VIDEO : जानिए कौन-से 10 बड़े घटनाक्रमों के लिये यादगार बन गया वर्ष 2019 ?

रिपोर्ट : विनीत दुबे

अहमदाबाद, 31 दिसंबर, 2019 (युवाPRESS)। वर्ष 2019 मंगलवार मध्य रात्रि 12 बजे समाप्त हो जाएगा और पूरी दुनिया नये साल 2020 के स्वागत के जश्न में डूब जाएगी। नये साल के गर्भ में क्या कुछ छिपा है, यह तो कोई नहीं जानता, परंतु 2019 में जो 10 बड़े घटनाक्रम घटित हुए, उनके लिये इस साल ने इतिहास में अपना नाम दर्ज कर लिया है। आइये जानते हैं, उन घटनाक्रमों के बारे में…

(1) BALAKOT AIR STRIKE से दिया पुलवामा का जबाब

वर्ष 2019 का दूसरा महीना था और तारीख थी 14 फरवरी, जब केन्द्रीय रिज़र्व पुलिस बल (CRPF) का काफिला जम्मू से श्रीनगर की तरफ आगे बढ़ रहा था, तब पुलवामा में आत्मघाती आतंकियों ने विस्फोटक से भरी मोटरकार सीआरपीएफ के काफिले में शामिल गाड़ी से टकरा दी। इस आतंकवादी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गये। इस घटना ने पूरे देश में आतंकियों के विरुद्ध उग्र रोष पैदा कर दिया और सरकार पर आतंकियों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही करने का दबाव आया, तो मोदी सरकार ने तीनों सेनाओं को जवाबी कार्यवाही करने की खुली छूट दी। इसके बाद वायुसेना ने शहीद जवानों की तेरहवीं से ठीक एक दिन पहले 26 फरवरी की सुबह 3.30 बजे पाकिस्तान की वायुसीमा में घुसकर बालाकोट में हवाई हमला किया और वहाँ चल रहे आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के ट्रेनिंग सेंटर को उड़ा दिया। वायुसेना की इस एयर स्ट्राइक से पाकिस्तान के साथ-साथ पूरी दुनिया भारत का दम देखकर चकित रह गई थी।

(2) विंग कमांडर अभिनंदन का देश ने किया अभिनंदन

इस कार्यवाही से बौखलाये पाकिस्तान ने अगली सुबह भारतीय वायुसीमा को पार करने का प्रयास किया और पाकिस्तानी एयरफोर्स के अमेरिकी एफ-16 लड़ाकू विमानों ने भारतीय सीमा में घुसपैठ करके बमबारी करने का प्रयास किया, जिसे भारतीय वायुसेना के जाँबाज विंग कमांडर अभिनंदन ने नाकाम कर दिया। अभिनंदन ने पाकिस्तानी कब्जे वाले कश्मीर (POK) से भारतीय सीमा में प्रवेश करने से पहले ही पाकिस्तानी वायुसेना के एक एफ-16 विमान को मार गिराया, जिससे बाकी के 5 विमानों को वापस लौटना पड़ा। इस बीच पाकिस्तानी एयरफोर्स के एक विमान ने भी अभिनंदन के विमान को निशाना बना लिया, जिससे अभिनंदन का विमान क्रैश हो गया। हालाँकि अभिनंदन विमान से कूद पड़े, परंतु हवा का झौंका उनके पैराशूट को उड़ा कर पीओके ले गया, जहाँ उतरने के बाद अभिनंदन को पाकिस्तानी सेना ने गिरफ्तार कर लिया। हालाँकि यहाँ भी भारत के दबाव ने असर दिखाया और पाकिस्तान को वियेना संधि के तहत अभिनंदन को रिहा करने की घोषणा करनी पड़ी। 1 मार्च को अभिनंदन की अटारी बॉर्डर से भारत में वापसी हुई, तो पूरे देश ने उनकी रिहाई का जश्न मनाया।

