मोदी सरकार नौसेना को देगी MK-45 तोप, जो दुश्मन के उड़ा देगी होश…

रिपोर्ट : तारिणी मोदी

अहमदाबाद, 21 नवंबर, 2019 (युवाPRESS)। तोप (Cannon) का नाम आते ही 19वीं शताब्दी का दृष्य आँखों के सामने उभर कर आ जाता है। जब तोप केवल एक शस्त्र का नहीं, अपितु एक डर का नाम हुआ करती थी। वास्तव में तोप एक ऐसा हथियार थी, जो बारूद के एक गोले से कई गुना भीषण विस्फोट करती थी और जिसके संपर्क में आने वाली हर वस्तु क्षतिग्रस्त हो जाती थी। तोपें अपनी क्षमता, परास, चलनीयता (मोबिलिटी), दागने की गति, दागने का कोण एवं दागने की शक्ति आदि के आधार पर अनेक प्रकार की होती हैं। इससे प्राय: बारूद या किसी विस्फोटक के द्वारा उत्पन्न गैसीय दाब के बल से गोले को दागते थे। सन् 1313 से यूरोप में तोप के प्रयोग का पक्का प्रमाण मिलता है। भारत में तोपों का पहली बार इस्तेमाल बाबर ने पानीपत की लड़ाई (सन् 1526) में किया था।

पहले तोपें काँसे की बनती थीं और उनको ढाला जाता था, परंतु ऐसी तोपें पर्याप्त पुष्ट नहीं होती थीं। उनमें अधिक बारूद डालने से वे फट जाती थीं। इस दोष को दूर करने के लिए उनके ऊपर लोहे के छल्ले तप्त करके खूब कस कर चढ़ा दिए जाते थे। ठंडा होने पर ऐसे छल्ले सिकुड़ कर बड़ी दृढ़ता से भीतरी नाल को दबाए रहते हैं। बात मोदी सरकार की करें, तो भारतीय नौसेना को शीघ्र ही शक्तिशाली तोपों से सुसज्जित किया जाने वाला है। ये तोप नौसेना में आने के बाद नौसेना की सैन्य शक्ति कई गुना बढ़ जाएगी। आइए जानते हैं भारत सरकार कहाँ से और कितनी तोपें खरीदने वाली है।

भारत सरकार ने अमेरिका से MK-45 नाम की 13 तोपें खरीदने का प्रस्ताव दिया था, जिसे मंजूरी देते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने 71 हज़ार करोड़  में भारत को MK-45 तोपें बेजने के अपने निर्यण पर मुहर लगा दी है। MK-45 तोपों का प्रयोग युद्धपोत, तटों और लड़ाकू विमानों पर बम बरसाने के लिए किया जायेगा। इन तोपों की विशेषता ये है कि ये भूमि और हवा दोनों स्थानों पर दुश्मनों को मार गिराने की क्षमता रखती है। MK-45 को युद्धपोतों, विमान-रोधी और तटवर्ती बमबारी के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसमें एक साथ 20 राउंड की क्षमता है, जो एक स्वचालित लोडर के माध्यम से संचालित की जाती है। इसके द्वारा दागा गया बारूद का गोला 762 मीटर प्रति सेंकड से उड़ता है और 25 किलोमीटर की रेंज में तक जा कर दुश्मन को मार सकता है।

MK-45 का निर्माण अमेरिका की बीएई सिस्टम्स लैंड एंड आर्मामेंट्स (BAE Systems Land & Armaments) कंपनियाँ करती हैं। 5 इंच/54 कैलिबर की एमके-45 लाइटवेट बंदूक है, जो अमेरिकी नौसैनिक तोपखाने की बंदूक माउंट के सामान है, जिसमें मार्क-45 माउंट पर 127 मिमी यानी 5 इंच का एल 54 मार्क 19 बंदूक लगी होती है। इसे मूल रूप से यूनाइटेड डिफेंस (United Defense) द्वारा डिज़ाइन और निर्मित किया गया था, परंतु पूर्व अधिग्रहित होने के बाद अब इसे बीएई सिस्टम्स लैंड एंड आर्मामेंट्स द्वारा निर्मित किया जाता है। भारत से पूर्व अमेरिका ने इन तोपों को ऑस्ट्रेलिया, जापान और दक्षिण कोरिया को ही बेचा है। भविष्य में अमेरिका इन तोपों को ब्रिटेन और कनाडा को भी बेचने की तैयारी कर रहा है।

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