UP POLICE को योगी सरकार ने दे दी छुट्टी : जानिए क्या है मामला ?

रिपोर्ट : विनीत दुबे

अहमदाबाद, 16 अगस्त, 2019 (युवाPRESS)। सामान्य तौर पर लोग अपनी शिकायतें लेकर पुलिस के पास जाते हैं और पुलिस के कामकाज को लेकर भी लोग शिकायतें करते हैं, परंतु क्या आप जानते हैं कि पुलिस को भी कई सारी शिकायतें हैं। कोई भी त्योहार हो या उत्सव, रैली निकले या रथयात्रा, पुलिस सुरक्षा व्यवस्था के लिये चौबीसों घण्टे ड्यूटी निभाती है। उसे अपने निजी जीवन के लिये या परिवार के साथ समय बिताने के लिये कोई WEEK OFF नहीं मिलता है। हालांकि उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने पुलिस की ओर संवेदनशीलता दिखाई है और उसे साप्ताहिक छुट्टी दे दी है। इससे पुलिस महकमे में काफी खुशी का माहौल है। उत्साहित अयोध्या के एसएसपी (SSP) ने तो आदेश पर शुक्रवार से ही अमल भी शुरू कर दिया है। उन्होंने अयोध्या के कोतवाली नगर से साप्ताहिक छुट्टी का नियम लागू किया है।

पुलिस कर्मियों को मिलेगा 24 घण्टे का अवकाश

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने पुलिस विभाग के प्रति संवेदनशीलता दर्शाते हुए अन्य सरकारी विभागों की तरह ही इस विभाग में भी साप्ताहिक छुट्टी का नियम लागू करने का आदेश दिया है। यह आदेश जारी होने से पुलिस महकमे ने राहत की साँस ली है। इस आदेश को जारी करने के पीछे सरकार की मंशा है कि सप्ताह में एक दिन कामकाज से छुट्टी लेकर पुलिसकर्मी भी अपने निजी जीवन में झाँक सकेंगे और अपने परिवार के साथ मिलकर समय बिता सकेंगे। इससे पुलिस कर्मियों पर कामकाज का दबाव कम होगा और उनके अवसाद में भी कमी आएगी। एक दिन आराम करने से वह अगले एक सप्ताह तक ऊर्जा और स्फूर्ति से काम कर सकेंगे। सरकारी आदेश के अनुसार सप्ताह में चौबीस घण्टे का एक अवकाश दिया जाएगा, जो सुबह 8.00 बजे से अगले दिन सुबह 8.00 बजे तक रहेगा। अलग-अलग पुलिस अधिकारी-कर्मचारी अलग-अलग दिन यह अवकाश ले सकेंगे। सरकार के इस निर्णय से राज्य के डेढ़ लाख पुलिस कर्मियों को लाभ मिलेगा।

उत्तर प्रदेश में पुलिस बल की भारी कमी

उत्तर प्रदेश देश की सर्वाधिक आबादी वाला राज्य है। इसके अलावा क्षेत्रफल की दृष्टि से भी यह मध्य प्रदेश के बाद दूसरे क्रम पर आता है। इस लिहाज से प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति सँभालने के लिये स्वीकृत महकमा 2.95 लाख की तुलना में वर्तमान में 1.45 लाख के करीब है, जो कि स्वीकृत महकमे की तुलना में मात्र 50 प्रतिशत है। देश का औसत भी इस मामले में काफी पीछे है। समग्र देश में प्रति लाख आबादी की सुरक्षा के लिये पुलिसकर्मियों की संख्या मात्र 130 है। जो कि पाकिस्तान के औसत 207 से भी काफी कम है। जबकि देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में प्रति लाख आबादी की तुलना में पुलिसकर्मियों की तैनाती मात्र 74 है। इस मामले में उत्तर प्रदेश का औसत बिहार (63) से थोड़ा बेहतर जरूर है, परंतु अन्य राज्यों की तुलना में बहुत कम है। राज्य में 71 जिलों की सुरक्षा के लिये पुलिस विभाग को कुल 8 मंडलों और 18 क्षेत्रों में विभाजित किया गया है। उत्तर प्रदेश पुलिस की एक आंतरिक रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश के पुलिस महकमे में हेड कॉन्स्टेबलों की संख्या 65 प्रतिशत है और इसमें 45 प्रतिशत की कमी है। इसी प्रकार निरीक्षकों और उप-निरीक्षकों की कमी क्रमशः 50 और 55 प्रतिशत है। कुछ पुलिस अधिकारियों ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर बताया कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने के पीछे एक सबसे बड़ा कारण महकमे की कमी भी है। एक तो जरूरत के मुकाबले महकमा आधा है और उसमें भी काफी बड़ा महकमा वीवीआईपी की सुरक्षा में तैनात रहता है, यदि इसमें कमी लाई जाए तो कानून-व्यवस्था की स्थिति में थोड़ा सुधार जरूर लाया जा सकता है। इसके अलावा पुलिस महकमे पर कामकाज का दबाव भी थोड़ा कम हो सकता है।

ऑनलाइन प्रक्रिया से लागू होगी छुट्टी

अधिकारियों के अनुसार साप्ताहिक छुट्टी देने के राज्य सरकार के नियम से पुलिस कर्मियों को एक दिन का आराम मिल सकेगा, जिससे उनकी मानसिक थकावट और अवसाद दूर होगा। साथ ही वे अपने परिवार के प्रति कर्तव्यों का निर्वहन भी कर पाएँगे। इस प्रकार राज्य सरकार का यह फैसला पुलिस विभाग के हित में है, परंतु पहले चरण में इसे ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत लागू किया जाएगा और सबसे पहले आरक्षित महकमे पर लागू किया जाएगा। यदि इस नियम को लागू करने में कोई तकनीकी दिक्कतें नहीं होंगी तो बाद में क्रमशः सब-इंस्पेक्टर, इंस्पेक्टर तथा अन्य उच्च अधिकारियों पर भी लागू कर दिया जाएगा।

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