(3) लोकसभा चुनाव में दोबारा सत्ता में आई मोदी सरकार

इसके बाद अप्रैल-मई में आयोजित हुए देश के लोकतांत्रिक त्यौहार यानी लोकसभा चुनाव में देशवासियों ने एक बार फिर से मोदी सरकार को सत्ता पर आसीन किया। 30 मई को नरेन्द्र मोदी ने दूसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली, जिसमें उनके सहयोगी और भाजपाध्यक्ष अमित शाह भी पहली बार लोकसभा चुनाव जीत कर सांसद बने और मंत्री पद की शपथ ली। शपथ समारोह में पहली बार बिम्सटेक देशों के राष्ट्राध्यक्षों को बुलाया गया और पाकिस्तान को निमंत्रित न करके भारत ने पाकिस्तान को दुनिया के अन्य देशों से भी अलग-थलग करने की मुहिम शुरू की।

(4) तीन तलाक बिल को पास करवाकर कानून बनाया

पहले से भी अधिक सीटों के साथ दूसरी बार सत्ता में आई मोदी सरकार ने अपनी पार्टी के संकल्प पत्र में किये गये वायदों को अमलीजामा पहनाने की शुरुआत की, जिसका आरंभ हुआ तीन तलाक बिल से। सत्ता में आने के बाद जुलाई में संसद का पहला वर्षा सत्र प्रारंभ हुआ, जिसमें दोनों सदनों में बहुमत के दम पर मोदी सरकार ने 30 जुलाई को तीन तलाक बिल को पास करवाया और राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के साथ इसे कानून बना कर देश में लागू किया। इस कानून के लागू होते ही मुस्लिम समुदाय की महिलाओं को तीन तलाक की अन्यायकर्ता प्रथा से छुटकारा मिल गया। तीन तलाक को गैर-कानूनी ठहराया गया है। अब तीन तलाक देने वाले व्यक्ति को कानूनी प्रावधानों के तहत सज़ा और जुर्माना हो सकता है। इसके अलावा तीन तलाक से पीड़ित महिलाएँ उनका त्याग करने वाले पतियों से गुजारा-भत्ते की माँग कर सकती हैं।

(5) 70 साल पुरानी धारा 370 का 70 घण्टों के भीतर खात्मा

इसके बाद मोदी सरकार ने जो बड़ा कदम उठाया, उसके लिये 5 अगस्त की तारीख और 2019 का वर्ष ऐतिहासिक बन गये। इस दिन केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने संसद में कश्मीर से धारा 370 को हटाने का संकल्प पेश किया, जिसे बहुमत से पारित किया गया। इसी के साथ इस धारा के कारण जम्मू-कश्मीर को मिलने वाला विशेष राज्य का दर्जा खत्म हो गया और वह अन्य राज्यों की तरह भारत का एक सामान्य राज्य बन गया। इस धारा को हटाने के साथ ही अमित शाह ने इससे पूर्ण राज्य का दर्जा भी छीन लिया और उसका विभाजन भी कर दिया। इसी के साथ जम्मू कश्मीर केन्द्र शासित प्रदेश बन गया और सीधे तौर पर केन्द्र के अधीन आ गया, जबकि लद्दाख को भी जम्मू कश्मीर से अलग करके स्वतंत्र केन्द्र शासित प्रदेश का दर्जा दे दिया गया, जो कि इस क्षेत्र के लोगों की लंबे समय से माँग थी। केन्द्र सरकार के इस ऐतिहासिक निर्णय पर भी देश भर ने जम कर जश्न मनाया।

(6) अमेरिका में दुनिया ने देखा मोदी मैजिक

जम्मू कश्मीर से धारा 370 के खात्मे से देश के साथ-साथ विदेशों में बसे भारतीयों ने भी जश्न मनाया और अमेरिका में बसे भारतीयों ने पीएम मोदी को सम्मानित करने के लिये 22 सितंबर को ‘हाउडी मोदी’ कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी भाग लिया। इस कार्यक्रम में मोदी और ट्रंप के भाग लेने से दुनिया भर की मीडिया में इस कार्यक्रम की कवरेज की गई और इस कार्यक्रम में मोदी का जादू सिर चढ़ कर बोला। दुनिया ने देखा कि कार्यक्रम में मोदी छाये रहे और उनके सामने अमेरिकी राष्ट्रपति का रंग भी फीका नज़र आया।

