नई 17वीं लोकसभा में 300 के आँकड़े के साथ नए सांसदों का बहुमत, सर्वाधिक अनुभवी सांसदों की संख्या केवल 3, जो 8वीं बार पहुँचे !

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जायंट किलर स्मृति से लेकर भाजपा के चाणक्य अमित शाह और रविशंकर प्रसाद जैसे दिग्गज भी पहली बार सांसद के रूप में बैठेंगे लोकसभा में

अहमदाबाद, 27 मई, 2019। 17वीं लोकसभा के लिये 542 सांसदों का चुनाव हो पूरा हो चुका है। इनमें से 300 सांसद ऐसे हैं, जो पहली बार चुने गये हैं। इस प्रकार 17वीं लोकसभा में नए सांसदों का भारी बहुमत रहेगा, जबकि 197 सांसद दूसरी बार और केवल 45 सांसद ऐसे होंगे, जो तीसरी से लेकर आठवीं बार चुने गए हैं।

चुनाव आयोग (EC) की ओर से जारी अधिकृत सांसद सूची के अनुसार 9 नेता ऐसे हैं, जिन्होंने 9 बार लोकसभा का प्रतिनिधित्व किया है। जबकि मात्र 4 नेताओं ने 10 बार लोकसभा का प्रतिनिधित्व किया है और मात्र 1 नेता ने 11 बार लोकसभा का रिकॉर्ड प्रतिनिधित्व किया है। यह नेता वामपंथी इंद्रजीत गुप्ता है। जबकि भूतपूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, लोकसभा के स्पीकर रह चुके सोमनाथ चैटर्जी और कांग्रेस नेता पी. एम. सईद 10-10 बार लोकसभा का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।

इससे पहले 2014 में 16वीं लोकसभा में 314 सांसद पहली बार चुने गये थे। उससे पहले 2009 में 15वीं लोकसभा में 302 नये सांसद पहली बार चुने गये थे। जबकि 2004 में 14वीं लोकसभा में पहली बार चुने गये सांसदों की संख्या 260 थी।

1951 से लेकर 2019 तक 68 वर्ष के इतिहास में लोकसभा के 17 चुनाव हुए हैं। इनमें 5,133 नेता लोकसभा में पहुँचने में सफल हुए हैं। हालाँकि इनमें से बड़ी संख्या में सांसद दूसरी बार लोकसभा नहीं पहुँच पाये और अगली जीत का इंतज़ार ही करते रह गये। एक सर्वेक्षण के अनुसार 2,200 सांसद एक से अधिक बार चुनाव जीतने में सफल हुए, परंतु इनमें से हर दूसरा नेता यानी 50 प्रतिशत सांसद तीसरी बार लोकसभा चुनाव या तो लड़ नहीं पाया अथवा जीत नहीं सका। यानी कि उन्हें तीसरा टर्म भोगने को नहीं मिला। वहीं 554 सांसद ऐसे हैं, जिन्होंने 3 बार चुनाव में जीत हासिल की है। 285 सांसदों को चौथी बार जीत मिली है। इसके बाद 4 बार से अधिक जीत हासिल करने वाले सांसदों की संख्या में तेजी से गिरावट आई है। हर 5 में से 3 सांसद यानी 50 प्रतिशत से अधिक ऐसे होते हैं, जो किसी न किसी वजह से दोबारा संसद नहीं पहुँच पाते हैं, या तो पार्टी उन्हें दोबारा टिकट नहीं देती अथवा वह चुनाव हार जाते हैं। इसके अलावा भी कई कारण हो सकते हैं।

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