VIDEO : CAA पर कांग्रेस, वाम मोर्चा और ममता बैनर्जी को मोदी ने दिया ये जवाब !

रिपोर्ट : विनीत दुबे

अहमदाबाद, 22 दिसंबर, 2019 (युवाPRESS)। नागरिकता संशोधन कानून (CITIZENSHIP AMENDMENT ACT-CAA) को लेकर देश के विभिन्न हिस्सों में हो रहे हिंसक विरोध प्रदर्शनों (VIOLENT PROTESTS) पर चुप्पी साधने वाले विपक्षी नेताओं पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM NARENDRA MODI) रविवार को दिल्ली में जम कर बरसे। उन्होंने कांग्रेस, वामपंथी दलों और ममता बैनर्जी को भी उलाहने दिये और उन्हें हिंसा का मौन समर्थक तक कह दिया।

दिल्ली में होने वाले विधानसभा चुनावों से पूर्व भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने रविवार को रामलीला मैदान में पार्टी का शक्ति प्रदर्शन किया। इस रैली को पीएम नरेन्द्र मोदी ने संबोधित किया। इस अवसर पर मोदी ने कांग्रेस, वामपंथी दलों और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बैनर्जी को आड़े हाथ लिया और उन्हें खूब खरी-खरी सुनाईं।

नागरिकता देने के लिये है CAA, छीनने के लिये नहीं : मोदी

मोदी ने नागरिकता कानून को लेकर समुदाय विशेष में फैले भ्रम को लेकर स्पष्टता की और कहा कि यह कानून देश के किसी भी नागरिक को प्रभावित नहीं करता है। यह कानून पड़ोसी देशों पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफग़ानिस्तान में सताये जा रहे और भारत में शरण लेने वाले शरणार्थी अल्पसंख्यकों को नागरिकता देने के लिये लाया गया है, न कि भारत के किसी नागरिक की नागरिकता लेने के लिये।

‘CAA मोदी का नहीं, महात्मा गांधी का विचार’

पीएम मोदी ने कहा कि यह नागरिकता कानून मोदी सरकार के दिमाग की उपज भी नहीं है और यह रातों रात आया हुआ कोई विचार भी नहीं है। उन्होंने बताया कि इस कानून का संबंध भारत के बँटवारे से है और महात्मा गांधी का विचार है। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने कहा था कि पड़ोसी देश में रहने वाले अल्पसंख्यक जब भी भारत आना चाहें तो उनका स्वागत किया जाएगा। इतना ही नहीं, पीएम ने कहा कि खुद को महात्मा गांधी का समर्थक बताने वाली कांग्रेस ने ही भूतकाल में स्वयं शरणार्थियों को नागरिकता देने की बात कही थी, परंतु मुस्लिम वोटबैंक हाथ से सरक जाने के डर से कांग्रेस यह वायदा नहीं निभा रही थी।

‘शरणार्थियों को नागरिकता देने की कांग्रेस कर रही थी माँग’

पीएम मोदी ने नाम लेते हुए कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने स्वयं 2003 में देश की संसद में बांग्लादेश से आये पीड़ित अल्पसंख्यक शरणार्थियों को नागरिकता देने के लिये नागरिकता संशोधन बिल लाने की तत्कालीन अटल बिहारी वाजपेयी सरकार से माँग की थी। उन्होंने कहा कि स्वयं असम के तत्कालीन कांग्रेसी मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने केन्द्र सरकार को कई बार पत्र लिखकर असम में आये बांग्लादेशी शरणार्थियों को नागरिकता देने के लिये कानून बनाने की माँग की थी। इतना ही नहीं, राजस्थान के वर्तमान कांग्रेसी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी पूर्व में पाकिस्तान से आये अल्पसंख्यक शरणार्थियों को भारत की नागरिकता देने की माँग कर चुके हैं। कांग्रेस खुद तो तुष्टिकरण की राजनीति के कारण पिछले 70 सालों में अपने वायदे को नहीं निभा पाई और जब मोदी सरकार ने यह काम किया तो कांग्रेस के नेता अपनी बात से पलट गये। मोदी सरकार को श्रेय न मिल जाये, इसलिये पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के साथ हो रहे अन्याय को लेकर दुनिया भर में उसकी पोल खोलने का मौका भी गँवा दिया। इससे विपरीत अपने ही देश में नागरिकता कानून को लेकर भ्रम फैलाया और भारत को तथा मोदी सरकार को दुनिया में बदनाम करने की साजिश रच डाली।

वामपंथी दलों को मोदी का जवाब

पीएम नरेन्द्र मोदी ने वामपंथी दलों को भी आड़े हाथ लेते हुए कहा कि वामपंथी दल भी पहले शरणार्थियों के लिये नागरिकता की माँग करते थे और अब जब उन्हें नागरिकता देने का कानून लाया गया है तो एक मात्र मोदी विरोध के लिये शरणार्थियों के हितों की रक्षा करने वाले कानून के विरोध का दिखावा कर रहे हैं। मोदी ने कहा कि वैसे ही वामपंथी विचारधारा दुनिया में सिमट कर रह गई है। इन लोगों की हरकतों को पूरा देश देख रहा है।

ममता बैनर्जी को मोदी ने दिया ये जवाब

नागरिकता कानून को लेकर संयुक्त राष्ट्र संगठन (UNO) जाने की बात करने वाली तृणमूल कांग्रेस की सुप्रीमो और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बैनर्जी को भी पीएम मोदी ने जमकर खरी-खरी सुनाईं। उन्होंने ‘दीदी’ के नाम से पहचानी जाने वाली ममता बैनर्जी को उलाहना देते हुए कहा कि दीदी तो सीधी कोलकाता से यूएनओ ही पहुँच गईं। मोदी ने कहा कि चुनाव तो आते-जाते रहते हैं और सत्ता भी आती-जाती रहती है, परंतु दीदी सत्ता जाने के भय से भयभीत दिखाई दे रही हैं, उन्हें पश्चिम बंगाल के नागरिकों पर भरोसा ही नहीं रह गया है, तभी तो उन्हें घुसपैठियों का पक्ष लेना पड़ रहा है। इस प्रकार मोदी ने एक-एक करके अपने विरोधियों को करारा जवाब दिया और कहा कि देश में इतनी हिंसा हो रही है और कोई राजनीतिक दल इस हिंसा पर एक शब्द नहीं बोल रहा है। इससे जाहिर है कि ये लोग मौन समर्थन दे रहे हैं, मगर इन्हें पता होना चाहिये कि देश सबकुछ देख रहा है और समझ रहा है।

यहाँ सुनें पीएम मोदी का पूरा भाषण :

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