यह है देश का ‘6 STAR’ गाँव और ये हैं उसके STAR सरपंच

रिपोर्ट : विनीत दुबे

अहमदाबाद, 23 अक्टूबर, 2019 (युवाPRESS)। हरियाणा के रोहतक जिले में कलानौर खंड में स्थित काहनौर ग्राम पंचायत अपने प्रदेश को देश में गौरवान्वित कर रही है और इस पंचायत को सरपंच के रूप में गौरवान्वित कर रहे हैं अमित कादयान। कादयान के नेतृत्व में ग्राम पंचायत ने राज्य और केन्द्र सरकार को इतना प्रभावित किया है कि इस ग्राम पंचायत को एक के बाद एक अवार्ड से सम्मानित किया जा रहा है। पंचायत को पिछले वर्ष केन्द्र सरकार की ओर से ‘नानाजी देशमुख गौरव ग्राम सभा’ और ‘दीन दयाल उपाध्याय सशक्तिकरण पुरस्कार’ से नवाजा जा चुका है और अब इस साल पुनः काहनौर पंचायत को ‘दीन दयाल उपाध्याय सशक्तिकरण पुरस्कार’ के साथ साथ पहली बार चाइल्ड फ्रेंडली पंचायत का भी पुरस्कार दिया गया है। यह तीनों पुरस्कार केन्द्र सरकार की ओर से दिये गये हैं। इसके अलावा हरियाणा राज्य सरकार की ओर से भी पंचायत को ‘सेवन स्टार रेनबो योजना’ के अंतर्गत 2018 में ‘5 स्टार’ और 2019 में ‘6 स्टार’ ग्राम पंचायत का दर्जा दिया गया है। सरपंच कादयान के कथनानुसार गाँव के लिये सबसे बड़े गौरव की बात तो यह है कि पिछले वर्ष पंचायत स्वयं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हाथों से सम्मानित हो चुकी है।

क्या विशेषताएँ हैं काहनौर गाँव में ?

इस गाँव के किसी भी घर में न कोई घरेलू हिंसा होती है और न ही गाँव में कोई जातीय टकराव। गाँव में स्वच्छता का पूरा ध्यान रखा जाता है और हर ग्रामवासी स्वच्छता का ध्यान रखता है। घर-घर जाकर सूखा और गीला कचरा इकट्ठा किया जाता है। गीले कचरे से खाद बनाई जाती है और सूखे कचरे को बेच दिया जाता है। इस गाँव में हर बच्चा स्कूल जाता है, कोई भी बच्चा ड्रॉप आउट नहीं है, अर्थात् कोई भी बच्चा बीच में पढ़ाई नहीं छोड़ता है।

गाँव में कोई गुटबाजी भी नहीं है और पर्यावरण संरक्षण के लिये सकारात्मक कदम उठाये गये हैं। इस गाँव में पॉलीथिन का प्रयोग प्रतिबंधित है और यदि कोई ऐसा करते हुए पकड़ा जाता है तो उससे जुर्माना वसूल किया जाता है। बाहर से सामान लाने के साथ यदि कोई पॉलीथिन आती है तो उसका उचित ढंग से निराकरण किया जाता है। गाँव में कोई खुले में शौच नहीं जाता है, हर घर में शौचालय की सुविधा है। गाँव में लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिये 30 हजार लीटर प्रति दिन की क्षमता वाला आरओ सिस्टम लगाया गया है। इस आरओ से निकलने वाला अतिरिक्त पानी बरबाद नहीं किया जाता है, उसका भवन निर्माण सहित विविध कार्यों के लिये उपयोग होता है। यदि कोई उपयोग न हो तो इस अतिरिक्त पानी को स्टोर किया जाता है और उससे भूमिजल को रिचार्ज किया जाता है और सबसे बड़ी बात यह कि सर्वविदित है कि हरियाणा में लिंगानुपात एक बड़ी समस्या है। जबकि यह गाँव प्रदेश की इस समस्या में अपवाद है। इस गाँव में लड़कों की तुलना में लड़कियों का अनुपात प्रति हजार लड़कों पर 1,200 है।

