मील का पत्थर बना 2018 : मोदी सरकार ने 12 महीनों में किए ये 12 कारनामे

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पिछले पाँच वर्ष के अपने कार्यकाल में सिर्फ भारत ही नहीं, अपितु दुनिया भर में अपने नाम और काम का परचम लहराया है। 2014 से लेकर 2019 तक उन्होंने कई ऐसे साहसी निर्णय किये और कदम उठाये, जिनकी वजह से दुनिया को भी उनका लोहा मानना पड़ा। यहाँ हम 2018 के एक वर्ष में ही उनके द्वारा किये गये कामों का अवलोकन करें तो हम आसानी से अनुमान लगा सकते हैं कि मोदी देश के लिये कितने समर्पित हैं और भारत को दुनिया में शिखर पर ले जाने के लिये वह कितने महत्वाकांक्षी हैं।

आसियान को आमंत्रण

यूँ तो गणतंत्र दिवस समारोह भारत का राष्ट्रीय पर्व है, परंतु प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 26 जनवरी 2018 को 69वें गणतंत्र दिवस समारोह में एक साथ 10 आसियान देशों के राष्ट्र प्रमुखों को आमंत्रित करके समारोह को वैश्विक स्वरूप दे दिया। इस समारोह में दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के संगठन आसियान में शामिल 10 देश ब्रुनेई, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओस, मलेशिया, म्यांमार, फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैंड और वियतनाम के राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री शामिल हुए।

खेलो इण्डिया

फरवरी-2018 में मोदी सरकार ने पहला खेलो इण्डिया स्कूल गेम्स-2018 का आयोजन किया। 31 जनवरी से 8 फरवरी के बीच खेले गये इस महोत्सव में देश के 29 राज्य और 7 केन्द्र शासित प्रदेशों के 3,507 खिलाड़ियों ने भाग लिया, जिसमें 199 खिलाड़ियों ने गोल्ड, 199 खिलाड़ियों ने रजत और 275 खिलाड़ियों ने कांस्य पदक जीते। इस खेल की उपलब्धि यह रही कि इसमें 1,178 खेल प्रतिभाओं की पहचान की गई जिन्हें अगले 8 वर्षों तक 5 लाख रुपये वार्षिक खर्च के साथ प्रशिक्षण दिया जाएगा।

विश्व की छठी अर्थ व्यवस्था बना भारत

मोदी सरकार ने देश की अर्थ व्यवस्था को दुनिया के फलक पर चमकाया। वर्ष 2018 में विश्व बैंक ने अपनी रिपोर्ट में स्वयं कहा कि भारतीय अर्थ व्यवस्था दुनिया की छठवीं सबसे बड़ी अर्थ व्यवस्था बन गई है। जुलाई में आई रिपोर्ट में कहा गया कि भारत ने फ्रांस को 7वें पायदान पर धकेल दिया है।

‘ईज़ ऑफ डुइंग बिजनेस’ में लंबी छलाँग

विश्व बैंक की ‘ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस’ रैंकिंग में भारत लंबी छलाँग लगाकर 100वें स्थान से 77वें स्थान पर आ गया है। दुनिया के टॉप 80 देशों में शामिल हो गया है। 4 साल में भारत ने 65 पायदान की छलाँग लगाई है। दक्षिण एशियाई देशों में ‘ईज़ ऑफ डुइंग बिजनेस’ के मामले में भारत सबसे आगे निकल गया है। भारत ने 10 में से 6 पैमानों में सुधार करके यह उपलब्धि हासिल की है। इससे पहले वर्ष 2017 में भारत 100वें स्थान पर और 2014 में इस सूची में काफी पीछे 142वें स्थान पर था।

आयुष्मान भारत योजना बनी आदर्श मॉडल

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सितम्बर-2018 में देश के 50 करोड़ लोगों को 5 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की गारंटी देने वाली आयुष्मान भारत योजना शुरू की तो दुनिया दंग रह गई। सभी को लग रहा था कि भारत जैसा गरीबी से संघर्ष करने वाला देश इतने बड़े पैमाने पर इतनी बड़ी सहायता कैसे दे पायेगा ? परंतु मात्र 3 महीने में ही इस योजना का लाभ लेकर ऑपरेशन और इलाज कराने वाले जरूरतमंद परिवारों की संख्या 3 लाख तक पहुँच गई, तो यह योजना दुनिया भर के लिये आदर्श मॉडल बन गई।

‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के प्रथम गृह मंत्री और अखंड भारत के निर्माता लौह पुरु, सरदार वल्लभभाई पटेल की 143वीं जन्म-जयंती पर गुजरात के नर्मदा जिले में ऐतिहासिक सरदार सरोवर नर्मदा बाँध के पास सरदार पटेल की दुनिया की सबसे ऊँची 182 मीटर की प्रतिमा बनाकर अपनी ऊँची प्रतिभा के दुनिया को दर्शन करवाये। ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ नाम की यह सरदार पटेल की प्रतिमा अमेरिका की ‘स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी’ से दुगुनी ऊँची है।

परमाणु उर्जा क्षेत्र में विश्व कीर्तिमान

पीएम नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने परमाणु उर्जा के क्षेत्र में भी एक नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया। कर्णाटक में स्थित कैगा परमाणु बिजली संयंत्र में देश में निर्मित कैगा-1 परमाणु उर्जा इकाई ने 940 दिन तक लगातार काम करने का विश्व कीर्तिमान बनाया है।

2022 में जी-20 शिखर सम्मेलन का मेजबान बनेगा भारत

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की विदेश नीति का भी विश्व में डंका बज रहा है। मोदी ने 2022 में जी-20 देशों के शिखर सम्मेलन की मेजबानी भारत को दिलाने में सफलता प्राप्त की है। दरअसल जी-20 देशों की 13वाँ शिखर सम्मेलन अर्जेन्टीना के ब्यूनस आयर्स में आयोजित हुआ था, जिसमें 2022 के शिखर सम्मेलन की मेजबानी इटली को दी गई थी, परंतु पीएम मोदी के अनुरोध पर इटली ने मेजबानी छोड़ दी और भारत दो दिला दी।

भारतीय वैज्ञानिकों ने खोजा नया ग्रह

भारत विज्ञान और अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। वर्ष 2018 के अगस्त में भारतीय वैज्ञानिकों ने ब्रह्मांड में पृथ्वी से भी 6 गुना विशाल ग्रह खोजकर दुनिया को हैरानी में डाल दिया। इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन (ISRO) ने पृथ्वी से लगभग 600 प्रकाश वर्ष दूर खोजे इस नये ग्रह को EPIC 211945201b और K2-236b नाम दिया है। अहमदाबाद के फिजिकल रिसर्च लैबोरेटरी (PRL) के वैज्ञानिकों ने यह उपलब्धि हासिल की है।

अंतरिक्ष में अव्वल हुआ भारत

एक साथ 104 उपग्रहों का सफल प्रक्षेपण करके विश्व रिकॉर्ड बनाने वाले इसरो की ऐतिहासिल उपलब्धियों का सिलसिला 2018 में भी जारी रहा। इसरो ने नवंबर में पीएसएलवी सी-43 से आंध्र प्रदेश के श्री हरिकोटा अंतरिक्ष केन्द्र से एक साथ 31 सैटेलाइट्स लॉन्च किये। इनमें पीएसएलवी-सी-43 से पृथ्वी का निरीक्षण करने वाले भारतीय हाइपर स्पेक्ट्रल इमेजिंग सैटेलाइट के अतिरिक्त 8 देशों के 30 अन्य सैटेलाइट्स भी लेकर गया है। इनमें 23 सैटेलाइट्स अमेरिका के और शेष ऑस्ट्रेलिया, केनेडा, कोलंबिया, फिनलैंड, मलेशिया, नीदरलैंड तथा स्पेन के हैं।

अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कारों से अलंकृत हुए मोदी

भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने कार्यकाल में विभिन्न देशों की यात्राएं की और उन्हें अपने स्वभाव तथा भारतीय संस्कृति से अभिभूत किया, जिनकी बदौलत कई देशों ने भारतीय प्रधानमंत्री मोदी का सम्मान किया। संयुक्त राष्ट्र ने अपने सर्वोच्च पर्यावरण पुरस्कार ‘‘चैंपियंस ऑफ द अर्थ’’ अवार्ड से सम्मानित किया। वहीं फिलिस्तीन ने भी विदेशी मेहमान को दिये जाने वाले अपने सर्वश्रेष्ठ अवार्ड दी ग्रांड कलर ऑफ दी स्टेट ऑफ पेलेस्टाइन से सम्मान किया।

आर्थिक स्वतंत्रता के इंडेक्स में सुधार

अमेरिकी थिंक टैंक दी हेरिटेज फाउंडेशन की रिपोर्ट के अनुसार 2018 में आर्थिक स्वतंत्रता के इंडेक्स में भारत ने काफी सुधार किया है। इस इंडेक्स में भारत ने 13 अंकों की छलाँग लगाई है। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि मोदी सरकार की नीतियाँ रंग ला रही हैं।

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