VIDEO : जानिए कैसे अधूरी रह गई शिखर की कसक, जो दिला सकती थी WORLD CUP ? दिया भावुक संदेश, ‘दुआएँ बहुत महत्व रखती हैं’ !

रिपोर्ट : कन्हैया कोष्टी

अहमदाबाद, 20 जून, 2019 (युवाप्रेस.कॉम)। 14 मार्च, 2010 को भारतीय क्रिकेट टीम यानी TEAM INDIA में स्थान पाकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में प्रवेश करने वाले धुरंधर बल्लेबाज शिखर धवन देखते ही देखते कब गब्बर के रूप में प्रसिद्ध हो गए, पता ही नहीं चला। ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध पहला टेस्ट मैच खेलने वाले शिखर ने 6 महीनों के भीतर ही एक दिवसीय क्रिकेट टीम में भी जगह बना ली और ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध ही 20 अक्टूबर, 2010 को पहला वनडे (ODI) मैच खेला। 9 वर्षों के इस कैरियर में शिखर ने मैदान पर ऐसे-ऐसे कारनामे किए कि वह वास्तव में भारतीय क्रिकेट जगत के शिखर पर पहुँच गए, परंतु आज यह गब्बर दुःखी है।

आप सभी जानते हैं कि जिस तरह एक सैनिक के लिए युद्ध ही सबसे बड़ा कर्तव्य निर्वहन क्षेत्र होता है, उसी तरह एक क्रिकेटर के लिए उसके कैरियर की सबसे बड़ी चुनौती विश्व कप प्रतियोगिता और सबसे बड़ा सपना विश्व कप जीतना होता है, परंतु शिखर धवन हाल में इंग्लैण्ड में चल रहे ICC WORLD CUP 2019 से बाहर हो गए हैं। गत 9 जून को ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध टीम इंडिया के दूसरे ही मुक़ाबले में शिखर ने धमाकेदार 117 रनों की पारी खेली, परंतु टीम इंडिया को गत चैम्पियन ऑस्ट्रेलिया पर बड़ी जीत दिलाने वाली यह पारी खेलते हुए शिखर चोटिल हो गए और उन्हें विश्व कप के शेष 7 लीग मैच और संभावित सेमी फाइनल तथा फाइनल मैच छोड़ कर भारत लौटना पड़ा।

ट्वीट में छलका गब्बर का ग़ुबार

शिखर धवन को भी इस बात का बड़ा ही दु:ख है और उन्होंने अपना यह दु:ख ट्विटर पर एक वीडियो शेयर करते हुए व्यक्त भी किया है। इस वीडियो में शिखर जो कह रहे हैं, उससे लगता है कि उनके मन की कसक कसक ही रह गई। शिखर इस वीडियो में कह रहे हैं, ‘बदकिस्मती की वजह से मेरा अंगूठा ठीक नहीं पायेगा इसलिए में वर्ल्डकप से बाहर हो गया लेकिन खेल नहीं रुकना चाहिए, टीम साथियों और क्रिकेट प्रेमियों ने जिन्होंने मुझे प्यार दिया उनका में शुक्रिया अदा करना चाहता हूँ। हमारे लड़के अच्छा खेल रहे हैं और उम्मीद हैं की इस बार का वर्ल्डकप हम जीतेंगे आप सब अपनी दुआए बनाये रखिये क्योकि वह हमारे लिए बहुत महत्व रखती हैं।’

अभी और 315 रन बना सकते थे शिखर धवन !

अब बात करते हैं शिखर के टीम इंडिया से आउट होने के कारण भारत को हुए नुकसान के बारे में। इसके लिए हमें सबसे पहले तो शिखर धवन के वन-डे कैरियर पर नज़र डालनी होगी। शिखर धवन ने पहला वन-डे मैच 20 अक्टूबर, 2010 को खेला था, तो 9 जून को जो आख़िरी वन-डे मैच खेला, वह भी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ही खेला। यह शिखर का 130वाँ वन-डे मैच था, जिसमें उन्होंने 44 के एवरेज से कुल 5,480 रन बनाए हैं। यदि इसी एवरेज को पकड़ कर चलें, तो शिखर धवन वर्ल्ड कप 2019 के कुल 9 लीग मैच और 2 संभावित सेमीफाइनल व फाइनल मैच में कुल 444 रन बना सकते थे। शिखर चोटिल होने से पहले 2 मैच खेल चुके थे और इनमें उन्होंने 126 रन बना लिए थे। एवरेज़ के हिसाब से गणना की जाए, तो शिखर शेष 7 लीग और 2 संभावित सेमीफाइनल-फाइनल मैचों में अभी और 315 रन बना सकते थे, जो भारत को विश्व कप 2019 दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते थे।

वर्ल्ड कप 2015 में भी शानदार प्रदर्शन

शिखर धवन वर्ल्ड कप टूर्नामेंट के लिहाज़ से भारत के लिए कितने महत्वपूर्ण खिलाड़ी थे, इसका अंदाज़ा वर्ल्ड कप 2015 के रिकॉर्ड से भी लगाया जा सकता है। विश्व कप 2015 में भारतीय टीम भले ही 2011 के बाद लगातार दूसरी बार वर्ल्ड कप जीतने में सफल नहीं रही थी, परंतु टीम इंडिया टूर्नामेंट के सेमी फाइनल दौर तक पहुँची थी और टीम को यहाँ तक पहुँचाने में भी पहला वर्ल्ड कप टूर्नामेंट खेल रहे शिखर धवन का महत्वपूर्ण योगदान था। शिखर वर्ल्ड कप 2015 में कुल 8 पारियों में 51.50 के औसत से 412 रन ठोके थे, जिसमें सर्वाधिक स्कोर 137 रन का था। शिखर वर्ल्ड कप 2015 के टॉप 10 बल्लेबाजों में पाँचवें स्थान पर रहे थे। इस प्रकार शिखर विश्व कप 2019 में भी एक जानदार-दमदार भूमिका अदा करने वाले थे, परंतु कदाचित नियति को कुछ और ही स्वीकार था। अब देखना यह होगा कि शिखर की कमी कौन पूरी करेगा ? वैसे के. एल. राहुल ने आशाएँ जगाई हैं, तो दूसरी तरफ शिखर के स्थान पर इंग्लैण्ड गए युवा एवं प्रतिभाशाली खिलाड़ी ऋषभ पंत भी यदि अवसर मिला, तो अपना ज़ौहर दिखाने से चूकेंगे नहीं।

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