गुजरात : चुनावी अखाड़े में इन 15 सीटों पर ‘सामाजिक संघर्ष’, भाजपा-कांग्रेस ने मतदाताओं को डाला असमंजस में

Written by

गुजरात में लोकसभा की 26 में से 75 प्रतिशत यानी 15 सीटों पर भाजपा और कांग्रेस ने जाति के आधार पर चुनावी टिकट बांटे हैं। इसलिये इन सीटों पर एक ही समुदाय के उम्मीदवारों के बीच कड़ी चुनावी प्रतिस्पर्धा देखने को मिल सकती है।

उत्तर गुजरात की बनासकांठा सीट पर चौधरी समुदाय के उम्मीदवारों में सीधी टक्कर होगी। यहां भाजपा के परबत पटेल और कांग्रेस के परथी भटोळ में मुकाबला है। वहीं साबरकांठा और पाटण में ठाकोर समुदाय के उम्मीदवारों भाजपा के दीपसिंह राठौड़ और कांग्रेस के राजेन्द्र ठाकोर में टक्कर है। दोनों ही ठाकोर समुदाय से आते हैं। पाटण में भाजपा के भरतसिंह डाभी और कांग्रेस के जगदीश ठाकोर के बीच भिड़ंत होगी। मेहसाणा, अमरेली और पोरबंदर सीटों पर पाटीदार समुदाय के प्रत्याशी आमने-सामने हैं। मेहसाणा में भाजपा की शारदा पटेल और कांग्रेस के ए. जे. पटेल, अमरेली में भाजपा के नारण काछड़िया और कांग्रेस के परेश धानाणी के बीच चुनावी जंग होगी। पोरबंदर में भाजपा के रमेश धड़ुक और कांग्रेस के ललित वसोया की चुनावी भिड़ंत होगी।

सुरेन्द्रनगर और जूनागढ़ में कोली समाज के उम्मीदवार चुनावी मैदान में ताल ठोक रहे हैं। सुरेन्द्रनगर में भाजपा के महेन्द्र मुंजपरा और कांग्रेस के सोमाभाई पटेल आमने-सामने हैं। जूनागढ़ में भाजपा के राजेश चूड़ास्मा और कांग्रेस के पुंजा वंश के बीच मुकाबला है। इसके अलावा राज्य में दाहोद, छोटा उदयपुर, वलसाड़ और बारडोली चार एसटी सीटें हैं। दाहोद में भाजपा के जसवंतसिंह भाभोर और कांग्रेस के बाबू कटारा के बीच मुकाबला है। छोटा उदेपुर में भाजपा की गीता राठवा और कांग्रेस के रणजीत मोहनसिंह के बीच चुनावी टक्कर है। वलसाड़ में के. सी. पटेल भाजपा और जीतू चौधरी कांग्रेस के उम्मीदवार हैं। जबकि बारडोली में भाजपा के प्रभु वसावा और कांग्रेस के पूर्व केन्द्रीय तुषार चौधरी में मुकाबला है।

इसी प्रकार कच्छ और अहमदाबाद पश्चिम की एससी सीटों पर एससी उम्मीदवारों के बीच कांटे का मुकाबला होगा। कच्छ में विनोद चावड़ा भाजपा और नरेश महेश्वरी कांग्रेस के उम्मीदवार हैं। जबकि अहमदाबाद पश्चिम में भाजपा के मौजूदा सांसद डॉ. किरीट सोलंकी और कांग्रेस के पूर्व सांसद राजूभाई परमार आमने-सामने हैं। आणंद सीट एकमात्र ऐसी सीट है जहां अलग-अलग जाति के उम्मीदवार खड़े हैं यहां भाजपा के मीतेश पटेल, पटेल समुदाय के हैं जबकि कांग्रेस उम्मीदवार पूर्व सांसद भरतसिंह सोलंकी क्षत्रिय समुदाय का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। नवसारी ऐसी सीट है, जहां बाहरी मतदाताओं का दबदबा है। यहां भाजपा ने मराठी समुदाय से आनेवाले मौजूदा सांसद सी. आर. पाटिल को दोबारा टिकट दिया है, वहीं कांग्रेस के धर्मेश पटेल स्थानीय समुदाय का प्रतिनिधित्व करनेवाले उम्मीदवार हैं।

17 महीने पहले हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने सत्तारूढ़ भाजपा को कड़ी टक्कर दी थी। इसलिये इन सीटों पर कड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है। कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव की तरह ही लोकसभा चुनाव में भी भाजपा का पसीना छुड़ाने के लिये नौ मौजूदा विधायकों को चुनाव मैदान में उतारा है। हालांकि इससे विपरीत कांग्रेस ने आधी सीटों पर ऐसे उम्मीदवारों को चुनाव लड़वाया है जो पिछले लोकसभा चुनाव में हार गये थे। वहीं 20 ऐसे उम्मीदवारों को टिकट दिया है, जो पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं। राज्य में 35 साल बाद मुस्लिम उम्मीदवार की वापसी हुई है। कांग्रेस ने भरूच सीट से शेरखान पठान को टिकट दिया है।

कुछ सीटों पर कड़ा मुकाबला इसलिये भी देखने को मिल सकता है, क्योंकि भाजपा ने 26 में से 10 मौजूदा सांसदों के टिकट काट दिये हैं। इसलिये ऐसे सांसद और उनके समर्थक पार्टी से नाराज चल रहे हैं। यही स्थिति कांग्रेस के लिये 12 सीटों पर है, जहां टिकट बंटवारे को लेकर पार्टी नेता और उनके समर्थक नाराज हैं। ऐसे में मुकाबला कड़ा होने की पूरी संभावना है। जिन सीटों पर कड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है, उन सीटों के यदि नाम लिये जाएं तो वह सीटें हैः कच्छ, सुरेन्द्रनगर, अमरेली, जूनागढ़, पोरबंदर, बनासकांठा, साबरकांठा, मेहसाणा, पाटण, आणंद, छोटा उदयपुर, वलसाड़, बारडोली और दाहोद। क्योंकि यह ऐसी सीटें हैं, जहां विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने भाजपा को कड़ी टक्कर दी थी।

Article Categories:
News

Leave a Reply

Shares