370 पर बोले मोदी, ‘एक देश, एक संविधान’ किया, और क्या-क्या ‘एक’ करना है PM का लक्ष्य ?

रिपोर्ट : विनीत दुबे

अहमदाबाद, 15 अगस्त, 2019 (युवाPRESS)। देश के 73वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्र को संबोधित किया। इसमें पीएम मोदी ने जम्मू कश्मीर और धारा 370 का भी उल्लेख किया और कहा कि यह धारा हटाकर उन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल के ‘एक देश-एक संविधान’ का सपना साकार किया है। इससे पहले पहले उन्होंने देश के फौजियों के लिये ‘वन रैंक-वन पेंशन’, जीएसटी (GST) के माध्यम से एक देश-एक टैक्स का लक्ष्य सिद्ध किया है और अब एक देश-एक चुनाव पर चर्चा होनी चाहिये।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्र के नाम संदेश में कई महत्वपूर्ण बातें कहीं। उन्होंने कहा कि ‘हम समस्याओं को पालते या टालते नहीं।’ उन्होंने जम्मू कश्मीर से धारा 370 को हटाने का विरोध करने वालों को करारा जवाब दिया और कहा कि अगर धारा 370 बहुत महत्वपूर्ण थी, तो पिछले 70 सालों में इसे स्थाई क्यों नहीं बनाया गया। क्यों इसे 70 साल से अस्थाई बनाकर रखा था। आगे आते और स्थाई बना देते, परंतु आप में ऐसा करने की हिम्मत ही नहीं थी। इन 70 सालों की इन व्यवस्थाओं ने आतंकवाद को जन्म दिया। अलगाववाद को बल दिया। परिवारवाद का पोषण किया और भ्रष्टाचार तथा भेदभाव की नींव को मजबूती देने का काम किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि सभी राजनीतिक दलों में कोई न कोई ऐसा व्यक्ति है, जो धारा 370 के विरुद्ध या तो प्रखर रूप से बोला है या फिर मुखर रूप से बोला है। जबकि वहाँ की महिलाओँ और दलितों समेत कई जनजातियों के सपनों को कुचल दिया गया था। हमने उन्हें आज़ादी देने का काम किया है। अब जम्मू कश्मीर और लद्दाख के लोगों की जन आकांक्षाएँ पूर्ण हों, यह हम सबका दायित्व है। उनके सपनों को नये पंख मिलें, यह हमारी जिम्मेदारी है।

अब एक देश-एक चुनाव पर चर्चा होनी चाहिये !

पीएम मोदी ने कहा कि अब हर कोई गर्व से कह सकता है कि एक देश-एक संविधान। उन्होंने कहा कि वह सरदार पटेल के एक भारत-श्रेष्ठ भारत के विचार को आगे ले जा रहे हैं। उन्होंने जीएसटी के माध्यम से एक देश-एक टैक्स का सपना पूरा किया है। ऊर्जा के क्षेत्र में एक देश-एक ग्रिड को आगे बढ़ाया है। फौजियों के लिये वन रैंक-वन पेंशन का नियम लागू किया है। धारा 370 हटाकर एक देश-एक संविधान का सपना साकार किया है और अब जरूरत है देश में एक चुनाव की भी चर्चा होनी चाहिये।

You may have missed