ये है भारत के जवानों की ताकत : हिम्मत और हौसले को बर्फ भी नहीं पिघला सकती

रिपोर्ट : विनीत दुबे

अहमदाबाद, 10 नवंबर, 2019 (युवाPRESS)। भारतीय जवानों के शौर्य और वीरता की कहानियों से तो इतिहास भरा पड़ा है, परंतु हम उनके शौर्य और वीरता की नहीं, अपितु हिम्मत और हौसले की बात कर रहे हैं। ये भारतीय जवानों की असीम ताकत ही है जो उन्हें गुजरात में सरक्रीक के दलदली इलाके में, राजस्थान में कड़ी धूप और भीषण गर्मी के बीच गर्म रेगिस्तान में, पंजाब और कश्मीर के कई दुर्गम पहाड़ी और मैदानी इलाकों में तथा लद्दाख में सियाचिन ग्लेशियर पर जहाँ तापमान का नामोनिशान तक नहीं है ऐसे स्थानों पर भी ड्यूटी निभाते समय उनकी न हिम्मत टूटती है और न ही हौसला जवाब देता है। केन्द्र शासित प्रदेश बनने के बाद जम्मू कश्मीर में मौसम की पहली बर्फबारी से गुलमर्ग और सोनमर्ग की वादियाँ ग़ुलज़ार हो गई हैं और सर्द मौसम ने दस्तक दे दी है। हालाँकि इस बर्फबारी ने कई परेशानियाँ भी खड़ी की हैं, जिससे जम्मू-श्रीनगर हाईवे बंद हो गया है। टेलीफान सेवा ठप हो गई है, बर्फ के वजन से कई पेड़ धराशायी हो गये हैं और हिमस्खलन से बर्फ के नीचे दब जाने के कारण दो जवानों और आम नागरिकों समेत 7 लोगों की मृत्यु भी हो गई है। इसके बावजूद जम्मू-कश्मीर में बर्फ भी जवानों की हिम्मत और हौसले के पाँव उखाड़ने में सफल नहीं हो पाई है। सेना और अर्द्धसैनिक बलों के जवान पूरी मुस्तैदी से अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं।

बर्फ के बीच सीआरपीएफ की कड़ी ड्यूटी

सोशल मीडिया पर केन्द्रीय आरक्षित पुलिस बल (CRPF) के एक जवान की तस्वीर खूब वायरल हो रही है। यह जवान भारी बर्फबारी के बीच भी अपनी ड्यूटी पूरी मुस्तैदी से निभा रहा है। इस तस्वीर को ट्विटर पर शेयर करते हुए एक शख्स ने लिखा है कि ‘यह कोई बैटमैन (किसी अफसर का नौकर या अंगरक्षक) नहीं है। यह सीआरपीएफ के कॉन्स्टेबल एजाज़ हैं जो भारी बर्फबारी के बावजूद केन्द्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर में अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं। पुलिस चौबीसों घण्टे काम करती है। सीआरपीएफ मतलब काम।’ काफी लोग इस तस्वीर को लाइक, रीट्वीट और शेयर कर रहे हैं। लोग इस जवान की हिम्मत और हौसले को सलाम भी कर रहे हैं, साथ ही भारतीय सेना के जवानों की भी हौसला अफज़ाई कर रहे हैं।

बर्फबारी से तापमान का पारा लुढ़का

आपको बता दें कि गत 6 नवंबर बुधवार रात से जम्मू कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊँचे पहाड़ी इलाकों में भारी बर्फबारी होने से शीत लहर की शुरुआत हुई है, जिससे देश के अन्य इलाकों में भी मौसम प्रभावित हुआ है और मौसम ठंडा हो गया है। जबकि इन चार प्रदेशों में पारा लुढ़कने से कंपकंपाने वाली ठंड शुरू हो गई है। जम्मू कश्मीर और लद्दाख में डेढ़ से दो फुट ऊँची बर्फ की चादर बिछ गयी है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ है। मंगलवार को जो तापमान 18.6 डिग्री दर्ज हुआ था, वह बुधवार को बर्फवर्षा के बाद 10 डिग्री तक लुढ़क गया, जिससे बुधवार को मात्र 5.6 डिग्री तापमान रह गया है। ठिठुरन बढ़ने से लोग घरों में दुबके रहते हैं। बाजारों में भीड़ घट गई है और सड़कों पर बर्फ की चादर जम जाने से यातायात भी प्रभावित हुआ है। टेलीफान की लाइनें भी ठप हो गई हैं।

बर्फबारी में दो जवान शहीद, 5 नागरिकों की मृत्यु

दूसरी तरफ भारी बर्फबारी में घिर जाने से दो जवान शहीद हो गये तथा एक महिला सहित 5 लोगों की मृत्यु हो गई। कुपवाड़ा जिले में ऊँचे पर्वतीय इलाके में लाइन ऑफ कंट्रोल (LOC) के पास भारी बर्फबारी के कारण हिमस्खलन हुआ था, जिसमें सेना के दो जवान बर्फ में दब गये थे। अन्य घटनाओं में एक महिला समेत 5 नागरिकों की मृत्यु हो गई। इन सबके बावजूद सेना और अर्द्धसैनिक बलों के जवान पूरी मुस्तैदी से तैनात हैं और अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं।

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