क्या वास्तव में मोदी को PM पद की नहीं, अपितु देश को PM पद पर मोदी की जरूरत है ?

एग्ज़िट पोल के बाद शेयर बाजार में तेजी और निवेशकों में उत्साह क्या कहता है ?

विश्लेषण : विनीत दुबे

अहमदाबाद 22 मई, 2019। आपको यह जानकर हैरानी तो जरूर होगी कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पीएम पद की नहीं, अपितु देश को पीएम पद पर नरेन्द्र मोदी की आवश्यकता है, परंतु हम यह बात इसलिये कह रहे हैं कि आजकल सोशल मीडिया पर पीएम मोदी की एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है। इस पोस्ट में यह शब्द लिखे हैं। यदि इन शब्दों का विश्लेषण किया जाए तो यह ग़लत भी नहीं हैं। क्योंकि हम सब जानते हैं कि पीएम मोदी एक आध्यात्मिक पुरुष हैं। उनका जीवन राजनीति में आने से पूर्व अध्यात्म में ही ग़ुजरा है। वह अपने इंटरव्यू में भी अपने आध्यात्मिक जीवन और आध्यात्मिक विचारों को प्रक्षेपित करने से नहीं चूकते हैं।

अब यदि दूसरे पहलू पर बात की जाए तो देश व दुनिया की राजनीतिक, कूटनीतिक, सामाजिक-शैक्षणिक, आर्थिक व सामरिक स्थिति में जिस गति से बदलाव हो रहे हैं, उस परिदृश्य में देश को नरेन्द्र मोदी जैसे सशक्त पीएम और नेतृत्वकर्ता की ही आवश्यकता है। इससे भी कोई इनकार नहीं कर सकता। अर्थ व्यवस्था का मजबूत अंग शेयर बाजार भी यही इंगित कर रहा है। लोकसभा चुनाव सम्पन्न होने के बाद रविवार को आये EXIT POLL के नतीजों के बाद शेयर बाजार की चाल ही बदल गई है।

एग्ज़िट पोल के नतीजे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, भाजपा और NDA के पक्ष में आये। इससे भाजपा और एनडीए तो सरकार में वापसी के संकेत मिलने से उत्साहित हैं ही, परंतु शेयर बाजार भी उत्साह में उछल रहा है। पीएम मोदी के रूप में स्थिर सरकार की वापसी के संकेत मिलने से पूंजी निवेशक भी खुश हैं। सोमवार को एक ही दिन में निवेशकों की संपत्ति भी शेयर बाजार के साथ उछलकर 5.4 लाख करोड़ रुपये बढ़ गई।

लोकसभा चुनाव के दौरान नई सरकार को लेकर अनिश्चितता का माहौल था जिससे शेयर बाजार में सुस्ती चल रही थी, निवेशक भी पूंजी निवेश करने में झिझक रहे थे, परंतु एक्जिट पोल के नतीजे आने के बाद स्थिर सरकार की उम्मीद बनी, जिससे शेयर बाजार में भी उत्साह बढ़ गया। दूसरे दिन मंगलवार को भी कारोबारी दिन की शुरुआत बढ़त के साथ हुई और मात्र एक घण्टे में BSE SENSEX 200 अंक बढ़ गया। इस तेजी के साथ संवेदी सूचकांक 39,550 के स्तर पर पहुँच गया और यह शेयर बाजार के इतिहास में पहली बार हुआ है कि सेंसेक्स ने इतनी बड़ी बढ़त दर्ज की है।

इससे पहले सेंसेक्स 39,500 के नीचे ही रहा है। सोमवार को संवेदी सूचकांक सेंसेक्स में 1,422 अंकों का सबसे बड़ा उछाल दर्ज हुआ, जो अंकों के हिसाब से एक दशक में सबसे बड़ी और अब तक की दूसरी सबसे बड़ी बढ़त है। इससे पहले सबसे बड़ी बढ़त 2013 के सितंबर में तब दर्ज हुई थी जब एनडीए की ओर से नरेन्द्र मोदी को प्रधानमंत्री पद का दावेदार घोषित किया गया था। सोमवार को सेंसेक्स 39,353 के स्तर पर बंद हुआ था और उसमें 3.7 प्रतिशत की बढ़त दर्ज हुई थी। वहीं निफ्टी भी 421 अंक बढ़त के साथ रिकॉर्ड 11,828 के स्तर पर बंद हुआ था। मंगलवार को बाजार खुलने के साथ ही सेंसेक्स 200 अंकों की बढ़त के साथ 39,550 के स्तर पर आ गया और निफ्टी भी 52 अंक बढ़कर 11,880 के स्तर पर आ गया। यह शेयर बाजार और निफ्टी का अब तक का सबसे उच्चतम स्तर है।

बाजार के जानकारों का कहना है कि यदि बढ़त का यह सिलसिला जारी रहा तो शेयर बाजार चुनावी नतीजे गुरुवार को आने से पहले ही 40 हजार के जादुई आँकड़े को छू सकता है। वहीं निवेशकों को उम्मीद है कि चुनाव नतीजों से दो दिन पहले ही यानी आज ही सेंसेक्स 40 हजार के आँकड़े को छू सकता है।

दरअसल एक्जिट पोल के नतीजों में मोदी सरकार की वापसी के संकेत मिलने से निवेशकों में यह उम्मीद बनी है कि मोदी सरकार की वापसी से वर्तमान सरकार द्वारा किये गये आर्थिक सुधारों को गति मिलेगी और सरकार ने पहले कार्यकाल में जो कार्य शुरू किये हैं, उन्हें नये कार्यकाल में आगे बढ़ाएगी। इसके अलावा भारतीय रिज़र्व बैंक भी रेपो रेट में कटौती कर सकती है, जबकि मोदी सरकार GST के स्लैब में बदलाव कर सकती है। इन कारणों से निवेशकों में उत्साह बढ़ा है। शेयर बाजार में भारी बढ़त से निवेशकों की संपत्ति में 5.4 लाख करोड़ की बढ़ोतरी हुई है, वहीं कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण भी बढ़कर 151.4 लाख करोड़ के स्तर पर पहुँच गया है। हालाँकि बाजार के जानकारों का यह भी मानना है कि गुरुवार को मतगणना के दिन बाजार में बड़ी अस्थिरता आ सकती है। बाजार की चाल नई सरकार के गठन पर निर्भर रह सकती है।

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