(7) अयोध्या में राम मंदिर पर आया सबसे बड़ा फैसला

2019 का साल अयोध्या में राम मंदिर बनाने के देश की सर्वोच्च अदालत के फैसले को लेकर भी इतिहास में दर्ज हो गया है। 9 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट के तत्कालीन चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) रंजन गोगोई के नेतृत्व वाली 5 जजों की संवैधानिक पीठ ने अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर और बाबरी मस्जिद की विवादास्पद भूमि पर ऐतिहासिक फैसला सुनाया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बाबरी मस्जिद के ढांचे के नीचे से मंदिर के प्रमाण मिले हैं, जो दर्शाते हैं कि बाबरी मस्जिद का ढांचा खाली ज़मीन पर नहीं बनाया गया था, बल्कि पौराणिक मंदिर को ध्वस्त करके बनाया गया था। इस प्रकार विवादित भूमि पर मंदिर था, यह साबित होता है, लिहाजा इस पूरी 2.77 एकड़ विवादित भूमि रामलला (भगवान राम के बाल स्वरूप) का मंदिर बनाने के लिये दी जाती है। साथ ही बाबरी मस्जिद के लिये केन्द्र सरकार रामलला मंदिर से दूर अयोध्या में किसी भी जगह 5 एकड़ भूमि उपलब्ध कराएगी। सुप्रीम कोर्ट का यह निर्णय भी ऐतिहासिक था, क्योंकि इस फैसले ने 491 साल पुराने ज़मीनी विवाद का निपटारा किया था।

(8) नया मोटर वेहिकल एक्ट हुआ लागू

मोदी सरकार ने यातायात नियमों की धज्जियाँ उड़ाने वाले नागरिकों पर लगाम कसने के लिये नया मोटर वेहिकल एक्ट लागू किया, जिसमें जुर्माना 5 से 10 गुना तक बढ़ाकर वसूल किया गया। यह एक्ट पूरे देश में चर्चा का विषय बना और कई मामलों में वाहन चालकों से लाखों-करोड़ों रुपये का जुर्माना वसूल किया गया, जिससे मोदी सरकार के इस कदम ने खूब सुर्खियाँ बटोरी।

(9) दिल्ली में 40 लाख लोगों को मिले मालिकाना हक़

केन्द्र सरकार ने दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में 1700 से अधिक अवैध कॉलोनियों को वैध करने का फैसला लिया, जिससे इनमें बसे लगभग 40 लाख लोगों को अब उनके घरों के मालिकाना हक़ उन्हें मिल सकेंगे। साथ ही उनके मकान अवैध होने से कभी भी ध्वस्त कर दिये जाने के भय से भी उन्हें मुक्ति मिल जाएगी।

(10) नागरिकता संशोधन कानून (CAA) बना

साल के अंतिम महीने में 11 दिसंबर को मोदी सरकार ने संसद के शीतकालीन सत्र में नागरिकता संशोधन बिल मंजूर करवाकर राष्ट्रपति के समक्ष भेजा, जो राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के हस्ताक्षर के साथ कानून बन गया। इस बिल के कानून बनते ही देश में एक भ्रम का माहौल बना, जिससे इस कानून का विरोध किया गया। भ्रमित लोगों द्वारा किये गये विरोध प्रदर्शन के दौरान कुछ कट्टरपंथी लोगों और संगठनों ने हिंसक घटनाओं को भी अंजाम दिया, जिससे इस कानून पर विवाद उत्पन्न हुआ। हालाँकि अब विरोध और प्रदर्शन शांत हो चुका है और मोदी सरकार इस कानून के प्रति जागरूकता फैलाने के लिये मुहिम चला रही है।

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