मोदी सरकार ने कहा ‘आयुष्मान भारत’, तो 20 लाख से अधिक लोगों को मिल गया आशीर्वाद

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार द्वारा देश के गरीब और असहाय तबके के लोगों के लिये शुरू की गई ‘आयुष्मान भारत’ योजना लोगों के लिये वरदान सिद्ध हो रही है, वहीं विश्व के लिये भी यह सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना आदर्श बन गई है।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) के अनुसार यह योजना लागू होने के बाद 200 दिन के भीतर ही 20.8 लाख से अधिक गरीब लोग योजना से लाभान्वित हो गये। सरकार की ओर से इन लोगों को 5,000 करोड़ रुपये का इलाज़ मुहैया कराया गया। हालाँकि एनएचए के प्रयासों से यह खर्च 2,760 करोड़ रुपये तक सीमित रहा।

एनएचए के अनुसार देश के 15,400 से अधिक अस्पतालों को इस आयुष्मान भारत योजना से जोड़ा गया है। इनमें 50 प्रतिशत निजी अस्पताल शामिल हैं। एनएचए के अनुसार अब इस योजना के तहत इलाज़ करने वाले अस्पतालों के प्रदर्शन पर भी नज़र रखी जाएगी और प्रदर्शन के आधार पर अस्पतालों को रेटिंग भी दी जाएगी।

एनएचए के अनुसार देश में इस योजना का लाभ लेने वाले लोगों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। अभी तक 3.07 करोड़ लाभार्थियों को इस योजना के तहत ई-कार्ड जारी किये जा चुके हैं। यह योजना उन गरीब लोगों के लिये वरदान सिद्ध हो रही है, जो महँगे उपचार के डर से अभी तक निजी अस्पतालों में जाने से कतराते थे। इस योजना ने उनके इस भय को दूर कर दिया है तथा उनमें निजी अस्पतालों की स्वास्थ्य सेवाएँ लेने का आत्म विश्वास बढ़ाया है।

आपको बता दें कि 23 सितंबर-2018 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने झारखंड की राजधानी रांची से इस योजना की घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि उनकी सरकार इस योजना से देश के 50 करोड़ लोगों को लाभान्वित करने का लक्ष्य निर्धारित करके चल रही है। सरकार इस योजना को अधिक से अधिक लोगों के लिये सरल और सुलभ बनाने की दिशा में प्रयासरत् है।

अफॉर्डेबल हेल्थकेयर के क्षेत्र में आयुष्मान भारत योजना मोदी सरकार का क्राँतिकारी कदम सिद्ध हो रही है। दुनिया में इस योजना को मोदी केयर के नाम से प्रसिद्धि प्राप्त हो रही है। सरकार इस योजना के तहत देश के 10 करोड़ परिवारों के लगभग 50 करोड़ लोगों को वार्षिक 5 लाख रुपये का चिकित्सा बीमा सुलभ कराती है। किसी परिवार में यदि कोई गंभीर रूप से बीमार है तो एक साल में उसके लिये सरकार बीमा कंपनी के साथ मिलकर 5 लाख रुपये तक का खर्च उठाती है। इस योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिये मोदी सरकार ने चिकित्सा सेवाओं के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण बदलाव भी किये हैं। चिकित्सा सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने के लिये 1.5 लाख वेलनेस सेंटर भी खोले जा रहे हैं।

सरकारी आँकड़ों के अनुसार आयुष्मान भारत योजना के तहत लोगों को 1,350 बीमारियों का इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। यह योजना दिल की बीमारी से लेकर कैंसर समेत कई गंभीर प्रकार की बीमारियों में राहत दिलाने में सफल हो रही है। इस योजना के तहत इलाज में दवाइयों से लेकर मेडिकल जाँच यानी एक्स-रे, अल्ट्रासाउण्ड, एमआरआई समेत कई प्रकार की जाँच निःशुल्क हो रही हैं। योजना का सबसे बड़ा पहलू यह है कि इस योजना के तहत परिवार के सदस्यों की संख्या अथवा आयु सीमा जैसी कोई बाध्यता नहीं है। समाज के वंचित, पिछड़े, सामाजिक एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के परिवारों को इस योजना का लाभ मिल रहा है।

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