गाँव को इसलिए मिला ‘चाइल्ड फ्रेंडली अवार्ड’

पहली बार सरपंच अमित कादयान के नेतृत्व वाली काहनौर ग्राम पंचायत को ‘चाइल्ड फ्रेंडली अवॉर्ड’ प्राप्त हुआ है। यह अवॉर्ड ऐसी पंचायत को दिया जाता है, जिसने बच्चों के भविष्य को लेकर बेहतरीन काम किये हों। इनमें सरकारी स्कूल की व्यवस्था, आँगनवाड़ी केन्द्र में बच्चों के बैठने की अच्छी व्यवस्था, खाने-पीने का प्रबंध व अन्य सुविधाएँ तथा तरीके, स्वास्थ्य सम्बंधी सही आँकड़े, टीकाकरण और बालिकाओं के लिये चलाई जा रही योजनाओं का यथार्थ अमलीकरण जैसे मानक सुनिश्चित किये गये हैं। इन मानकों पर खरा उतरने के बाद ही पंचायत को यह अवॉर्ड दिया जाता है। अवॉर्ड देने से पहले केन्द्र व राज्य सरकार के उच्च अधिकारियों की टीम द्वारा गाँव में जाकर तथा ग्रामजनों से बात करके वास्तविक स्थिति, पंचायत द्वारा सरकार को दिये गये आँकड़ों और किये गये दावों का बारीकी से निरीक्षण किया जाता है। इस निरीक्षण में सरपंच अमित कादयान की ओर से सरकार को उपलब्ध कराये गये आँकड़े और पुरस्कार के लिये किया गया दावा सही पाया गया। इसके बाद सरकार की ओर से इस पुरस्कार के लिये काहनौर ग्राम पंचायत का चयन किया गया है, जो अमित कादयान की सच्चाई, प्रामाणिकता, गाँव और ग्रामजनों के प्रति कर्तव्यपरायणता और उनकी देश भक्ति को उजागर करती है।

पूसा नई दिल्ली में स्थित नेशनल एग्रीकल्चर साइंस कॉम्प्लेक्स के सुब्रह्मण्यम हॉल में केन्द्र सरकार की ओर से आयोजित अवॉर्ड समारोह में 23 अक्टूबर बुधवार को अमित कादयान को दीन दयाल उपाध्याय पंचायत सशक्तिकरण अवॉर्ड तथा चाइल्ड फ्रेंडली अवॉर्ड प्रदान किया गया है।

दिल्ली में अमित कादयान को मिला पुरस्कार

इस ग्राम पंचायत को इतने सारे अवॉर्ड मिलना भी अमित कादयान की उपलब्धियों को दर्शाता है। इससे अनुमान लगाया जा सकता है कि उन्होंने गाँव को श्रेष्ठ बनाने के लिये कितनी मेहनत की है, जो अब अवॉर्ड के रूप में फलित हो रही है। क्योंकि पंडित दीन दयाल उपाध्याय पंचायत सशक्तिकरण पुरस्कार ऐसी पंचायत को दिया जाता है जो उसे सौंपे गये दायित्वों के अनुसार कृत्यशीलता की ओर अग्रसर हो। इस पुरस्कार के अंतर्गत पंचायत को 7 लाख रुपये, खंड स्तर पर 15 लाख रुपये तथा जिला स्तर पर 25 लाख रुपये की धन राशि दी जाती है। इस प्रकार देखा जाए तो अमित कादयान ने सरपंच के रूप में न सिर्फ अपने गाँव, बल्कि खंड, जिला और प्रदेश को गौरवान्वित किया है। यह पुरस्कार प्राप्त करके और गाँव को 7 स्टार में से 6 स्टार का दर्जा दिलाने में अमित कादयान की ही मुख्य भूमिका रही है। अब अमित कादयान का अगला उद्देश्य अपनी पंचायत को 7 स्टार का तमगा दिलाना है।

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