मात ने हर ली मति भी ! जानिए अपरिपक्वता कैसे एक MASS LEADER को ला देती है ‘अर्श से फर्श’ पर ?

विश्लेषण : कन्हैया कोष्टी

अहमदाबाद, 12 जून, 2019। आयु चाहे जो भी हो, आचरण से ही व्यक्ति की अच्छाई और बुराई का पता चलता है। विवेकशील व्यक्ति की आयु 18 वर्ष से कम भी हो, तो भी वह बड़े-बड़े संकटों का सामना कर बड़ी-बड़ी उपलब्धियाँ हासिल कर सकता है, तो आयु की अधेड़ावस्था में पहुँच जाने के बाद भी यदि विवेक न हो, परिपक्वता न हो, तो ऐसा व्यक्ति या तो फर्श से अर्श तक जाता ही नहीं है और अगर जाता है, तो उसे अर्श से फर्श पर आने में देर भी नहीं लगती।

आप सोच रहे होंगे कि हम किसी राजनेता और अपरिपक्वता की बात है, तो निश्चित रूप से कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की बात कर रहे होंगे, परंतु आप ग़लत सोच रहे हैं। हाँ, हम जिसकी बात कर रहे हैं, वे अपरिपक्वता के परिचायक बने राहुल गांधी के चेले-चपाटों में से ही एक है, परंतु दोनों में एक अपरिक्वता की समानता होने के बावजूद बड़ा फर्क़ यह है कि राहुल जहाँ आगामी 19 जून को 49 वर्ष के हो जाएँगे और इस दौरान वे राजनीतिक क्षेत्र में कभी फर्श से अर्श तक नहीं पहुँच पाए, क्योंकि 15 वर्षों के राजनीतिक जीवन के बावजूद उनमें राजनीतिक परिपक्वता का अभाव है। दूसरी तरफ हम राहुल के जिस चेले-चपाटे की बात कर रहे हैं, उसने सिर्फ 21 वर्ष की आयु में फर्श से अर्श को छू लिया, परंतु अपरिक्वता के चलते 25 वर्ष की आयु में पहुँचते-पहुँचते अर्श से फर्श पर आ गया।

वास्तव में अपरिपक्वता किसी भी व्यक्ति की विफलता के पीछे सबसे पहला और बड़ा कारण होती है। यह बात न राहुल गांधी समझ रहे हैं और न ही उनके चेले-चपाटे समझ रहे हैं। अपरिपक्वता के बाद उस पर आत्म-मंथन न करना भी एक और अपरिपक्वता की निशानी है। यही कारण है कि अपरिपक्वता से मिली मात इंसान की मति भी हर लेती है और वह ग़लतियों पर ग़लतियाँ करता-दोहराता जाता है।

चलिए, अब अधिक रहस्य न बनाए रखते हुए आपको इममैच्योरिटी का शिकार हुए इस व्यक्ति का नाम बता ही देते हैं। इनका नाम है हार्दिक पटेल, जो आगामी 20 जुलाई को 26 वर्ष के हो जाएँगे। 25 अगस्त, 2015 को गुजरात के 12 प्रतिशत से अधिक पाटीदार समुदाय के सबसे बड़े नेता के रूप में उभरे हार्दिक पटेल का कद एक समय इतना अधिक बढ़ गया कि राष्ट्रीय स्तर पर उन्हें गंभीरता से लिया जाने लगा, क्योंकि वे सीधे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को चुनौती दे रहे थे।

