जल शक्ति : 2024 तक देश के हर घर में पहुँचेगा पीने का शुद्ध पानी

* मोदी सरकार ने पहली बार गठित किया ‘जल शक्ति मंत्रालय’

* खेतों में भी किसानों और फसलों को नहीं होगी सिंचाई जल की किल्लत

अहमदाबाद, 6 जून, 2019 (युवाप्रेस डॉट कॉम)। देश का कोई भी हिस्सा ऐसा नहीं है, जो पानी की समस्या से पीड़ित न हो और जहाँ पानी को लेकर विवाद न हो। पानी देश की एक बड़ी और विषम समस्या है। मोदी सरकार-2 ने अब इसी समस्या पर ध्यान केन्द्रित किया है। पीएम मोदी ने इस समस्या को सुलझाने के लिये ‘जल शक्ति मंत्रालय’ का गठन किया है। यह मंत्रालय नदियों को एक-दूसरे से जोड़कर समुद्र में बह जाने वाले पानी को पानी की समस्या से पीड़ित इलाकों में पहुँचाकर लोगों को पीने के लिये साफ पानी और खेतों की सिंचाई के लिये पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध कराने का प्रयास करेगा।

लोकसभा चुनाव-2019 के चुनाव प्रचार के दौरान पीएम मोदी ने तमिलनाडु के रामनाथपुरम् में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए मतदाताओं से वादा किया था कि अगर वह दोबारा में सत्ता में लौटे तो पानी की समस्या को दूर करने के लिये अलग से जल शक्ति मंत्रालय बनाएँगे। सत्ता में वापसी होते ही पीएम मोदी ने मतदाताओं से किया यह वादा निभाया और जल संसाधन, नदी विकास तथा गंगा पुनर्जीवन मंत्रालय को मिलाकर नया जल शक्ति मंत्रालय गठित कर दिया है। तमिलनाडु वह राज्य है जिसका पानी के बँटवारे को लेकर केरल और कर्नाटक राज्यों के साथ विवाद चल रहा है। यह नया मंत्रालय पीएम मोदी के हर घर बिजली की तरह 2024 तक हर घर साफ पानी के स्वप्न को साकार करेगा। इसके अलावा नदियों को पानी को लेकर विविध राज्यों के बीच चल रहे विवादों को सुलझाने के साथ-साथ बरसाती पानी के संग्रह, नीचे जा रहे भूजल स्तर को ऊंचा लाने और समुद्र में बहकर व्यर्थ हो जाने वाले नदियों के पानी को नये बांध बनाकर संग्रहित करने तथा नदियों को जोड़कर सूखी नदियों को पुनर्जीवित करने, नहरों और शाखा नहरों के माध्यम से दूर-दराज के इलाकों तक खेती की सिंचाई के लिये और घर-घर तक पीने का साफ पानी पहुँचाने के लिये विविध योजनाओं को लागू करेगा। साथ ही गंगा की सफाई के साथ-साथ अन्य नदियों की सफाई जैसे कामों को भी प्रभावी ढंग से अंजाम तक पहुँचाने का काम करेगा।

पानी की समस्या को दूर करना अत्यंत चुनौतीपूर्ण काम है, परंतु कहते हैं कि ‘मोदी है तो मुमकिन है।’ इसी विचार को लेकर इस मंत्रालय का कार्यभार सँभालने वाले कैबिनेट मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत मंत्रालय के कामों को क्रमबद्ध तरीके से कार्यान्वित करने में जुट गये हैं। उन्होंने भी पीएम के आदेशानुसार पहले 100 दिन का एजेंडा तैयार किया है। इस एजेंडे में प्रथम 100 दिन में शुरू किये जाने वाले महत्वपूर्ण कार्यों को प्राथमिकता दी है। इसके अलावा उनका मंत्रालय नई मोदी सरकार के जुलाई में लोकसभा में पेश होने वाले पहले पूर्ण बजट में किसानों, उद्योगों औऱ सामान्य लोगों के लिये घोषित की जाने वाली योजनाओं का ब्यौरा तैयार कर रहा है। गजेन्द्रसिंह शेखावत के कंधों पर पीएम मोदी के दो बड़े वादे पूरे करने की जिम्मेदारी का भार है। एक हर घर पीने का साफ पानी पहुँचाना और दूसरा पीएम मोदी ने 2022 तक किसानों की आय दुगुनी करने का वादा किया है, जिसके लिये खेतों को नवजीवन देने वाली सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ बनाना आवश्यक है। हर घर पानी पहुँचाने के लिये जहाँ 2024 तक का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, वहीं सिंचाई योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने की जिम्मेदारी 2022 तक पूरी करनी होगी।

उल्लेखनीय है कि गजेन्द्रसिंह शेखावत राजस्थान के जोधपुर से सांसद हैं और उन्होंने 30 मई को पीएम मोदी के साथ प्रथम पंक्ति के कैबिनेट मंत्रियों के साथ पद एवं गोपनीयता की शपथ ली थी। पीएम मोदी ने उन्हें जल शक्ति मंत्रालय का कैबिनेट मंत्री बनाया है। पिछली मोदी सरकार में वह कृषि और किसान कल्याण राज्यमंत्री रहे हैं, इसलिये वह खेती और किसानों की जरूरतों से परिचित हैं। वह राजस्थान के मुख्य मंत्री अशोक गहलोत के बेटे वैभव को 2.74 लाख से अधिक वोटों से हराकर जोधपुर से लगातार दूसरी बार सांसद चुने गये हैं। इससे पहले वह 2014 में पहली बार सांसद चुने गये थे, पहली बार चुने जाने के बावजूद उन्हें मोदी मंत्रिमंडल का हिस्सा बनाया गया था।

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