‘वायु’ का घात, सह पाएगा गुजरात ? जानिए कैसी और कितनी तैयार है सरकार ?

* बुधवार रात या गुरुवार सुबह तक गुजरात तट पर पहुँचेगा ‘वायु’

* सौराष्ट्र-कच्छ और दक्षिण गुजरात के तटवर्ती जिलों में स्कूल-कॉलेज बंद

* तटवर्ती गाँवों से 1 लाख से अधिक लोगों को स्थानांतरित करने की कार्यवाही तेज

* सेना-नौसेना-एनडीआरएफ के जवान भी संभावित संकट से निपटने को अलर्ट

रिपोर्ट : विनीत दुबे

अहमदाबाद, 12 जून 2019 (युवाप्रेस डॉट कॉम)। अरब सागर में उठा ‘वायु’ तूफान गुजरात के समुद्री तट की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। अभी तूफान गुजरात तट से 340 कि.मी. दूर है और 80 से 90 कि.मी. प्रतिघण्टा की गति से आगे बढ़ रहा है, जिसके बुधवार रात या गुरुवार सुबह तक गुजरात तट से टकराने की संभावना है। गुजरात तट से टकराने के दौरान तूफान की गति बढ़कर दुगुनी यानी 135 से 165 कि.मी. तक पहुँचने की आशंका है, जिससे तटीय इलाकों में इंफ्रास्ट्रक्चर यानी ढाँचागत सुविधाओं को व्यापक नुकसान होने की संभावना है। हालाँकि राज्य सरकार जानहानि को लेकर ज़ीरो टोलरेंस की नीति से काम कर रही है।

गांधीनगर में केबिनेट की बैठक स्थगित

‘वायु’ तूफान को लेकर राज्य सरकार ने आज सुबह राजधानी गांधीनगर में होने वाली मंत्रिमंडल की बैठक स्थगित कर दी है और सभी मंत्री और उच्च विभागीय अधिकारी तटवर्ती जिला प्रशासनों से पल-पल की रिपोर्ट हासिल कर रहे हैं। चौबीसों घण्टे कार्यरत् रहने वाला कंट्रोल रूप भी कार्यरत किया गया है, जो सभी तटवर्ती जिलों से रिपोर्ट एकत्र कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह सहित केन्द्र सरकार भी राज्य सरकार से लगातार संपर्क बनाये हुए हैं और स्थिति की जानकारी प्राप्त कर रहे हैं। तटवर्ती इलाकों में 15 जून तक तीन दिन के लिये सभी स्कूल-कॉलेजों में छुट्टी घोषित की गई है तथा अधिकारियों की छुट्टियाँ रद्द कर दी गई हैं।

तटवर्ती 461 गाँवों से लोगों का स्थानांतरण शुरू

केन्द्र सरकार ने सेना को अलर्ट रहने के लिये कहा है, वहीं गुजरात में वायुसेना, नौसेना, तटरक्षक बल, समुद्री पुलिस और नेशनल डिजास्टर रेस्क्यू फोर्स (NDRF) की 51 टीमें राहत – बचाव के लिस्ट स्टैण्ड बाय मुद्रा में हैं। तटवर्ती जिला प्रशासन तटवर्ती इलाकों के स्थानीय प्रशासन और ग्राम पंचायतों तक को काम में लगाकर तूफान से प्रभावित होने वाले गाँवों के लोगों को स्थानांतरित करवाने में जुटा हुआ है। लगभग 461 तटवर्ती गाँवों से 1 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्कूलों, कम्युनिटी हॉल और अस्थाई रूप से तैयार किये सेल्टर हॉम में पहुँचा रहे हैं। वहाँ सामाजिक संस्थाओं तथा स्थानीय प्रशासन की ओर से महिलाओं, बच्चों, पुरुषों, वृद्धों के अलावा दिव्यांगों तथा गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं के लिये पर्याप्त खान-पान आदि की व्यवस्था कर रहे हैं। गुजरात स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (GSRTC) की बसें लोगों को स्थानांतरित करने के कामों में जुटी हैं।

सौराष्ट्र-कच्छ के 12, द. गुजरात के 5 जिलों पर होगा असर

सौराष्ट्र के 11 जिले भावनगर, अमरेली, पोरबंदर, जूनागढ, गीर सोमनाथ, देवभूमि द्वारका, जामनगर, बोटाद, मोरबी, सुरेन्द्रनगर और राजकोट तथा कच्छ जिले, दक्षिण गुजरात के पाँच जिले भरूच, तापी, नवसारी, सूरत और वलसाड के अलावा केन्द्र शासित प्रदेश दीव और दमण तूफान से सर्वाधिक प्रभावित हो सकते हैं। इसके अलावा ‘वायु’ तूफान के प्रभाव से डांग, वड़ोदरा, आणंद और अहमदाबाद में भी वातावरण में बदलाव देखने को मिल रहा है। तूफान के प्रभाव से पिछले दिन तटवर्ती जिलों में धूल भरी आँधी के साथ कई स्थानों पर बारिश भी हुई। आज भी कई इलाकों में तेज हवाएँ चल रही हैं।

गुरुवार सुबह 3 बजे वलसाड पहुँचेगा ‘वायु’

https://www.windy.com/?20.956,69.357,6

WINDY.COM के अनुसार वायु तूफान 13 जून गुरुवार की सुबह लगभग 3 बजे वलसाड को प्रभावित करने के बाद सुबह 5 बजे दीव, उना, वणाकबारा, कोड़ीनार, गीर-सोमनाथ, तालाला, पीपावाव में प्रवेश करेगा। सुबह 8 बजे तक वेरावळ, माँगरोळ और माळिया पहुँचेगा। रात को 8 बजे तूफान फिर वापसी करेगा और एक बार पुनः माँगरोळ से टकराएगा। इसके बाद 14 शुक्रवार सुबह 3 बजे नवा बंदर, सुबह 5 बजे पोरबंदर से टकराएगा। 14 की शाम को 6 बजे द्वारका पहुँचेगा और 15 की सुबह 3 बजे धीरे-धीरे गुजरात की समुद्री सीमा से बाहर निकलना शुरू होगा और 16 रविवार की शाम समुद्र में वापस जाकर शांत हो जाएगा।

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