देश की आधी आबादी के लिये मोदी सरकार शुरू करेगी ये मिशन : यहाँ जानिए क्या है लक्ष्य ?

रिपोर्ट : विनीत दुबे

अहमदाबाद, 15 अगस्त, 2019 (युवाPRESS)। मोदी सरकार-2 एक ऐसा मिशन शुरू करने जा रही है, जिसका सम्बंध देश की आधी आबादी से है। देश के 73वें स्वाधीनता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस मिशन की घोषणा की और बताया कि इस मिशन पर सरकार साढ़े तीन लाख करोड़ रुपये खर्च करने वाली है। उन्होंने यह भी कहा कि यह कोई सरकारी मिशन नहीं है, बल्कि सरकार इसे जन अभियान बनाकर जो काम करने में 70 साल का लंबा समय लगा, उससे दुगुना काम अगले 5 वर्ष में करने के लक्ष्य को लेकर काम करेगी।

घर-घर पीने का स्वच्छ पानी मुहैया कराएँगे मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि उनकी सरकार घर-घर पीने का शुद्ध पानी उपलब्ध कराने के लिये ‘जल जीवन मिशन’ शुरू करने जा रही है, जिस पर लगभग साढ़े तीन लाख करोड़ रुपये खर्च किये जाएँगे। पीएम मोदी ने कहा कि यह विडंबना ही है कि आज़ादी के 70 साल बाद भी देश के आधे घरों में पीने के लिये शुद्ध पानी उपलब्ध नहीं हो पाया है और लोगों के जीवन का महत्वपूर्ण समय पानी की व्यवस्था करने में खप जाता है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार इस मिशन पर काम करेगी और इसमें राज्य सरकारों तथा सामान्य जनता को जोड़कर इस महाभियान को सफल बनाएगी। उन्होंने कहा कि जल संचय एक बड़ा अभियान बनना चाहिये। इसके लिये व्यापक स्तर पर बरसाती पानी को रोकने पर काम करने की जरूरत है। समुद्री पानी को पीने लायक बनाने पर काम किया जाएगा। सिंचाई के लिये माइक्रो इरीगेशन पर काम होगा। पानी बचाने का अभियान चलाया जाएगा। इसके लिये सामान्य जनता में जागरूकता लाई जाएगी और बच्चों को स्कूलों में पानी के महत्व के बारे में पढ़ाया जाएगा। पीएम मोदी ने एक जैन मुनि महुड़ी को स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने लिखा था कि भविष्य में एक दिन ऐसा आएगा, जब पानी किराने की दुकान में बिकेगा। 100 साल पहले कही गई उनकी बात सही हो गई है और आज सचमुच किराने की दुकानों पर बोतलों में पानी बिक रहा है। ऐसे में जल संचय का अभियान केवल सरकारी स्तर तक ही सीमित नहीं रहना चाहिये और इसे जन सामान्य का अभियान बनाना चाहिये। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार इस मिशन पर राज्य सरकारों के साथ मिलकर काम करेगी और आम जनता को भी इसमें भागीदार बनाएगी।

जल शक्ति मंत्रालय कर रहा है जल जीवन मिशन पर काम

उल्लेखनीय है कि केन्द्र सरकार ने जल संसाधन मंत्रालय और ऐसे ही अन्य मंत्रालयों को जोड़कर जल शक्ति मंत्रालय का गठन किया है, जो मोदी सरकार के जल जीवन मिशन को साकार करने के काम में जुटा है। इस मंत्रालय ने पिछले महीने 15वें वित्त आयोग के साथ बैठक करके उसे जल संचय की विभिन्न योजनाओं के लिये आगामी 5 वर्ष में आवश्यक धन राशि का ब्यौरा दिया था। वित्त आयोग के अनुसार मंत्रालय ने उसकी विभिन्न योजनाओं के लिये 15वें वित्त आयोग की अवधि में कुल लगभग 3,48,226 करोड़ रुपये की जरूरत दर्शाई है। मंत्रालय की विभिन्न योजनाओं के अनुमानित खर्च में 50,000 करोड़ रुपये पंचायतों और स्थानीय निकायों के सहयोग से स्थानीय जल स्रोतों को संरक्षित करने पर खर्च किये जाएँगे। इसके अलावा देश भर की नदियों की सफाई पर 40,000 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जिसमें से 20,000 करोड़ रुपये राष्ट्रीय नदी संरक्षण योजना पर खर्च होंगे जिसमें गंगा को छोड़कर अन्य नदियों की सफाई का काम किया जाएगा तथा 20,700 करोड़ रुपये अकेले नमामि गंगे पर खर्च किये जाएँगे। मंत्रालय की ओर से वित्त आयोग को यह भी बताया गया है कि जल जीवन मिशन एक मिशन मोड कार्यक्रम होगा, जो 2024 तक चलेगा। इस मिशन के तहत फंडिंग आउटकम आधारित होगी। अच्छा प्रदर्शन करने वाले राज्यों को अधिक फंड दिया जाएगा, जबकि खराब प्रदर्शन करने वाले राज्यों के फंड में कटौती की जाएगी।

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