पूरा हुआ पुलवामा का प्रतिशोध : 40 CRPF जवानों पर हमले का षड्यंत्र रचने वाले सभी 19 आतंकवादी ढेर

गत 14 फरवरी को पुलवामा में केन्द्रीय रिज़र्व पुलिस बल (CRPF) के काफिले पर हुए आत्मघाती हमले के बाद पिछले डेढ़ महीने में भारतीय सुरक्षा बलों ने इस हमले का षड़यंत्र रचने वाले सभी 19 आतंकवादियों को ढेर कर दिया है। इसके साथ ही भारत ने पुलवामा आतंकी हमले का बदला पूरा कर लिया है।

इस साल अभी तक जम्मू-कश्मीर में 66 आतंकवादियों का सफाया किया गया है। इनमें से 27 आतंकी पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद (JEM) से जुड़े थे और इनमें भी 19 आतंकवादियों का खात्मा पुलवामा हमले के बाद 45 दिनों में किया गया है, जो प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से पुलवामा हमले के षड़यंत्र में शामिल थे। इस प्रकार सुरक्षा बलों ने इस षड़यंत्र से जुड़ी जेईएम की पूरी टीम का अंत कर दिया है और कुछ आतंकियों को गिरफ्तार भी किया है। सूत्रों ने बताया कि पुलवामा हमले से सीधे तौर पर जुड़े जैश के 4 आतंकियों का खात्मा 72 घण्टे के भीतर ही कर दिया गया था, जो अफग़ानिस्तान में आतंकी गतिविधियों का प्रशिक्षण लेकर कश्मीर में आतंक फैलाने के उद्देश्य से आए थे, जबकि अन्य 4 आतंकियों को अलग-अलग मुठभेड़ों में गिरफ्तार किया गया है।

उल्लेखनीय है कि पुलवामा हमले में सीआरपीएफ के लगभग 40 जवान शहीद हुए थे। इस घटना से जहाँ पूरे देश में गुस्सा था, वहीं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी घोषणा की थी, ‘जो आग आपके दिलों में लगी है, वही आग मेरे सीने में भी धधक रही है।’ प्रधानमंत्री के इस बयान से ही अनुमान लगाया जा रहा था कि मोदी चुप नहीं बैठेंगे और जैसे 2016 में उरी के आतंकी हमले का बदला लेने के लिये पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) में घुसकर भारतीय सेना ने आतंकियों के लॉन्चिंग पैड पर सर्जिकल स्ट्राइक की थी, उसी तर्ज पर पुलवामा आतंकी हमले का बदला लेने के लिये बड़ी कार्यवाही की जा सकती है। यह अनुमान तब सच सिद्ध हुआ, जब पुलवामा हमले के शहीदों की तेरहवीं से एक दिन पहले 26 फरवरी को ही भारतीय वायुसेना और उसके बहादुर जवानों ने पाकिस्तान के पीओके में घुस कर बालाकोट स्थित जैश ए मोहम्मद के आतंकी अड्डों पर एयर स्ट्राइक कर बम वर्षा कर दी और सुरक्षित लौट आये।

इस हमले के बाद पाकिस्तान में खलबली मच गई। इतना ही नहीं मोदी सरकार ने आतंकियों के ठिकाने बरबाद करने के साथ ही पाकिस्तान की अक्ल ठिकाने लाने के लिये उसके विरुद्ध भी कड़े कदम उठाये, जिनका प्रभाव पाकिस्तान में अब देखने को मिल रहे हैं और वहां हाहाकार मचा हुआ है। पाकिस्तान की अर्थ व्यवस्था चरमरा गई है, जिससे निपटना वहां की सरकार के लिये बड़ी चुनौती सिद्ध हो रहा है।

यहाँ यह भी उल्लेखनीय है कि मोदी सरकार ने कश्मीर से आतंक का नामो-निशान मिटाने के लिये वहाँ सेना को सुरक्षा की कमान सौंपी है और सेना को ऑपरेशन ऑल आउट चलाने की स्वीकृति दी है। 2014 से ही जम्मू-कश्मीर में सेना इस मिशन के तहत आतंकियों को ढूंढ-ढूंढ कर उनका सफाया कर रही है। जम्मू-कश्मीर में आतंकी गतिविधियों को जड़ से खत्म करने के लिये वहाँ ऐसी गतिविधियों के लिये फंडिंग करने वाले नेताओं की भी नकेल कसी गई है और अलगाववादी हुर्रियत नेताओं की न सिर्फ सुरक्षा वापस ली गई है, बल्कि उनके खातों की जांच करके कई नेताओं की गिरफ्तारी भी की गई है, जिससे वहाँ सेना पर पथराव की घटनाओं पर अंकुश लगा। मोदी सरकार ने 2016 में जो नोटबंदी की, उसका मूल उद्देश्य भी यही था कि पाकिस्तान से छप कर आई भारी मात्रा में 500 और 1000 रुपये की नकली भारतीय करेंसी भारत की अर्थव्यवस्था में गहराई तक पैठ बना चुकी थी, जो भारतीय अर्थ व्यवस्था को खोखला कर रही थी। इसलिये नोटबंदी के माध्यम से सरकार ने घर-घर से एक-एक नोट निकलवाकर बैंक तक पहुंचाई और इसके बाद फर्जी करंसी का बाजार से सफाया कर दिया।

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