पटेल समुदाय को आरक्षण दिलाने की मांग के साथ पाटीदार आरक्षण आंदोलन समिति (PAAS) का गठन कर आंदोलन छेड़ने वाले हार्दिक पटेल दिसम्बर में हुए गुजरात विधानसभा चुनाव 2017 में बहुत बड़े सामाजिक नेता थे, परंतु एकमात्र मोदी विरोधी एजेंडा और उसमें आने वाली कांग्रेस की बू ने हार्दिक का पतन आरंभ किया और लोकसभा चुनाव 2019 से पहले कांग्रेस का हाथ थाम कर हार्दिक ने सिद्ध कर दिया कि वे अपरिपक्वता के मामले में राहुल गांधी से उन्नीस नहीं हैं। उसके बाद हार्दिक की सामाजिक-राजनीतिक अधोगति शुरू हुई, जिसमें वे लोकसभा चुनाव न लड़ सके, गुजरात में कांग्रे को कोई फायदा न पहुँचा सके और इसके साथ ही राष्ट्रीय स्तर पर जहाँ राहुल संघर्ष कर रहे हैं, वहीं गुजरात में राहुल के इस चेले हार्दिक को ख़बरों में बने रहने के लिए कोई मुद्दा नहीं मिल रहा है।

अब कर दी ऐसी मूर्खता, जो बच्चे से भी बदतर है

हार्दिक पटेल को लेकर इतनी बड़ी और लम्बी भूमिका इसलिए बांधनी पड़ी, क्योंकि उन्होंने भारतीय वायुसेना के लापता AN-32 एयरक्राफ्ट को लेकर एक TWEET कर दिया। 2015 से 2019 यानी चार वर्षों तक जिस नरेन्द्र मोदी के विरुद्ध विषवमन कर अपने सामाजिक और राजनीतिक कद को बढ़ाने वाले हार्दिक पटेल को न जाने क्यों ऐसा क्यों लगा कि भारत के साथ चीन ने कोई खेल खेला है। हार्दिक पटेल ने अपने ट्वीट में न केवल अपनी अज्ञानता, अपितु मूर्खता का भी प्रदर्शन किया, जो एक बच्चे से भी बदतर है। हार्दिक ने इस ट्वीट के ज़रिए ये कहा कि एएन-32 विमान का चीन ने अपहरण कर लिया है। हार्दिक ने पीएम मोदी से चीन के विरुद्ध सर्जिकल स्ट्राइक करने की सलाह दे डाली।

अब आप इस ट्वीट का समय पढ़िए। हार्दिक ने यह ट्वीट 11 जून मंगलवार को दोपहर 2.02 बजे किया, जबकि लापता विमान का मलबा भारतीय सीमा में ही अरुणाचल प्रदेश में टाटो के उत्तर-पूर्व क्षेत्र में करीब 12 हजार फीट की ऊंचाई पर मंगलवार को हार्दिक पटेल के ट्वीट से पहले ही मिला चुका था। यह विमान गत 3 जून यानी 8 दिनों से लापता था, जिसमें 13 यात्री सवार थे।

हास्यास्पद बने हार्दिक पटेल, ‘खबरों में रहा करो !’

इस प्रकार का ट्वीट कर हार्दिक पटेल राजनीतिक गलियारों में उपहास और हास्य-व्यंग्य के पात्र बने। सोशल मीडिया पर उनकी जम कर खिंचाई की गई। एक तरफ जहाँ केन्द्रीय मंत्री किरेन रिजीजू ने ट्वीट कर हार्दिक से पूछा कि क्या उन्हें पता नहीं है कि अरुणाचल प्रदेश भारत का ही हिस्सा है।

कई यूज़र्स ने लिखा, ‘अरुणाचल प्रदेश कब से चीन में आ गया ? विमान का मलबा मिल गया। ख़बरों पर भी ध्यान रखिए।’ एक अन्य यूज़र ने लिखा, ‘परेशन न होइए। विमान का मलबा मिल गया है। खबरों को देखा और सुना भी करो यार…।’ कुछ लोगों ने हार्दिक द्वारा विमान चीन के कब्ज़े में होने के अज्ञान का प्रदर्शन करने के लिए भी उन्हें घेरा। कुछ लोगों ने हार्दिक को सलाह दी कि ट्वीट करने से पहले फैक्ट चेक कर लिया करो।

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