OMG : 11 साल से नहीं बढ़ी सैलरी, फिर नहीं है कोई शिकवा…

रिपोर्ट : कन्हैया कोष्टी

अहमदाबाद, 22 जुलाई, 2019 (युवाPRESS)। किसी भी संस्थान में काम करने वाले चौथे वर्ग के कामगार से लेकर प्रथम वर्ग के अधिकारी तक को वर्ष के उस एक दिन की आतुरतापूर्वक प्रतीक्षा रहती है, जब संस्थान की ओर से इन्क्रीमेंट दिया जाता है। हर व्यक्ति यह आस लगाए रहता है कि निरंतर बढ़ती महंगाई के बीच इस वर्ष उसकी तनख्वाह कितनी बढ़ेगी ?

जहाँ तक सरकारी संस्थानों की बात है, तो वहाँ काम करने वालों के लिए तो बाकायदा वेतन आयोग बना हुआ है, जो वर्ष दर वर्ष बढ़ती महंगाई के साथ-साथ वेतन की समीक्षा करते हुए वेतन वृद्धि की अनुशंसा करता रहता है, परंतु निजी संस्थानों में तो ऐसा कोई वेतन आयोग होता नहीं है। निजी संस्थानों में काम करने वालों के लिए तो अपना श्रेष्ठतम् कामकाज और उच्चाधिकारियों की अनुशंसा ही वेतन वृद्धि का आधार मानी जाती है। इसमें भी कई कर्मचारी-अधिकारी तो बेचारे, अपने सीनियर्स के राग-द्वेष का भी शिकार बन जाते हैं और अच्छा कार्य निष्पादन देने के बावजूद सैलरी नहीं बढ़ती। ऐसे लोगों के पास कंपनी छोड़ने का विकल्प होता है, तो कई लोग अवसर नहीं मिल पाने के कारण सैलरी नहीं बढ़ने पर भी मन मसोस कर उसी कंपनी में डटे रहते हैं और साल भर शिकायत करते हुए अगले इनक्रीमेंट की प्रतीक्षा करने में जुट जाते हैं, परंतु क्या आप किसी ऐसे व्यक्ति को जानते हैं, जो 11 साल तक सैलरी नहीं बढ़ने के बावजूद उसी कम्पनी में डटा हुआ हो और उसे अपनी कंपनी से कोई शिकायत भी नहीं हो ? कदाचित नहीं ! आप स्वयं प्रश्न करेंगे कि ऐसा मूर्ख कौन होगा, जो 11-11 वर्षों तक बिना इनक्रीमेंट लिए नौकरी करता रहे ? आप कहेंगे कि यह तो स्वयं का शोषण कराने वाली बात हो गई, परंतु आज हम आपको ऐसे ही एक शख्स से मिलवाने जा रहे हैं, जिसकी सैलरी लगातार 11वें वर्ष नहीं बढ़ी है और फिर भी उसे अपनी कंपनी से कोई शिकवा नहीं है।

चलिए, अब आपको इस व्यक्ति का नाम भी बता ही देते हैं। इनका नाम है मुकेश अंबाणी। भारत के सबसे धनी उद्योगपति और विश्व के शीर्ष 10 अमीर उद्योगपतियों में शामिल मुकेश अंबाणी की लगातार 11वें साल सैलरी नहीं बढ़ी है। रिलायंस इण्डस्ट्रीज़ लिमिटेड (RIL) के संस्थापक अध्यक्ष, स्वामी, मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) मुकेश अंबाणी की वर्ष 2019-20 के लिए सैलरी में कोई वृद्धि नहीं की गई है। मुकेश अंबाणी का वर्तमान वार्षिक वेतन 15 करोड़ रुपए है और लगातार 11वें साल उनकी सैलरी में कोई वृद्धि नहीं की गई है।

कब से 15 करोड़ रुपए पर अटकी हुई है सैलरी ?

