बैठक के लिये पीसीबी के महानिदेशक वसीम खान अपना विदेशी दौरा बीच में छोड़कर स्वदेश लौटे हैं। इससे पता चलता है कि यह बैठक कितनी महत्वपूर्ण होने वाली है। इस बैठक में पीसीबी की चयन समिति के मुख्य चयनकर्ता और पूर्व क्रिकेटर इंज़माम उल हक़, कई अन्य चयनकर्ता, क्रिकेट टीम के कई कोच और पीसीबी की प्रबंधन समिति के कुछ सदस्यों की छुट्टी करने का अहम फैसला किया जा सकता है। जिन लोगों की छुट्टी की जा सकती है, उनमें इंज़माम उल हक़ के अलावा, टीम के मैनेजर तलत अली, गेंदबाजी के कोच अज़हर महमूद, बल्लेबाजी कोच ग्रांट फ्लॉवर और पूरी चयन समिति शामिल है। इसके अलावा टीम के मुख्य कोच मिकी अर्थर का कार्यकाल भी आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। इस प्रकार कुल मिलाकर ऊपर से नीचे तक कई अहम बदलाव किये जाने की संभावना व्यक्त की जा रही है।

इंज़माम उल हक़ पर बिगड़े पूर्व क्रिकेटर

उधर पाकिस्तान की जियो न्यूज़ तथा द डॉन में तकरीबन एक जैसी खबर चल रही है कि मुख्य चयनकर्ता इंज़माम उल हक़ ने पूरा माहौल खराब किया। टीम चुनने के बाद उनका काम खत्म हो जाता है, परंतु वह इंग्लैंड गये और वहाँ अकारण ही टीम मैनेजमेंट में दखल देकर माहौल को बिगाड़ रहे हैं। इसी का टीम पर खराब असर पड़ा है। उनकी मौजूदगी से टीम और कोच कोई भी सहज अनुभव नहीं कर रहे हैं। इसके अलावा बोर्ड को भी उन पर काफी पैसा खर्च करना पड़ा है। पाकिस्तान के अधिकांश पूर्व क्रिकेटर हेड कोच मिकी अर्थर से भी नाराज़ हैं। शोएब अख्तर ने तो यहाँ तक कहा कि मिकी अंग्रेजी में बात करते हैं और अंग्रेजी न तो टीम के कप्तान सरफराज को समझ में आती है और न खिलाड़ियों को। शोएब ने कहा कि टीम इंडिया को देखिये, उन्होंने भारतीय क्रिकेटर रवि शास्त्री पर ही भरोसा जताया है और वो अपनी टीम को कहाँ से कहाँ ले गये। बल्लेबाजी कोच ग्रांट फ्लॉवर पर भी अँगुलियाँ उठ रही हैं। आमिर सोहैल ने कहा कि क्या पाकिस्तान के पास ऐसा कोई पूर्व क्रिकेटर नहीं है जो देश की सेवा कर सके। हमारी बल्लेबाजी की तकनीक में सुधार ला सके। अज़हर महमूद गेंदबाजी कोच हैं, उनके बारे में भी कहा जा रहा है कि वह इंग्लैंड में रहते हैं और कई टी-20 लीग खेलते हैं। वह सिर्फ पीसीबी से पैसे लेते हैं, उनका गेंदबाजी में कोई योगदान नहीं है।

घऱेलू क्रिकेट का स्तर सुधारने पर दिया ज़ोर

मीडिया रिपोर्ट्स में पाकिस्तान के घरेलू क्रिकेट पर भी सवाल खड़े किये जा रहे हैं। कहा जा रहा है कि पाकिस्तान का घरेलू क्रिकेट तबाह हो चुका है और खिलाड़ी मात्र पीएसएल तथा बाकी टी-20 लीग पर ही फोकस करते हैं, ताकि पैसा कमाया जा सके। जब तक घरेलू क्रिकेट का ढाँचा नहीं सुधारा जाएगा तब तक कुछ नहीं होगा। भारत में घरेलू क्रिकेट का ढाँचा बहुत मजबूत है। वहाँ आईपीएल भी है। इससे खिलाड़ियों को अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट का दबाव झेलने का अनुभव घर में ही मिल जाता है। उनका राहुल द्रविड़ जैसा बेहतरीन पूर्व बल्लेबाज अंडर-19 टीम को सँभाल रहा है। इसलिये रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि टीम मैनेजर तलत अली का जाना भी लगभग तय है और विश्व कप टूर्नामेंट खत्म होने के बाद मिकी अर्थर से भी रिपोर्ट माँगी जाएगी।

उल्लेखनीय है कि 2019 का 12वाँ आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप पाकिस्तान के लिये बिल्कुल भी अच्छा नहीं गुजरा है। पाकिस्तान की क्रिकेट टीम कुल 9 में से 5 मुकाबले खेल चुकी है। इनमें से उसे 3 मैचों में पराजित होना पड़ा है और एक मैच बारिश के कारण बेनतीजा रहा। अब तक वह केवल एक मैच ही जीत पाई है और 3 अंकों तथा -1.933 की अत्यंत कमजोर नेट रन रेट के साथ अंक तालिका में नौवें नंबर पर है।

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