VIDEO : इस ‘बुराई’ के आगे फिर ‘झुके’ मोदी, लगातार कर रहे हैं ‘क्रांति’

रिपोर्ट : कन्हैया कोष्टी

अहमदाबाद, 11 नवंबर, 2019 (युवाPRESS)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अक्सर कहते हैं कि हमें सफाई की सोच को व्यवहार में शामिल करना होगा। पीएम मोदी केवल कहते नहीं बल्कि उसे अपने आचरण में उतारते भी हैं। यही पीएम मोदी को सबसे अलग बनाता है। करतारपुर कॉरिडोर के उद्घाटन के मौके पर पीएम मोदी ने अपने आचरण से फिर स्वच्छता का संदेश दिया। पीएम मोदी ने अपने स्वच्छ भारत अभियान को जारी रखते हुए मंच पर गिरे कचरे को उठाया और सहयोगी को दिया। आप इसे इस वीडियो के माध्यम से देख सकते हैं।

ट्विटर पर लोगों ने पीएम मोदी के इस आचरण की काफी तारीफ की। एक ट्वीटर यूजर ने कहा कि पीएम मोदी स्वच्छता का संदेश देने के लिए कोई मौका नहीं छोड़ते। कभी ‘मन की बात’ कार्यक्रम के जरिए, तो कभी बिना कुछ कहे संदेश देते हैं।

एक यूज़र ने कहा कि मोदी जी हमेशा देशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है, उनका स्वच्छता के प्रति यह आग्रह देख कर लोगों में स्वच्छता अभियान से जुड़ने की भावना पैदा होती है।

इससे पहले गत 12 अक्टूबर, 2019 को तमिलनाडु के मामल्लापुरम यानी महाबलीपुरम में प्रधानमंत्री मोदी सुबह की सैर पर निकले। इस दौरान उन्होंने समुद्र तट पर साफ-सफाई की और कचरा भी उठाया था। प्रधानमंत्री मोदी ने उस दिन एक वीडियो ट्वीट करते हुए लिखा था, “आज सुबह ममल्लापुरम के तट पर गया। वहां करीब 30 मिनट से भी अधिक समय तक रहा। वहां बिखरे प्लास्टिक और कचरे को इकट्ठा किया और होटल कर्मचारी जयराज को इकट्ठा किया कचरा दे दिया। हम यह सुनिश्चित करें कि हमारे सार्वजनिक स्थल साफ सुथरे रहें! आइए हम यह भी सुनिश्चित करें कि हम फिट और स्वस्थ रहें।”

‘हाउडी मोदी’ कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए पीएम मोदी अमेरिका के ह्यूस्टन पहुंचे। जॉर्ज बुश अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर एक अमेरिकी प्रतिनिधि मंडल ने उनका स्वागत फूलों के गुलदस्ते से किया। इसी दौरान एक फूल गुलदस्ते से गिर गया, जिसे पीएम मोदी ने सभी को चौंकाते हुए खुद उठाया। प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में मथुरा से देश और दुनिया को ‘प्लास्टिक मुक्त भारत’ बनाने का संदेश दिया। यहां कूड़ा बीनने वाली 25 महिलाओं के साथ बैठकर खुद पीएम मोदी ने कचरे से प्लास्टिक निकालीं। यही नहीं पीएम मोदी ने इस दौरान इन महिलाओं को सम्मानित भी किया और साथ ही उनके कार्यों में आने वाली दिक्कतों को भी जाना। कचरा बीनने वाली इन 25 महिलाओं को प्लास्टिक मुक्त भारत का ब्रांड एम्बेसडर भी बनाया जाएगा।

उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू के भाषणों लेखों के संकलन ”Tireless Voice Relentless journey:Key speeches & articles of Venkaiah Naidu” के विमोचन के अवसर पर भी पीएम मोदी ने एक बार फिर मिसाल पेश की। एनडीए सांसदों की उपस्थिति में उन्होंने अपने आचरण से न सिर्फ स्वच्छ भारत के संकल्प को दोहराया बल्कि देश-दुनिया को स्वच्छता का संदेश भी दिया। दरअसल जिस समय पीएम मोदी किताब का विमोचन कर रहे थे उस वक्त मंच पर बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, अरुण जेटली और वेंकैया नायडू स्वयं उपस्थित थे। सभी ने किताब का विमोचन किया लेकिन रैपर वहीं पीछे टेबल पर फेंक दिया। पीएम मोदी से रहा न गया और उन्होंने स्वयं ही रैपर उठाना शुरू कर दिया, तब वेंकैया नायडू ने भी उनका साथ दिया। पीएम मोदी जब वहां से मुड़कर जाने लगे तो आगे और भी रैपर फेंका हुआ था, लेकिन उन्होंने इसे इग्नोर नहीं किया और स्वयं झुक कर इसकी सफाई की। बाद में वहाँ मौजूद कर्मचारियों ने पीएम का अनुकरण करते हुए मंच की सफाई की। पीएम मोदी की इस पहल को देखकर हॉल में मौजूद लोगों ने तालियाँ बजाईं।