मुकेश अंबाणी का वेतन 11वें साल भी नहीं बढ़ाया गया है और यह स्वयं मुकेश अंबाणी की अनुशंसा पर हुआ है। अंबाणी का अंतिम इनक्रीमेंट वर्ष 2008-09 में हुआ था। उस इनक्रीमेंट में उनका वेतन 15 करोड़ रुपए निर्धारित हुआ था और अंबाणी ने तभी से अपना वेतन स्थिर कर रखा है। अंबाणी की वर्ष 2019-20 के लिए भी सैलरी 15 करोड़ रुपए ही रखी गई है। आरआईएल की रिपोर्ट के अनुसार मुकेश अंबाणी की वेतन राशि 15 करोड़ रुपए में भत्ते भी शामिल हैं। वर्ष 2018-19 में अंबाणी को भत्तों के रूप में 4.45 करोड़ रुपए दिए गए थे, जो 2017-18 में प्राप्त 4.49 करोड़ रुपए से कम हैं। मुकेश अंबाणी के सैलरी पैकेज में 9.53 करोड़ रुपए कमीशन राशि शामिल है। अतिरिक्त सुविधाओं की रकम 27 लाख रुपए से बढ़ा कर 31 लाख रुपए कर दी गई है, वहीं सेवानिवृत्ति लाभ 71 लाख रुपए है। कुल मिला कर मुकेश अंबाणी का वार्षिक वेतन 15 करोड़ रुपए है।

अधीनस्थों की सैलरी में भारी उछाल

निखिल मेसवाणी और हितल मेसवाणी

इस बीच मुकेश अंबाणी की सैलरी भले ही 11 वर्षों से स्थिर हो, परंतु आरआईएल की रिपोर्ट के अनुसार कंपनी के शेष निदेशकों सहित सभी अधीनस्थों की सैलरी में भारी वृद्धि हुई है। मुकेश के ककेरे भाई निखिल आर. मेसवाणी और हितल आर. मेसवाणी को वर्ष 2018-19 में 20.57-20.57 करोड़ रुपए का पैकेज दिया गया, जबकि 2017-18 में उनका सैलरी पैकेज 19.99 करोड़ और 2016-17 में 16.58 करोड़ रुपए था। 2015-16 में निखिल का सैलरी पैकेज 14.42 करोड़ और हितल का सैलरी पैकेज 14.41 करोड़ रुपए था। आरआईएल के कार्यकारी निदेशक पी. एम. एस. प्रसाद का सैलरी पैकेज 8.99 करोड़ रुपए से बढ़ा कर 10.01 करोड़ रुपए और रिफाइनरी चीफ पवन कुमार कपिल का वेतन 3.47 करोड़ से बढ़ा कर 4.17 करोड़ रुपए कर दिया गया है।

मुकेश अंबाणी की पत्नी और आरआईएल की अकार्यकारी निदेशक (NED) नीता अंबाणी को कमीशन के रूप में 11.65 करोड़ रुपए सैलरी दी जाएगी, जो 2017-18 में 1.5 करोड़ रुपए और 2016-17 में 1.3 करोड़ रुपए थी। नीता अंबाणी की सिटिंग फीस 6 लाख से बढ़ कर 7 लाख रुपए हो गई है। नीता के अलावा अन्य एनईडी मानसिंह एल. भक्त, योगेन्द्र पी. त्रिवेदी, दीपक सी. जैन, रघुनाथ ए. माशेलकर, आदिल ज़ैनुलभाई, रामंदर सिंह गुजराल, शमित बनर्जी तथा अरूंधति भट्टाचार्य की सैलरी भी बढ़ी है। भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की पूर्व अध्यक्ष और 17 अक्टूबर, 2018 को आरआईएल बोर्ड में नियुक्त अरूंधति भट्टाचार्य को कमीशन के रूप में 75 लाख रुपए दिए गए।

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