प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में 2.57 करोड़ को मिल हैं चुकी दो किश्तें, परंतु तीसरी किश्त मिलेगी या नहीं ?

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लोकसभा चुनाव 2019 आगामी 19 मई को सम्पन्न होगा और 23 मई को चुनाव परिणाम आ जाएँगे। नई सरकार किसकी बनेगी ? इस प्रश्न का उत्तर भी उसी दिन मिल जाएगा और इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उनकी सरकार की महत्वाकांक्षी और चुनावी मास्टरस्ट्रोक मानी जाने वाली प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PMKSNIS) के तहत लाभार्थी किसानों को 2000 रुपए की तीसरी किश्त मिलेगी या नहीं ? इस प्रश्न का उत्तर भी मिल जाएगा। यदि केन्द्र में मोदी सरकार की वापसी हुई, तो तो तीसरी किश्त मिलना तय है और वभी भाजपा के संकल्प पत्र के हिसाब से पहले से अधिक किसानों को किश्त मिलेगी, परंतु यदि मोदी सरकार की जगह कोई और सरकार बनी, तो योजना जारी रहेगी या नहीं, इस बारे में दावे के साथ कुछ नहीं कहा जा सकता।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से गरीब किसानों के लिये शुरू की गई प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत केन्द्र सरकार ने पंजीकृत किसानों के बैंक खातों में 2000 रुपये की पहली किश्त भरपाई कर दी है। इसके बावजूद यदि कोई किसान मानता है कि वह भी योजना के दायरे में आता है, परंतु उसे योजना का लाभ नहीं मिला है तो उसे पटवारी, कृषि अधिकारी या सरकारी हैल्पलाइन की मदद लेकर यह सुनिश्चित करना चाहिये कि उसका नाम लाभार्थियों की सूची में है भी या नहीं।

वैसे आपको बता दें कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत केन्द्र सरकार किसानों के खाते में सीधे तौर पर पैसा नहीं भेजती है। केन्द्र सरकार राज्य सरकारों से लाभार्थी किसानों की सूची माँगती है और उस सूची के आधार पर केन्द्र सरकार राज्य सरकार के खाते में पैसा भेजती है, राज्य सरकार की ओर से किसानों के खाते में पैसा भेजा जाता है। केन्द्र सरकार जिस सूची के आधार पर राज्य सरकारों को पैसा देती है, उस सूची में आपका नाम है या नहीं, यह जानने के लिये लाभार्थी किसानों को अपने निकटवर्ती रेवन्यु अधिकारी पटवारी या कृषि अधिकारी की मदद से जांच-पड़ताल और पूछताछ करनी चाहिये।

यदि इन अधिकारियों से उचित उत्तर नहीं मिल रहा है तो आप सोमवार से शुक्रवार तक पीएम-किसान हेल्प डेस्क के ई-मेल आईडी (pmkisan-ict@gov.in) पर संपर्क कर सकते हैं। वहाँ से भी बात नहीं बन रही है, तो इस प्रकोष्ठ के फोन नंबर 011-23381092 (Direct Help Line) पर फोन करके जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इतना ही नहीं, इस योजना के वेलफेयर सेक्शन (Farmer’s Welfare Section) में भी संपर्क कर सकते हैं। दिल्ली में इसका फोन नं. 011-23382401 है और ई-मेल आई डी (pmkisan-hqrs@gov.in) है।

उल्लेखनीय है कि लोकसभा चुनाव 2019 की आचार संहिता लागू होने से पहले यानी 9 मार्च तक 4.76 करोड़ किसानों के नाम इस योजना के लिये पंजीकृत हो चुके हैं। केन्द्र सरकार का दावा है कि लगभग 2.57 करोड़ किसानों तक योजना की पहली और दूसरी किश्त का लाभ पहुंच चुका है, जबकि कुछ गाँवों से किसानों की शिकायतें आ रही हैं कि उनके खाते में पैसा नहीं पहुंचा है। केन्द्र सरकार ने अब तीसरी किश्त के लिये आधार बायोमिट्रिक अनिवार्य कर दिया है। इससे पहले दूसरी किश्त के लिये मात्र आधार नंबर माँगा गया था। तीसरी किश्त की प्रक्रिया चुनाव प्रक्रिया सम्पन्न होने के बाद शुरू की जाएगी। बता दें कि केन्द्र सरकार ने 12 करोड़ किसानों तक इस योजना का लाभ पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। ऐसे में जिन सवा सात करोड़ किसानों का पंजीकरण अब तक नहीं हो पाया है, उनके पंजीकरण की प्रक्रिया भी चुनाव प्रक्रिया के बाद ही प्रारंभ की जाएगी।

केन्द्र सरकार के आँकड़ों के मुताबिक जिन राज्यों के किसानों को इस योजना का लाभ मिला है, उनमें उत्तर प्रदेश के 1,08,49,465, आंध्र प्रदेश के 32,96,278, गुजरात के 27,29,934, महाराष्ट्र के 14,27,585, तमिलनाडु के 19,45,210, तेलंगाना के 18,75,941, पंजाब के 11,19,039, असम के 9,45,050, जम्मू एण्ड कश्मीर के 4,46,542, हरियाणा के 9,38,362 और बिहार के 2,29,065, छत्तीसगढ़ के 88 हजार, केरल के 4.86 लाख, ओडिशा के 8.20 लाख, उत्तराखंड के 3.28 लाख, हिमाचल प्रदेश के 4.29 लाख किसान शामिल हैं। जबकि पश्चिम बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश के एक भी किसान को योजना का लाभ नहीं मिल सका है। कांग्रेस शासित कर्नाटक में मात्र 17 किसानों को ही योजना का लाभ मिला है।

आपको बता दें कि जब 24 फरवरी-2019 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गोरखपुर में इस योजना को लॉन्च किया था, तब देश के 12 करोड़ किसानों को योजना का लाभ देने का लक्ष्य निर्धारित किया था। हालाँकि अब सरकार ने लोकसभा चुनाव-2019 के अपने चुनावी घोषणापत्र में घोषणा की है, यदि उनकी सरकार की सत्ता में वापसी होती है तो सरकार इस योजना का लाभ देश के सभी 14 करोड़ किसानों तक पहुंचाएगी। सरकारी आँकड़ों के मुताबिक देश में 14 करोड़ किसान परिवार हैं। इस योजना की वेबसाइट के अनुसार योजना का लाभ 26 राज्यों के 2 करोड़, 57 लाख, 23 हजार किसानों को मिल चुका है।

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