शिव भक्तों के लिया Lockdown में तोहफा – कैलाश मानसरोवर यात्रा होगी आसान

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कैलाश मानसरोवर यात्रा श्रद्धालुओं के लिए पहले के मुकाबले काफी सुगम होने जा रही है। सीमा सड़क संगठन (BRO) ने उत्तराखंड में धारचूला-लिपूलेख मार्ग का निर्माण किया है, जिससे यात्रा में समय भी कम लगेगा और लोगों को कठिन रास्ते पर सफर नहीं करना पड़ेगा।

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने आज इस मार्ग का उद्घाटन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए किया है। BRO ने 80 KM की इस सड़क से धारचूला को लिपुलेख से जोड़ा है। यह विस्तार 6000 से 17060 फीट की ऊंचाई पर है। नई सड़क पिथौरागढ़-तवाघाट-घटीअबागढ़ मार्ग का विस्तार है।

जानकारी देने वाले एक अधिकारी ने कहा, ”लिपूलेख रूट 90 KM का ऊंचाई वाला ट्रैक था। अधिक उम्र के यात्रियों को यहां बहुत मुश्किल होती थी। अब यह यात्रा वाहनों से की जा सकती है। लोगों को अब 5-6 दिन तक चढ़ाई करने की जरूरत नहीं है। यात्रा के लिए दो रूट हैं। एक लिपुलेख से और दूसरा सिक्किम में नाथुला से।

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रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने Tweet किया, ”मानसरोवर यात्रा के लिए आज एक लिंक रोड का उद्घाटन करके खुशी हुई। बीआरओ ने धारचूला से लिपूलेख (चीन बॉर्डर) को जोड़ने की उपलब्धि हासिल की है, इसे कैलाश मानसरोवर यात्रा रूट के नाम से जाना जाता है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए वाहनों के एक जत्थे को पिथौरागढ़ से गुंजी के लिए रवाना किया।”

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BRO को बधाई देते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि संगठन ने पिछले कुछ सालों में सीमांत इलाकों को जोड़ने का बेहतरीन काम किया है। BRO चीफ लेफ्टिनेंट जनरल हरपाल सिंह ने कहा कि अधिक ऊंचाई, भारी बर्फबारी और साल में केवल 5 महीने काम करने लायक होने की वजह से इस सड़क का निर्माण बहुत चुनौतीपूर्ण था।

सड़क का उदघाटन होने के बाद लिपुलेख दर्रे के जरिए होने वाली कैलाश—मानसरोवर यात्रा भी श्रद्धालुओं के लिये बहुत सुविधाजनक हो जाएगी जो दर्शन करने के बाद एक दिन में ही भारत लौट सकते हैं

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