करारी शिकस्त के बाद कोच और कप्तान की लगेगी क्लास : कठघरे में आएँगे चयनकर्ता भी

कई दिग्गजों पर गिर सकती है गाज़

बैटिंग कोच संजय बांगर और टीम मैनेजर हो सकते हैं बाहर

बीसीसीआई की कमेटी ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन पूछेगी सवाल

बैटिंग ऑर्डर में बदलाव को लेकर देना होगा जवाब

टीम इंडिया की हार पर हिंदुस्तान में मचा है हाहाकार

रिपोर्ट : विनीत दुबे

अहमदाबाद, 12 जुलाई 2019 (YUVAPRESS)। 20 मई को विश्व कप 2019 टूर्नामेंट खेलने के लिये भारत से रवाना हुई टीम इंडिया का सफर सेमीफाइनल में पराजय के साथ समाप्त हो चुका है और सात सप्ताह के इंग्लैंड टूर से 15 जुलाई को टीम इंडिया स्वदेश लौट आएगी। इस बीच टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन करने और विश्व कप की ट्रॉफी जीतने की उम्मीद जगाने के बाद 9 जुलाई को खेले गये सेमी फाइनल मैच में टीम इंडिया का बल्लेबाजी क्रम जिस तरह रेत के महल की तरह भरभराकर ढह गया, उसे लेकर सवाल उठना लाजिमी है और वही होने जा रहा है। सवाल उठने के बाद अब भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) एक्शन मोड में आ गया है और अब कप्तान से लेकर कोच तक की क्लास लगने वाली है।

BCCI की COA लगाएगी क्लास और पूछेगी सवाल

बीसीसीआई की कमेटी ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन (सीओए) चीफ विनोद रॉय टीम इंडिया के मुख्य कोच रवि शास्त्री, सहायक कोच और बैटिंग कोच संजय बांगर, टीम मैनेजर सुनील सुब्रमण्यम और कप्तान विराट कोहली की शनिवार को ही क्लास लगाने वाले हैं। कमेटी के कठघरे में टीम इंडिया के मुख्य चयनकर्ता एम. एस. के. प्रसाद सहित कई और सम्बंधित अधिकारी भी होंगे। वैसे टीम इंडिया सेमी फाइनल में हार के बावजूद अभी भी इंग्लैंड में है। वह 14 जुलाई को फाइनल मैच खेले जाने के बाद अवॉर्ड वितरण समारोह में हिस्सा लेगी, जिसमें पूरी टूर्नामेंट के दौरान सबसे ज्यादा 5 शतक लगाने वाले और सर्वाधिक 648 रन बनाने वाले टीम इंडिया के उप कप्तान और दाएँ हाथ के सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा को मैन ऑफ दी सीरीज़ के खिताब से नवाजा जा सकता है। इसके बाद टीम इंडिया इसी शाम इंग्लैंड से स्वदेश के लिये रवाना हो जाएगी और अगले दिन 15 जुलाई को भारत पहुँचने के बाद सभी खिलाड़ी अपने-अपने घर के लिये रवाना हो जाएँगे। चूँकि टीम इंडिया अभी इंग्लैंड में ही है, इसलिये कोच और कप्तान तथा टीम मैनेजर आदि वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से कमेटी ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन से जुड़ेंगे। इस बैठक में पराजय का पोस्ट मार्टम किया जाएगा। विशेषकर टॉप ऑर्डर के फेल हो जाने के बाद जब मध्य क्रम के कंधों पर जिम्मेदारी आई तो मध्य क्रम उस दबाव को झेल नहीं पाया जिससे एक आसान माने जा रहे मुकाबले में टीम इंडिया को हारकर वर्ल्ड कप की प्रतियोगिता से बाहर हो जाना पड़ा। इस बीच बैटिंग ऑर्डर में किये गये प्रयोगों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। इन बदलावों के लिये कौन जिम्मेदार है, यह भी पूछा जाएगा और टीम के सहायक तथा बैटिंग कोच संजय बांगर तथा टीम मैनेजर सुनील सुब्रमण्यम जो मित्रों के लिये टिकट और पास का जुगाड़ करने में ही व्यस्त रहे उन पर गाज़ गिराई जा सकती है। कुछ और सहायक अधिकारियों के साथ-साथ ऋषभ पंत के चयन को लेकर मुख्य चयनकर्ता एम. एस. के. प्रसाद से भी सवाल पूछे जाएंगे।

