क्या यह तसवीर देखने के बाद भी राहुल कहेंगे, ‘सारे मोदी चोर हैं’ ? देखिए इस पूरे गाँव में क्यों रोष है राहुल के विरुद्ध ?

लोकसभा चुनाव 2019 के बाद केन्द्र में सत्ता के सपने देख रहे कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पिछले एक वर्ष से गली-गली में शोर मचा रहे हैं, ‘चौकीदार (नरेन्द्र मोदी) चोर है।’ राहुल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को निशाना बनाते हुए नीरव मोदी और ललित मोदी का नाम भी नरेन्द्र मोदी के साथ जोड़ कर यह जताने का कई बार प्रयास कर चुके हैं कि सारे मोदी चोर होते हैं, परंतु ऊपर जिस तसवीर में राहुल गांधी के पिता राजीव गांधी दिखाई दे रहे हैं, उस तसवीर में खड़े सभी लोग मोदी हैं। क्या इस तसवीर को देख कर भी राहुल यह भ्रांति बनाए रखेंगे कि सारे मोदी चोर होते हैं ?

यह तसवीर है उत्तर प्रदेश के गाज़ियाबाद जिले के एक गाँव की। जिला मुख्यालय से लगभग 25 किलोमीटर दूर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) 25 पर बसा यह गाँव राहुल गांधी के मोदी सरनेम (उपनाम) को निशाना बनाए जाने से आक्रोशित है। इस गाँव का नाम है मोदीनगर, जहाँ कभी राहुल के पिता राजीव गांधी ने दौरा भी किया था और गाँव के लोगों के साथ तसवीर भी खिंचवाई थी। राजीव से पहले राहुल के परनाना जवाहरलाल नेहरू भी इस गाँव में आ चुके हैं। इस गाँव का नाम मोदीनगर इसलिए है, क्योंकि यहाँ अधिकांश लोगों का उपनाम मोदी है।

राहुल के कारण बदनाम हुआ एक प्रतिष्ठित गाँव मोदीनगर

मोदीनगर उत्तर प्रदेश ही नहीं, अपितु पूरे देश में प्रसिद्ध है। इसकी स्थापना उद्योगपति रायबहादुर गूजरमल मोदी ने 1933 में की थी, जिन्हें 1968 में राहुल की दादी इंदिरा गांधी की सरकार ने पद्मभूषण की उपाधि दी थी। रायबहादुर मोदी मोदी औद्योगिक समूह के संस्थापक भी थे। इसलिए देश के कई औद्योगिक नगरों में मोदीनगर का नाम आज भी बड़े आदर-सम्मान से लिया जाता है। राहुल के ‘मोदी’ उपनाम को टार्गेट करने से व्यथित मोदीनगर के लोग राहुल को यह याद दिलाना चाहते हैं कि मोदीनगर में डॉ. के. एन. मोदी साइंस एण्ड कॉमर्स कॉलेज का उद्घाटन करने के लिए राहुल के परनाना नेहरू ने 1952 में मोदीनगर का दौरा किया था। मोदीनगर के संस्थापक रायबहादुर गूजरमल मोदी के मोदी ग्रुप में काम करने वाले हजारों लोगों ने एक ज़माने में कांग्रेस की रैलियों में भीड़ बढ़ाने का परिश्रम किया था। मोदीनगर में मोदी उपनाम वाले लोगों की आँखों में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के शब्दों के प्रहार लालिमा और ध्वनि में आक्रोश उफन आता है। स्वयं को मोदीनगर का वासी बता कर गौरव अनुभव करने वाला इस गाँव का हर शख्स आज राहुल के कारण कटघरे में खड़ा महसूस कर रहा है।

मोदीनगर का इतिहास गौरवशाली

एक समय मोदीनगर का नाम बेग़माबाद था। नवाब जाफर अली ने 571 एकड़ की भूमि पर अपनी बेग़म के नाम पर बेग़माबाद बसाया था। राजस्थान से आए उद्योगपति गूजरमल मोदी ने इस गाँव की तक़दीर बदल दी। गूजरमल मोदी ने बे़ग़माबाद को औद्योगिक टाउनशिप (नगरी) का आकार दिया। शुगर मिल से शुरू हुआ सिलसिला 1939 में कोटोजेम वनस्पति और 1940 में साबुन उद्योग तक पहुँचा। फ्लोर मिल सहित यहाँ दर्जनों उद्योग रहे हैं। शिक्षा के क्षेत्र में मोदीनगर का अलग रुतबा है। यद्यपि गूजरमल के पुत्र रायबहादुर ने मोदीनगर की स्थापना 1933 में ही कर दी थी, परंतु मोदीनगर को यह नाम 1945 में मिला, जब सरकार ने दिवंगत गूजरमल की स्मृति में बेग़माबाद को अधिकृत रूप से मोदीनगर के रूप में मान्यता दी।

क्या होता है ‘मोदी’ का अर्थ ?

आज पूरे देश में मोदी शब्द प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का पर्याय बन चुका है। मोदी उपनाम वालों की संख्या करोड़ों में है, परंतु देश के लोग आज जब मोदी शब्द का प्रयोग करते हैं, तो वह नरेन्द्र मोदी के लिए करते हैं। आखिर क्या है मोदी ? उत्तर में उतरें, तो मोदी का अर्थ है दाल, चावल आदि बेचने वाला पंसारी, परचूनिया, ग्रॉसर, भंडारी या स्टोर कीपर। नरेन्द्र मोदी गुजरात के मोढ-घाँची समाज से हैं, जिनका परम्परागत व्यवसाय वनस्पति से तेल निकालना और बेचना है। मोदी उपनाम का नामकरण प्राचीन काल में मोठ बेचने के व्यवसाय से शुरू हुआ, जो बाद में अपभ्रंश होते-होते मोठ से मोठी, मोढी और फिर मोदी हो गया। स्पष्ट है कि मोदी केवल एक उपनाम या जाति नहीं, अपितु एक सटीक पहचान है।

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