मैदान में उतरे बिना भी बना सकते हैं क्रिकेट में करियर : इन जॉब्स से कर सकते हैं लाखों की कमाई !

अहमदाबाद, 11 जून, 2019 (युवाप्रेस डॉट कॉम। अगर आप क्रिकेट के शौकीन हैं और क्रिकेट की अच्छी जानकारी रखते हैं तो जरूरी नहीं कि क्रिकेटर बनकर ही लाखों की कमाई की जा सकती है। बतौर बल्लेबाज या गेंदबाज मैदान में उतरे बिना भी क्रिकेट की फील्ड में कई ऐसी जॉब्स हैं, जिनके माध्यम से लाखों रुपये की कमाई की जा सकती है। मैच रेफरी, अंपायर, वीडियो एनालिस्ट, क्रिकेट स्टेटिस्टीशियन, पिच क्यूरेटर, क्रिकेट जर्नालिस्ट, पीआर या मैनेजर बनकर मासिक लाखों रुपये की सैलरी हासिल की जा सकती है। इसके अलावा क्रिकेट से जुड़े बिजनेस करके भी लाखों रुपये की कमाई कर सकते हैं।

क्रिकेट के मैदान पर टॉस हो जाने के बाद जब दो टीमें क्रिकेट खेलने के लिये मैदान पर उतरती हैं, तब ही हम खिलाड़ियों की बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग देखते हैं और सोचते हैं कि यह क्रिकेटर क्रिकेट खेलकर लाखों रुपये की कमाई कर लेते हैं और सेलेब्रिटी बन जाते हैं, परंतु क्रिकेटरों के अलावा भी कई लोग ऐसे होते हैं, जिनका मैच में महत्वपूर्ण योगदान होता है। आप भी यह क्रिकेटर से इतर जिम्मेदारियाँ निभाने वाली जॉब्स पाकर लाखों रुपये की कमाई कर सकते हैं।

क्यूरेटर बनकर कमा सकते हैं एक लाख रुपये की सैलरी

क्रिकेट खेलने के लिये आवश्यक 22 यार्ड की पिच तैयार करने वाले क्यूरेटर की भी क्रिकेट की फील्ड में महत्वपूर्ण भूमिका होती है। क्यूरेटर बनने के लिये मिट्टी और उसकी उर्वरता के साथ-साथ पिच के बारे में जानकारी रखने वाले स्टूडेंट्स क्यूरेटर के रूप में करियर बना सकते हैं। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की ओर से क्यूरेटर के लिये सर्टिफिकेट कोर्स भी कराये जाते हैं। इतना ही नहीं, छह साल बाद 2018 में क्यूरेटर की मासिक सैलरी बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दी गई है। इस प्रकार आप वार्षिक 12 लाख रुपये का पैकेज कमा सकते हैं।

मैच रेफरी को मिलते हैं 30 हजार रुपये दैनिक

मैच रेफरी की जिम्मेदारी होती है कि वह देखे कि इंटरनेशनल क्रिकेट कौंसिल (ICC) के कोड ऑफ कंडक्ट यानी आचारसंहिता का कहीं कोई उल्लंघन न हो। मैच रेफरी की जिम्मेदारी यह सुनिश्चित करना भी है कि यदि किसी भी कोड का उल्लंघन होता है तो उसका आंकलन करे और उसके लिये दंड तय करे। मैच रेफरी बनने के लिये क्रिकेट जगत के सभी नियम-कानूनों का बारीकी से ज्ञान होना चाहिये। प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेलने वाले पूर्व खिलाड़ी बीसीसीआई में मैच रेफरी हैं। इन्हें टी-20 मैचों की फीस के अलावा दैनिक 30,000 रुपये यानी मासिक 9 लाख रुपये की सैलरी दी जाती है। इसके अतिरिक्त आउट ऑफ स्टेशन जाने पर उन्हें भत्ते भी दिये जाते हैं।