बैटिंग क्रम को प्रयोगशाला बनाने वाले बांगर पर गिर सकती है गाज़

वैसे पूरे टूर्नामेंट में टीम इंडिया ने अच्छा प्रदर्शन किया है और अंक तालिका में पहले नंबर तक पहुँची थी, इसलिये कप्तान विराट कोहली को बदले जाने या मुख्य कोच रवि शास्त्री को हटाए जाने की कोई संभावना नहीं है। बोलिंग और फील्डिंग में अच्छे प्रदर्शन को देखते हुए फील्डिंग कोच आर. श्रीधर और बोलिंग कोच भरत अरुण की सीट पर भी कोई खतरा नहीं है। वर्ल्ड कप के दौरान और वर्ल्ड कप से पहले दो साल तक मध्य क्रम को लेकर टीम इंडिया को प्रयोगों की प्रयोगशाला बना देने वाले बैटिंग कोच और चयनकर्ताओं से कुछ कठिन सवाल जरूर पूछे जाएंगे। वर्ल्डकप से पहले तक टीम इंडिया में 4 नंबर को लेकर 11 खिलाड़ियों को आजमाया गया, परंतु इनमें से किसी को भी वर्ल्डकप के लिये चुनी गई टीम में स्थान नहीं दिया गया और वर्ल्डकप में इस नंबर पर के. एल. राहुल को उतारा गया। जब शिखर धवन के चोटिल हो जाने पर राहुल को ओपनिंग के लिये ऊपरी क्रम में लिया गया तो उनके स्थान पर 4 नंबर पर विजय शंकर को खिलाया गया, जिनके पास भी कुछ ही मैच खेलने का अनुभव था। वह भी चोटिल हो गये तो चयन कर्ताओं ने इस क्रम के लिये ऋषभ पंत को इंग्लैंड भेजा। जबकि वर्ल्ड कप से पहले अनुभवी खिलाड़ियों को 4 नंबर पर खिलाने का प्रयोग करने के बावजूद उनमें से किसी को वर्ल्ड कप की टीम में स्थान नहीं दिया गया। जिन 11 खिलाड़ियों को आजमाया गया, उनमें अजिंक्य रहाणे, युवराज सिंह, सुरेश रैना, मनीष पांडे, अंबाती रायडू आदि शामिल हैं। इनके अलावा विजय शंकर और हार्दिक पंड्या को भी आजमाया जा चुका था।

हार को भूलकर आगे बढ़ेगी टीम इंडिया

हार का ठीकरा कुछ अधिकारियों के सिर दे मारने के बाद बीसीसीआई और टीम इंडिया आगे बढ़ेगी। इस महीने 20 जुलाई के आसपास चयनकर्ता वेस्ट इंडीज का दौरा करने वाली नई टीम चुनेंगे। वेस्ट इंडीज के दौरे के लिये चुनी हुई टीम इंडिया इस महीने के अंत में वेस्ट इंडीज रवाना होगी और वहाँ 3 अगस्त से खेले जाने वाले 3 टी-20 मैच, 3 वनडे मैच और 2 टेस्ट मैचों की श्रृंखला खेलेगी। इस दौरे में कप्तान विराट कोहली के साथ-साथ तीनों तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार, जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद शमी को आराम दिया जाएगा। विकेटकीपर बल्लेबाज महेन्द्रसिंह धोनी को लेकर अभी तक कोई खुलासा नहीं हुआ है। वैसे माना जा रहा है कि वह अगले साल होने वाले टी-20 वर्ल्ड कप तक वनडे और टी-20 मैच खेल सकते हैं।

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