क्या है TOLL TAX की 12 घण्टे की पर्ची का VIRAL सच ? क्या सचमुच गडकरी ने कोई संदेश दिया है ?

रिपोर्ट : विनीत दुबे

अहमदाबाद, 10 जुलाई 2019 (युवाप्रेस डॉट कॉम)। आजकल सोशल मीडिया पर केन्द्रीय परिवहन मंत्री नितिन गड़करी के नाम से एक मैसेज वायरल हो रहा है। इसमें लिखा है कि ‘आप टोल प्लाजा पर पर्ची कटवाते हैं तो वह आपसे पूछता है कि एक साइड की पर्ची दूँ या दोनों साइड की तो मित्रो मैं आपको बताता हूँ कि उनसे कहिये कि पर्ची 12 घण्टे की दो, ना कि डबल या सिंगल साइड। ऐसा करने से आप 12 घण्टे में वापस आ सकते हैं, तो आपको कोई टोल नहीं देना होगा। पर्ची पर समय भी लिखा होता है।’ अब इस पर्ची की सच्चाई क्या है, इस पर हम नज़र दौड़ाते हैं।

नितिन गड़करी ने की स्पष्टता

सोशल मीडिया पर यह मैसेज पिछले कुछ समय से काफी वायरल हो रहा है, परंतु यह मैसेज बीते सालों में भी वायरल हो चुका है। केन्द्रीय सड़क और परिवहन मंत्री नितिन गड़करी को भी इस मैसेज के बारे में पता चला और जब उनसे इस मैसेज के बारे में मीडिया के लोगों ने सवाल किये तो उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके नाम से वायरल किया गया यह संदेश पूरी तरह से फर्जी है, क्योंकि उन्होंने ऐसा कोई मैसेज जारी नहीं किया है। नितिन गड़करी के ऑफिस ने भी इस मैसेज को झूठा कहा है और मंत्रालय की ओर से एक स्टेटमेंट जारी करके भी इस मैसेज पर स्पष्टीकरण दिया गया है।

इसके बाद मीडिया की ओर से पूछे जाने पर नेशनल हाई-वे ऑथोरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने भी स्पष्ट किया कि उसकी ओर से भी ऐसा कोई ऑर्डर जारी नहीं किया गया है। ज्ञात हो कि अधिकाँश हाई-वे एनएचएआई की ओर से ही मेंटेन किये जाते हैं। यह मैसेज जो अभी सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है, वह पिछले साल 2018 में और उससे पहले 2017 में भी वायरल हो चुका है।

क्या है टोल टैक्स का नियम

मिनिस्ट्री ऑफ रोड ट्रांसपोर्ट एण्ड हाई-वे (MoRTH’s) की ओर से 5 दिसंबर 2008 से लागू किये गये नियमों के अनुसार टोल टैक्स की वसूली की अनुमति दी जाती है। टोल प्लाजा से गुजरने वाले वाहनों से मात्र 3 प्रकार के शुल्क ही वसूल किये जाते हैं। इनमें सिंगल, मल्टीपल/डबल और मंथली पास। टोल प्लाजा से वाहन क्रॉस होते ही सिंगल ट्रिप वाली पर्ची की वैधता खत्म हो जाती है। इसी प्रकार मल्टीपल ट्रिप की पर्ची 24 घण्टे के अंदर आने-जाने वाले वाहनों के लिये होती है। इस मल्टीपल पर्ची का किराया सिंगल ट्रिप से लगभग डेढ़ गुना अधिक होता है। एनएचएआई यूज़र फीस एग्रीमेंट में 12 घण्टे जैसी कोई पर्ची होती ही नहीं है।

सिंगल जर्नी का बेस रेट (प्रति कि.मी.) रुपये में

उल्लेखनीय है कि टोल प्लाजा पर कार, जीप, वैन और लाइट मोटर व्हीकल के लिये शुल्क 0.66 रुपये, लाइट कॉमर्शियल व्हीकल, लाइट गुड्स व्हीकल तथा मिनी बस के लिये शुल्क 1.05 रुपये, बस और ट्रकों के लिये 2.20 रुपये, हैवी कंस्ट्रक्शन मशीनरी, अर्थ मूविंग इक्विपमेंट तथा मल्टी व्हीकल वाहनों के लिये 3.45 रुपये और ओवरसाइज्ड व्हीकल्स के लिये शुल्क प्रति किलोमीटर 4.20 रुपये वसूल किया जाता है।

एक और वायरल मैसेज

टोल प्लाजा पर पर्ची कटवाने से जुड़ा एक और मैसेज सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें कहा गया है कि टोल प्लाजा पर पर्ची कटवाने में 3 मिनट से अधिक समय लगता है, तो आपको नियमानुसार टोल टैक्स देने की आवश्यकता नहीं है। इस मैसेज की सच्चाई हरिओम जिंदल नामक एक आरटीआई एक्टिविस्ट ने आरटीआई के माध्यम से जाहिर की है। जिंदल को जो प्रत्युत्तर मिला उसमें यह मैसेज सही पाया गया। उपभोक्ता नियमों के अनुसार ग्राहक जिस सेवा के लिये कीमत अदा कर रहा है, उसके बदले में यदि उसे सही सेवा न मिले तो ग्राहक हर्जाना लेने का हकदार है। इसी प्रकार टोल प्लाजा पर यदि 3 मिनट से अधिक इंतजार करना पड़ता है तो स्पष्ट होता है कि ग्राहक की सेवा में खामी है। अर्थात् यह मैसेज सही है, परंतु इसे लागू करना कठिन है। क्योंकि टोल पर यह साबित करना असंभव है कि उसे पर्ची देने में टोल की ओर से देरी की गई।

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