इसी प्रकार 11 अप्रैल, 2017 को तत्कालीन लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन की किताब मातोश्री का विमोचन था, तभी पीएम मोदी ने कुछ ऐसा किया कि लोग देर तक तालियां बजाते रह गए। संसद की लाइब्रेरी बिल्डिंग के आडिटोरियम में किताब विमोचन के बाद भी पैकिंग पेपर हाथ में ही पकड़े रहे। कुछ ही देर में उन्होंने पैकिंग पेपर को दोनों हाथों से मोड़ा और फिर तुरंत ही अपनी हाफ जैकेट की बाईं जेब में उसे रख लिया। महज 10 सेकंड में ये सब हुआ, लेकिन जैसे ही पीएम ने उस वेस्ट पैकिंग पेपर को खुद अपनी जेब में रखा दर्शक दीर्घा में मौजूद लोग अपनी सीट से खड़े हो गए और करीब बीस सेकंड तक जोरदार तरीके से तालियां बजाईं। दरअसल पीएम मोदी ने यह आदतन किया। लेकिन पीएम मोदी का आदतन किया गया यह आचरण एक नजीर बन गया।

उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के स्वच्छ भारत के सपने को साकार करने के लिए देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन के पास स्वयं झाड़ू उठाकर स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत की थी। फिर वो वाल्मिकी बस्ती पहुंचे और वहां भी साफ-सफाई की और कूड़ा उठाया। उन्होंने इस अभियान को जन आंदोलन बनाते हुए देश के लोगों को मंत्र दिया था, ‘ना गंदगी करेंगे, ना करने देंगे’। पीएम मोदी का सपना साकार होने लगा और स्वच्छ भारत अभियान के चलते लोगों में साफ-सफाई के प्रति एक जिम्मेदारी की भावना आ गई। प्रधानमंत्री इस कार्य को और आगे बढ़ाते रहे, वो अपने निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी पहुंचे और वहां भी खुद आगे बढ़कर सफाई अभियान को गति देने का काम किया। पीएम मोदी ने काशी के अस्सी घाट पर गंगा के किनारे कुदाल से साफ-सफाई की। इस मौके पर भारी संख्या में स्थानीय लोगों ने स्वच्छ भारत अभियान में उनका साथ दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने देश के सामने उस समय मिसाल पेश की, जब उन्होंने अपने निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी के शहंशाहपुर गांव में अपने हाथों से पहली बार शौचालय की नींव रखी। इसके बाद पीएम मोदी ने कहा कि मैं जिस गांव में गया, वहाँ शौचालय में लिखा हुआ था- इज्ज़त घर। ये हमारी महिलाओं की इज्ज़त के लिए ही है। जो महिलाओं की इज्जत चाहेगा, वो शौचालय जरूर बनाएगा। प्रधानमंत्री मोदी ने जब स्वच्छ भारत अभियान शुरू किया था, तब देश का एक भी राज्य खुले में शौच की समस्या से मुक्त नहीं था। अब 100 प्रतिशत भारतीयों के घरों में शौचालय की सुविधा है, यानी 28 राज्यों और 9 केन्द्र शासित प्रदेशों में व्यक्तिगत घरेलू शौचालय (IHHL) 100 प्रतिशत कवर हैं। एनडीए सरकार ने 2014 से देश को खुले में शौच से मुक्त बनाने के लिए 10 करोड़ शौचालयों का निर्माण किया है। आज 99.99 प्रतिशत भारतीयों के पास शौचालय की सुविधा है, जोकि 2014 से पहले केवल 39 प्रतिशत थी। लगभग 5.99 लाख गांवों, 699 जिलों, 28 राज्यों और 9 केंद्रशासित प्रदेशों को खुले में शौच से मुक्त घोषित कर दिया गया है।

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