वीडियो एनालिस्ट बनकर कमा सकते हैं दैनिक 15,000 रुपये

वीडियो एनालिसिस का काम आसान नहीं है, यह बहुत बड़ी जिम्मेदारी का काम है। वीडियो एनालिस्ट को दोनों टीमों के मैच का वीडियो एनालिसिस करना होता है। वीडियो एनालिस्ट को बताना होता है कि मैच के दौरान किस टीम के किस बल्लेबाज और गेंदबाज की क्या कमियाँ नज़र आईं। बीसीसीआई सीनियर वीडियो एनालिस्ट को प्रतिदिन 15,000 रुपये यानी मासिक 4.50 लाख रुपये का भुगतान करता है। वीडियो एनालिस्ट की जॉब्स के लिये तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ क्रिकेट की भी बारीक जानकारी होना आवश्यक है।

क्रिकेट स्टेटिस्टीशियन में बनाएं करियर

मैच के दौरान आँकड़ों को जुटाकर उनका विश्लेषण करने का काम स्टेटिस्टीशियन करता है। किस क्रिकेटर ने कितने रन बनाये और किस क्रिकेटर ने कितने विकेट लिये, किस फील्डर ने कितने कैच पकड़े और विकेटकीपर ने कितनी स्टंपिंग की या कितने कैच पकड़े या छोड़े। ऐसे सब आँकड़े रखने का काम स्कोरर का होता है। इन्हें दैनिक 10,000 रुपये का भुगतान किया जाता है। स्टेटिस्टीशियन बनने के लिये गणित विषय से बीएससी और एमएससी के बाद Ph.D.in Statistics होना चाहिये। साथ ही क्रिकेट का सूक्ष्म ज्ञान होना भी आवश्यक है।

अंपायर बनकर कमाएँ 40 लाख की सैलरी

अंपायर बनने के लिये राज्य स्तरीय स्पोर्ट्स बॉडी की ओऱ से प्रयोगात्मक और लिखित परीक्षाएँ आयोजित करती है। यदि इस परीक्षा में व्यक्ति पास होता है तो वह बीसीसीआई द्वारा आयोजित होने वाली अंपायरिंग परीक्षा में बैठने के योग्य माना जाता है। एक रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय अंपायर अनिल चौधरी, सी. के. नंदन और सी. शमसुद्दीन को प्रतिमाह लगभग 40 लाख रुपये मात्र इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के लिये चुकाए जाते हैं। जबकि अंतर्राष्ट्रीय वनडे मैच के लिये चुकाई जाने वाली रकम इससे दुगुनी से भी अधिक होती है।

क्रिकेटर्स के मैनेजर बनकर कमाएँ लाखों रुपये

प्रख्यात क्रिकेटरों के मैनेजर के साथ-साथ क्रिकेट में ऑपरेशन मैनेजर की भी पोस्ट होती है। इन पदों पर जॉब्स पाने वाले को टीम के सभी प्रकार के खर्च, उनकी आवश्यकताओं के अनुसार सामान तथा उनकी अन्य सुविधाओं का ध्यान रखना होता है। उनकी वार्षिक सैलरी 15 लाख रुपये से भी अधिक हो सकती है।

क्रिकेट जर्नलिस्ट और पीआर बनने का अवसर

यदि किसी ने जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है तो वह व्यक्ति क्रिकेट जर्नलिस्ट या ब्लॉगर के रूप में भी करियर बना सकते हैं। इसके लिये उन्हें क्रिकेट की अच्छी जानकारी होनी चाहिये। सभी एजेंसियाँ ऐसे व्यक्तियों को इनपुट या आर्टिकल के हिसाब से भुगतान करती हैं। इसके अलावा ऐसे व्यक्ति टीम मेंबर के पीआर (पर्सनल रिलेशन) का काम भी सँभाल सकते हैं। इन जॉब्स में भी लाखों रुपये की कमाई की जा सकती है।

क्रिकेट किट मैनुफेक्चर बन सकते हैं

यदि जॉब्स नहीं करनी है और क्रिकेट से जुड़ा कोई बिज़नेस करना है तो आप क्रिकेट किट जिसमें गेंद, बल्ला, ग्लव्ज, पैड्स आदि होते हैं, उसके मैनुफेक्चर का बिज़नेस करके भी आप लाखों रुपये कमा सकते हैं। इसके लिये बीकॉम के बाद एमबीए या बिज़नेस सम्बंधी अन्य कोर्स किया हो तो आपको इसका लाभ एक कंपनी के रूप में मिल सकता है।

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