इमरान-कुरैशी CHEER UP, दुनिया दे न दे, कांग्रेस का हाथ-आपके साथ है…

* प्रियंका ने भी कहा, ‘धारा 370 हटाना असंवैधानिक’

* संसद और सर्वोच्च न्यायालय से ऊपर हैं राहुल-प्रियंका ?

* धारा 370 पर क्यों कोई स्पष्ट रुख नहीं अपना पा रही कांग्रेस ?

* अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी के समक्ष सबसे बड़ी चुनौती

विशेष टिप्पणी : कन्हैया कोष्टी

अहमदाबाद 13 अगस्त, 2019 (युवाPRESS)। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान और विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी भले ही जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाने के भारत के फ़ैसले के विरुद्ध दुनिया को साथ हासिल करने में विफल रहे हों, परंतु उन्हें टेंशन लेने की आवश्यकता नहीं है। भले ही संयुक्त राष्ट्र, अमेरिका, रूस और यहाँ तक कि परम मित्र चीन से इमरान व क़ुरैशी को मायूसी मिली हो, परंतु भारत में सबसे पुरानी और ऐतिहासिक कांग्रेस पार्टी का हाथ उनके साथ है। पूरा पाकिस्तान, इमरान और क़ुरैशी अपनी अवाम के सामने गर्व से यह कह सकते हैं कि कांग्रेस पार्टी ने उन्हें समर्थन दिया है।

यह बात इसलिए कहनी पड़ रही है, क्योंकि जब से जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाने के निर्णय की घोषणा हुई है, तब से यानी 5 अगस्त से लेकर आज 13 अगस्त तक यानी पूरे 9 दिनों के बाद भी कांग्रेस धारा 370 पर अपना रुख स्पष्ट नहीं कर पाई है। पूरी पार्टी धारा 370 पर मानो डोल रही है। जब 5 अगस्त को गृह मंत्री अमित शाह ने धारा 370 हटाने की घोषणा की, तब कांग्रेस पार्टी नेतृत्वविहीन थी। ऐसी स्थिति में कांग्रेस अचानक राज्यसभा में की गई इस घोषणा से स्तब्ध रह गई और बुरी तरह असमंजस में पड़ गई।

एक तरफ जहाँ पूरा देश प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की प्रशंसा करते नहीं थक रहा था, वहीं राज्यसभा में केबिनेट मंत्री स्तरीय पद रखने वाले विपक्ष के नेता और दिग्गज कांग्रेसी नेता ग़ुलाम नबी आज़ाद और लोकसभा में कांग्रेस संसदीय दल (CPP) के नेता अधीर रंजन चौधरी उसी तरह बौखलाए हुए थे, जैसे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान और पूरा पाकिस्तान बौखलाया हुआ था। संसद के दोनों सदनों में धारा 370 हटाने के मोदी सरकार के फ़ैसले का विरोध करके कांग्रेस ने पहले ही फज़ीहत करा ली थी, तो बाद में पूर्व गृह मंत्री व वरिष्ठ पी. चिदंबरम, मणिशंकर अय्यर भी बदज़ुबानी पर उतर आए। राहुल गांधी को जैसे ही कुछ-कुछ समझ में आया, उन्होंने ट्वीट कर मोदी सरकार के धारा 370 हटाने के फ़ैसले को असंवैधानिक करार दिया।

अब प्रियंका नींद से जागीं

धारा 370 पर डाँवाडोल कांग्रेस के भीतर ज्योतिरादित्य सिंधिया, जनार्दन द्विवेदी सहित कई ऐसे नेता उभर कर सामने आए, जिन्होंने मोदी सरकार के फ़ैसले का समर्थन किया, परंतु इसके बावजूद कांग्रेस पार्टी देश की जनभावना को मानो समझने को तैयार नहीं है। इसीलिए तो अब कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा मैदान में उतर आईं। प्रियंका ने पहली बार धारा 370 पर मुँह खोला। आशा की जा रही थी कि वे कुछ हटके बोलेंगी, परंतु उन्होंने भी भाई राहुल का पढ़ाया कह दिया, ‘धारा 370 हटाना असंवैधानिक है।’ जब प्रियंका ने यह बयान दिया, उससे चंद घण्टे पहले ही देश के सर्वोच्च न्यायालय (SC) ने धारा 370 पर दखल देने से इनकार किया था। ऐसे में प्रश्न यह उठता है कि कांग्रेस पार्टी और उसके बदज़ुबान नेता देश की संसद और सुप्रीम कोर्ट से भी ऊपर हैं ? चलिए, मान लेते हैं कि 11 अगस्त तक कांग्रेस नेतृत्वविहीन थी, परंतु अब तो सोनिया गांधी अंतरिम अध्यक्ष बन चुकी हैं। पार्टी अध्यक्ष होने के नाते सोनिया गांधी धारा 370 पर क्यों कोई बयान देकर पार्टी का रुख स्पष्ट नहीं करतीं ?

स्वामी का ट्वीट देश की जनभावना का प्रतीक

इस बीच भाजपा नेता सुब्रमण्यन स्वामी ने आज सुबह एक ट्वीट किया। इस ट्वीट में उन्होंने लिखा, ‘पाकिस्तानी विदेश मंत्री कह रहे हैं कि धारा 370 पर कोई साथ नहीं दे रहा। वे ग़लत हैं। चियर अप। कांग्रेस पार्टी पाकिस्तान का साथ देने के लिए क़तार में है।’

स्वामी का यह ट्वीट वास्तव में भारतीय जनमानस का प्रतिनिधित्व करता है, क्योंकि कश्मीर पर कांग्रेस की ढुलमुल नीति ने लगातार आम जनता की नज़र में कांग्रेस के विरुद्ध नकारात्मक वातावरण बनाया हुआ है। इतना ही नहीं, ग़ुलाम नबी आज़ाद, अधीर रंजन चौधरी और पी. चिदम्बरम् जैसे नेताओं के बयानों के कारण के ट्विटर पर शेमऑनकांग्रेस ट्रेंड करने लगा था। सोनिया गांधी सहित पूरी कांग्रेस पार्टी आखिर क्यों एक दिशाहीन मार्ग पर आगे बढ़ने को विवश है ? यह बात समझ से परे है।

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