इमरान की क्या औक़ात है ? जिन्ना भी ज़मीन पर उतर आते, तो भी ‘जंगी’ जीत से नहीं रोक पाते TEAM INDIA को !

* ‘WORLD’ WORD का WEIGHT लगते ही WORST हो जाती है पाकिस्तानी टीम

* 1996 से 2019 : सभी वर्ल्ड कप में हुए सभी 12 मैचों में भारत की भव्य विजय

विश्लेषण : कन्हैया कोष्टी

अहमदाबाद, 17 जून, 2019 (युवाप्रेस.कॉम)। आईसीसी विश्व कप क्रिकेट प्रतियोगिता 2019 में प्रतिस्पर्धा में उतरे कुल 10 देशों में एकमात्र पाकिस्तान ऐसा देश है, जिसके प्रधानमंत्री इमरान खान प्रधानमंत्री होने के साथ-साथ पूर्व क्रिकेटर और विश्व कप विजेता कप्तान भी हैं। ऐसे में जब पाकिस्तानी टीम टूर्नामेंट के सबसे महत्वपूर्ण मुकाबले में उतरने वाली हो, तो प्रधानमंत्री इमरान का क्रिकेटर वाला दिल कुछ सलाह देने को विवश हो, तो इसमें कोई आश्चर्य की बात नहीं होनी चाहिए, परंतु आश्चर्य की बात यह है कि इमरान की बात कोई सुनता नहीं है। यहाँ तक कि विश्व कप जीतने से भी अधिक महत्वपूर्ण माने जाने वाले भारत-पाकिस्तान मैच के लिए इमरान ने जितनी भी टिप्स दीं, कप्तान सरफराज़ अहमद ने सारी नज़रअंदाज़ कर दीं।

वैसे आपको एक बात से अवगत करा देना चाहेंगे कि भारतीय उप महाद्वीप में भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट हमेशा एक युद्ध के रूप में देखा जाता रहा है। स्वतंत्रता के बाद यानी 1947 से 1996 यानी 49 वर्षों तक सीमा पर भारत से तीन युद्ध हार चुका पाकिस्तान क्रिकेट के मैदान पर भारत पर भारी पड़ता रहा, परंतु 1996 में सचिन तेंदुलकर के साथ नई मानसिकता, नए जोश, नई सोच, आक्रमक रणनीति के साथ खेलने वाले खिलाड़ियों की भारतीय क्रिकेट टीम में एंट्री हुई, तब से अपनी तेज़ और प्रहारक गेंदबाज़ी के बाल पर भारत को पटखनी देने वाली पाकिस्तानी टीम ऐसी घुटनों पर आई कि आज तक सीधी खड़ी नहीं हो पा रही है।

इमरान ने टिप्स देकर स्वयं ही कराई अपनी किरकिरी

भारत और पाकिस्तान के बीच मैच को लेकर उत्कंठा दोनों देशों की आम जनता, क्रिकेट प्रेमियों और खिलाड़ियों में होना स्वाभाविक है, तो देश के राष्ट्राध्यक्षों में भी उत्साह होना उतना ही स्वाभाविक है, परंतु राष्ट्राध्यक्षों की एक मर्यादा होती है। अपनी टीम की भलाई सोचना हर नागरिक की तरह राष्ट्राध्यक्ष का भी कर्तव्य है, परंतु टीम की भलाई करने का कर्तव्य कर्म करने के लिए क्रिकेट बोर्ड, कोच और कप्तान होते हैं। इमरान एक राष्ट्राध्यक्ष की मर्यादा को लांघ गए और उन्होंने पाकिस्तानी टीम के कप्तान सरफराज़ अहमद को मैच से पहले टिप्स दी। इमरान ने मैच शुरू होने से पहले सरफराज़ को पैग़ाम भेज कर कहा कि टॉस जीतने पर बैटिंग लेना, स्पेशलिस्ट बल्लेबाजों व गेंदबाजों को पहले खिलाना और रेलू टाइप खिलाड़ियों को पीछे रखना, क्योंकि वे मैच का प्रेशर बर्दाश्त कर नहीं कर पाएँगे।

