अयोध्या को ‘त्रेता युग’ जैसी दिव्य और भव्य बनाने की हो रही तैयारी

रिपोर्ट : कन्हैया कोष्टी

अहमदाबाद 30 नवंबर, 2019 (युवाPRESS)। उच्चतम् न्यायालय (SC) की ओर से अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त होने के साथ ही जहाँ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केन्द्र सरकार ने आवश्यक और औपचारिक प्रक्रियाएँ आरंभ कर दी हैं, वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार भी राम मंदिर निर्माण की तैयारियों में लग गई है। योगी सरकार ने तो राम मंदिर ही नहीं, अपितु समूची अयोध्या नगरी को लेकर बड़े-बड़े आयोजनों पर काम करना आरंभ कर दिया है, जिसके तहत योगी सरकार अयोध्या को त्रेता युग जैसी भव्य नगरी बनाने की दिशा में भी आगे बढ़ रही है। अयोध्या को लेकर योगी सरकार की सक्रियता और गंभीरता का इसी बात से सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है कि त्रेता युग जैसी भव्य और दिव्य अयोध्या नगरी के निर्माण का ब्लू प्रिंट तैयार करने का उत्तरदायित्व लंदन (ब्रिटेन) स्थित कन्सल्टेंसी फर्म प्राइस वॉटरहाउस कूपर्स (PWC) को सौंपा गया है।

उत्तर प्रदेश सरकार से जुड़े सूत्रों के अनुसार योगी सरकार की मंशा के अनुसार पीडब्लूसी ने सरयू नदी के तट पर बसी अयोध्या को पुन: त्रेता युग के रंग में रंगने और दिव्यता तथा भव्यता देने के साथ ही आधुनिक सुविधाओं से सज्ज करने का भी प्लान बनाया है। सूत्रों ने बताया कि योगी सरकार भव्य राम मंदिर सहित अयोध्या को मुस्लिमों के सर्वोच्च आस्था केन्द्र मक्का और ईसाइयों के सर्वोच्च आस्था केन्द्र वेटिकन की तरह हिन्दुओं का सर्वोच्च और भव्य आस्था केन्द्र बनाने पर काम कर रही है और इसके लिए उसने यानी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से भी विचार-विमर्श की प्रक्रिया की है। संघ परिवार से विचार-विमर्श के बाद ही योगी सरकार ने पीडब्लूसी के भव्य अयोध्या नगरी प्लान को सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस पूरी परियोजना पर होने वाले संभावित व्यय का आकलन फिलहाल नहीं किया जा सका है, क्योंकि यह आकलन पीडब्लू के ब्लू प्रिंट को डेवलपर्स तथा राज्य सरकार की अंतिम स्वीकृति मिलने के बाद ही किया जा सकेगा।

सूत्रों ने बताया कि योगी सरकार ने गत 26 नवंबर को राज्य के संस्कृति, पर्यटन और अन्य विभागों के अधिकारियों की वाराणसी में एक बैठक बुलाई थी। बैठक के एजेंडा में काशी यानी वाराणसी के विकास का मसला भी था, परंतु चर्चा का मुख्य विषय अयोध्या नगरी के निर्माण पर ही केन्द्रित रहा। इस बैठक में अधिकारियों ने पीडब्लूसी के ब्लू प्रिंट का प्रेजेंटेशन संघ के समक्ष दिया। बताया जाता है कि बंद कमरे में लगभग 3 घण्टे चली बैठक में अधिकांश समय चर्चा अयोध्या और राम मंदिर पर ही हुई। इस बैठक में स्वयं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी उपस्थित थे। बैठक में उपस्थित सभी लोग इस बात पर सहमत थे कि अयोध्या को शीर्ष धार्मिक स्थल बनाया जाए।

तो पूरी तरह बदल जाएगी अयोध्या

यदि बैठक में हुई चर्चा के अनुसार ही आगे सब कुछ हुआ, तो आगामी कुछ वर्षों में अयोध्या का रंग-रूप पूरी तरह बदल जाएगा। बैठक में उपस्थित एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त होने के बाद से ही श्रद्धालुओं के आने की संख्या बढ़ी है, परंतु राम मंदिर निर्माण के बाद भारी संख्या में श्रद्धालू उमड़ेंगे। ऐसी स्थिति में सम्पन्न श्रद्धालुओं के साथ-साथ निर्धन श्रद्धालुओं की सुविधा पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। अयोध्या में राज्य सरकार श्रद्धालुओं के लिए 6 फाइव स्टार होटल, 7 थ्री स्टार होटल और लगभग 4000 धर्मशालाओं का निर्माण करेगी, ताकि सभी वर्ग के लोगों को अयोध्या आने के बाद भक्ति-दर्शन-भोजन के साथ-साथ विराम की भी सुविधा मुहैया कराई जा सके। इसके अतिरिक्त अयोध्या में स्थित विभिन्न मठों, मंदिरों और सड़कों की रंगत बदली जाएगी। अयोध्या के भीतर ही पाँच रेलवे ओवरब्रिज भी बनाए जाएँगे। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सुल्तानपुर, बस्ती, प्रयागराज और वाराणसी जाने वाले मार्गों को सिक्स लेन हाईवे परिवर्तित किया जाएगा।

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