चुनावी जीत के लिए मोदी ने जड़े चार चौके, तो विपक्षी दल रह गए भौंचक्के

रिपोर्ट : विनीत दुबे

लोकसभा चुनाव 2019 की घोषणा से पहले तक कांग्रेस सहित विपक्षी दल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को हाशिये पर धकेलने में जुटे हुए थे। कांग्रेस नोटबंदी, जीएसटी, राफेल डील और बेरोजगारी के मुद्दे उछालकर केन्द्र में सत्तारूढ़ भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए की सरकार को चौतरफा घेरने में जुटी हुई थी। देश में ऐसा माहौल बनाया जा रहा था कि अब मोदी सरकार की सत्ता में वापसी संभव ही नहीं, तभी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने चुनाव में जीत के लिये अपनी सरकार के कार्यकाल के अंतिम चार महीनों में चार ऐसे चौके जड़ दिये, जिससे विपक्षी दल न सिर्फ हतप्रभ रह गये, अपितु विपक्षी दल स्वयं हासिये पर चले गये और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एक बार फिर मुखर होकर उभरे। क्या हैं वह जीत के चार चौके…आइये नज़र डालते हैं।

अंतिम सही-अंतरिम नहीं, पूर्ण बजट

जब चुनाव से पूर्व अटकलें लगाई जा रही थी कि मोदी सरकार लोकसभा चुनाव से पहले अंतिम पूरक बजट पेश करेगी, वहीं मोदी सरकार ने सभी अटकलों को धता बताते हुए 1 फरवरी 2019 को पूर्ण बजट पेश किया और देश के 12 करोड़ किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत वार्षिक 6 हजार रुपये की आर्थिक मदद देने की घोषणा की। इतना ही नहीं, युवाओं को आकर्षित करने के लिये नौकरीपेशा लोगों के लिये 5 लाख रुपये तक की आय को आयकर मुक्त करने की बड़ी घोषणा की।

एयर स्ट्राइक से अभिनंदन की वापसी तक जलवा

इसी फरवरी महीने में कश्मीर के पुलवामा में आतंकी हमले में केन्द्रीय रिज़र्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के 40 जवान शहीद हुए तो देशभर में आतंकवादियों और उन्हें आश्रय देने वाले पाकिस्तान के खिलाफ गुस्सा उबल पड़ा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार ने सेना को इस हमले का उचित जवाब देने की छूट दी और इसके बाद भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के बालाकोट में घुसकर आतंकियों के अड्डे को ध्वस्त किया। साथ ही मोदी सरकार ने कूटनीतिक दबाव बनाकर पाकिस्तान द्वारा पकड़े गये भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर अभिनंदन की मात्र 3 दिन में ही मुक्ति करवाई। इसके अलावा पाकिस्तान का मोस्ट फेवरिट नेशन का दर्जा छीनकर पाकिस्तान को आर्थिक रूप से कंगाली की कगार पर ले जाकर खड़ा कर दिया। इन कदमों से देशवासियों का गुस्सा शांत हुआ और मोदी सशक्त पीएम के रूप में उभरे।

आचार संहिता के दायरे में मिशन शक्ति का उद्घोष

पाकिस्तान में आतंकियों पर कार्यवाही से भारत ने पूरे विश्व का ध्यान अपनी ओर खींचा। सब भारत की इस कार्यवाही की चर्चा कर ही रहे थे कि तभी मार्च में भारतीय चुनाव आयोग ने लोकसभा चुनाव-2019 के कार्यक्रम की घोषणा कर दी और चुनावी आदर्श आचारसंहिता लागू कर दी। प्रधानमंत्री मोदी चुनावी आदर्श आचारसंहिता के बीच एक और बड़ी घोषणा करके विश्व को चौंका दिया। यह सफलता भारत के वैज्ञानिकों ने प्राप्त की थी। भारत ने अंतरिक्ष में एंटी सैटेलाइट मिसाइल का सफल परीक्षण करके अमेरिका, रूस और चीन की श्रेणी में अपना नाम दर्ज करवा दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने इसे मिशन शक्ति नाम दिया। अंतरिक्ष में एंटी सैटेलाइट मिसाइल दागने के मामले में भारत उपरोक्त तीन देशों के बाद विश्व का चौथा देश बन गया।

चुनावी सरगर्मी के बीच फानी का सामना

सात चरणों में आयोजित हो रहे लोकसभा चुनाव के बीच फानी तूफान ने प्रधानमंत्री मोदी की राह में रोड़ा बनने की कोशिश की। मगर मोदी के हौसलों से सामना होते ही तूफान के हौसले हार गये। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने तूफान से निपटने के लिये जिस तरह की पूर्व तैयारी की, उससे तूफान बड़ा नुकसान पहुँचाने में नाकाम हो गया। प्रधानमंत्री की पूर्व तैयारियों की पूरे विश्व में प्रशंसा हो रही है। फानी तूफान की सटीक जानकारी उपलब्ध कराने के लिये भारतीय मौसम विभाग की भी संयुक्त राष्ट्र ने प्रशंसा की है। अन्यथा 1999 में ओडिशा में आये तूफान में 10 हजार लोगों के जान-माल का नुकसान हुआ था।

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