3 दोस्तों की कामयाबी की कहानी : केबी, छोटू और मनोज तीनों एक साथ बने सेना-प्रमुख

रिपोर्ट : विनीत दुबे

अहमदाबाद, 18 दिसंबर, 2019 (युवाPRESS)। 31 दिसंबर 2019 को दुनिया की चौथे नंबर की सबसे बड़ी सेना यानी भारतीय थलसेना के नये अध्यक्ष बनने जा रहे हैं लेफ्टिनेंट जनरल मनोज मुकुंद नरवणे। वे वर्तमान सेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत का स्थान लेंगे। इसी के साथ एक बहुत ही विचित्र किन्तु सुखद संयोग भी बन जाएगा। एक ही बैच के तीन दोस्त देश की तीनों सेनाओं थलसेना, वायुसेना और नौसेना के प्रमुख बन जाएँगे। इससे पहले एडमिरल करमबीर सिंह और एयर चीफ मार्शल राकेशकुमार सिंह भदौरिया क्रमशः नौसेना और वायुसेना के प्रमुख बन चुके हैं। 44 साल पहले जब 17-17 साल के केबी (करमबीर सिंह), छोटू (राकेशकुमार सिंह भदौरिया) और मनोज (मनोज मुकुंद नरवणे) ने 1976 में नेशनल डिफेंस अकादमी (NDA) जॉइन की थी, तब सोचा भी नहीं होगा कि एक दिन वे तीनों दोस्त एक साथ देश की तीनों सेनाओं की कमान सँभालेंगे।

स्कूल टाइम के दोस्त हैं केबी-नरवणे, स्क्वॉड्रन मेट हैं नरवणे-भदौरिया

केबी और नरवणे एनडीए जॉइन करने से पहले स्कूल के समय के दोस्त थे। दोनों ने एक ही स्कूल में पढ़ाई की थी और एनडीए में प्रवेश लेने के बाद छोटू भी उनके तीसरे दोस्त बन गये थे। 1976 की बैच में तीनों का एडमिशन हुआ था, तब उनकी उम्र 17-17 साल थी। तीनों बैचमेट होने के साथ ही अच्छे दोस्त भी थे। लेफ्टिनेंट जनरल नरवणे और एयर चीफ मार्शल भदौरिया एनडीए में ‘लीमा’ स्क्वॉड्रन में थे और एडमिरल सिंह ‘हंटर’ स्क्वॉड्रन के हिस्सा थे। इस प्रकार लेफ्टिनेंट जनरल नरवणे और एयर चीफ मार्शल भदौरिया स्क्वॉड्रन मेट भी थे और तीनों बैचमेट तो थे ही। एक और बात थी जो तीनों को जोड़ती थी, वह ये कि तीनों के ही पिता भारतीय वायुसेना में अपनी सेवाएँ दे चुके थे।

2019 में तीनों दोस्त बने तीनों सेनाओं के प्रमुख

उस समय इन तीनों दोस्तों ने सोचा भी नहीं होगा कि एक दिन तीनों भारतीय सेनाओं की कमान उनके हाथ में होगी। 44 साल की लंबी यात्रा और संघर्षपूर्ण सेवाओं के बाद तीनों के जीवन में एक ऐसा विचित्र किन्तु सुखद संयोग अब बना है कि तीनों दोस्त देश की तीनों सेनाओं के प्रमुख बन जाएँगे। सबसे पहले केबी यानी एडमिरल करमबीर सिंह 31 मई-2019 को 24वें नेवी चीफ बने थे और उनकी सफेद वर्दी पर हेलिकॉप्टर पायलट का विंग सुशोभित हुआ। इसके बाद गत 30 सितंबर 2019 को एयर चीफ मार्शल राकेशकुमार सिंह भदौरिया एयर फोर्स चीफ बने और उनकी नीली वर्दी पर फाइटर पायलट का विंग शोभायमान हुआ। अब 31 दिसंबर-2019 को लेफ्टिनेंट जनरल मनोज मुकुंद नरवणे भारतीय थलसेना के 28वें आर्मी चीफ बनेंगे। पैराट्रूपर विंग उनकी ओलाइव-ग्रीन यूनिफॉर्म की शोभा बढ़ाएगा। ये तीनों 1976 में एनडीए के 56वें कोर्स का हिस्सा थे और एनडीए कैडेट के रूप में 3 वर्ष का कोर्स पूरा करने के बाद तीनों अपनी-अपनी सर्विस अकादमी में पहुँचे थे, जहाँ जून-जुलाई-1980 में ऑफिसर्स के रूप में कमिशंड हुए थे।

दिसंबर-1991 में भी हुआ था ऐसा ही संयोग

इससे पहले दिसंबर-1991 में भी ऐसा संयोग बना था। उस समय एनडीए के 81वें कोर्स के पासिंग आउट परेड में तीनों सेनाओं के तत्कालीन प्रमुख जनरल एस.एफ. रॉड्रिक्स, एडमिरल एल. रामदास और एयर चीफ मार्शल एन.सी. सूरी उपस्थित रहे थे, वह भी दुर्लभ दृश्य था, क्योंकि वह तीनों भी एनडीए के बैचमेट थे।

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