टॉस से लॉस तक इमरान की नहीं सुनी सरफराज़ ने

अब जब भारत-पाकिस्तान क्रिकेट टीमें मैदान पर उतरीं और टॉस हुआ, तो पहली जीत पाकिस्तान के नाम दर्ज हुई, परंतु टॉस से लेकर लॉस तक पाकिस्तानी टीम के कप्तान सरफराज़ अहमद ने पाकिस्तान देश के कप्तान इमरान खान की कोई बात नहीं सुनी। टॉस जीत कर बैटिंग लेने की बजाए, बॉलिंग का चुनाव किया। बैटिंग ऑर्डर भी अपने हिसाब से रखा। बॉलर्स ने खूब शॉर्ट पिच गेंदें फेंकीं, जिसका रोहित शर्मा, के. एल. राहुल सहित हर बल्लेबाज ने भरपूर फायदा उठाया।

जिन्ना भी नहीं जिता सकते थे पाकिस्तान को !

इमरान खान पीएम से क्रिकेटर बन गए, परंतु वे भूल गए कि क्रिकेट की दुनिया में न पाकिस्तानी और न ही भारतीय टीम उनके ज़माने की है। इमरान के ज़माने की पाकिस्तानी टीम की जिस आक्रामक गेंदबाज़ी के आगे तत्कालीन भारतीय टीम के गेंदबाज़ घुटने टेक देते थे, उस भारतीय टीम में 1996 के बाद सचिन तेंदुलकर से लेकर विराट कोहली-रोहित शर्मा-के. एल. राहुल सहित धुरंधर बल्लेबाजों की ऐसी कतार जुड़ी, जो पाकिस्तान के किसी भी गेंदबाज़ की धज्जियाँ उड़ाने का माद्दा रखती हैं। इसमें भी वर्ल्ड कप वर्ड का वेट आते ही पाकिस्तान के हौसले अपने आप ही वर्स्ट हो जाते हैं। आईसीसी वर्ल्ड कप टूर्नामेंट 1975 में आरंभ हुआ, परंतु प्रथम वर्ल्ड कप में भारत-पाकिस्तान आमने-सामने नहीं आ सके। इसके बाद 1983 और 1987 में भी यह नहीं, परंतु वर्ल्ड कप 1992 में वह घड़ी आ ही गई, जिसका क्रिकेट प्रेमी 17 वर्षों से इंतज़ार कर रहे थे। वर्ल्ड कप 1992 में पहली बार भारत-पाकिस्तान आमने-सामने आए और भारत ने विश्व कप क्रिकेट टूर्नामेंटों में जीत की ऐसी नींव नाखी, जो 27 वर्षों से न केवल अक्षुण्ण है। 1992 के बाद वर्ल्ड कप में भारत से लगातार हार पाकिस्तान पर ऐसा बोझ बन गई कि रविवार को हुए मैच का परिणाम इमरान खान तो क्या, स्वयं पाकिस्तान के जनक मोहम्मद अली जिन्ना भी ज़मीन पर उतर आते, तो वे भी नहीं बदल सकते थे।

‘WORLD’ के बोझ में 12वीं हार !

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद् (ICC) 1975 से विश्व कप क्रिकेट प्रतियोगिता आयोजित कर रहा है और 2007 से आईसीसी ने टी20 विश्व कप क्रिकेट प्रतियोगिता भी आरंभ की है। इन दोनों ही फॉर्मेट में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए सभी 12 मुक़ाबलों में भारत को शानदार विजय हासिल हुई। विश्व कप 1996 में मोहम्मद अज़हरुद्दीन के नेतृत्व वाली भारतीय क्रिकेट टीम ने जो पहली जीत की नींव डाली, वह विश्व कप 2019 में विराट कोहली के नेतृत्व वाली टीम इंडिया ने लगातार 7वीं जीत हासिल कर जारी रखी। 1996 से 2019 तक विश्व कप में भारत-पाकिस्तान के बीच हुए सभी 7 मैच भारत जीत चुका है, तो 2007 से आरंभ हुए आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप में भी भारत-पाकिस्तान के बीच अब तक हुए कुल पाँच मैचों में सभी मैच भारत ने जीते हैं। कुल मिला कर विश्व कप चाहे 50 ओवरों के मैच का हो या 20 ओवरों के मैच का, यदि पाकिस्तान भारत से भिड़ा, तो उसे हार का ही सामना करना पड़ा।

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