14 वर्षीया लड़की ने अपनी ‘माँ को आराम’ दिलवाने के लिए बनाई रसोई के आठ काम वाली ‘झट-पट मशीन’

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Ariel Company ने अपना #ShareTheLoad Advertisement जारी किया था। इस Advertisement के अंत में Company ने एक तथ्य भी साझा किया है कि घर के कामों के कारण भारत में लगभग 71% महिलाओं को पुरुषों से कम नींद मिल पाती है। क्योंकि हम सब जानते हैं कि ज्यादातर Indian Families में घर की साफ-सफाई, खाना बनाना, बच्चों के काम से लेकर कपड़े धोने तक, सभी कुछ महिलाएं करती हैं। घर के काम के साथ-साथ महिलाएं बाहर कमाने भी जाती हैं। कोई खेतों में अपनी पति का हाथ बंटाती है तो कोई दूसरी नौकरी।

Middle class and Lower class families में महिलाओं का नौकरी के साथ, घर के काम करना आम बात है। दिन भर की थकान का असर उनके Health पर पड़ता है। क्योंकि जितना वे काम करती हैं, उस हिसाब से खाना और आराम उन्हें नहीं मिल पाता है।

इसलिए Madhya Pradesh की एक बेटी ने अपनी माँ के आराम के लिए एक तकनीकी रास्ता निकाला है। School में पढ़े Science के principles को अपनी माँ के कामों को आसान बनाने के लिए लगाया है और उसकी मेहनत का नतीजा यह है कि उसके बनाए Model को countrywide में First Prize मिला है।

Madhya Pradesh के Hoshangabad के Pipariya के पास Dokrikheda Village में रहने वाली 14 वर्षीया Navshree Thakur ने Kitchen का काम easy करने के लिए एक versatile machine बनाई है। इस अनोखी versatile machine को बनाकर 10वीं कक्षा की छात्रा Navshree Thakur ने ‘Young Inventors’ की पहचान हासिल की है। Navshree Thakur ने The Better India के साथ बात करते हुए अपने सफर और Invention के बारे में विस्तार से बताया।

माँ की परेशानी हल करने के लिए किया Invention

एक साधारण परिवार से संबंध रखने वाली Navashree, Girls High School, Pipariya में पढ़ती हैं। उन्होंने बताया कि अपनी Teacher Aradhana Patel के मार्गदर्शन में उन्होंने यह Machine बनाई है, जिसका स्लोगन है ‘झट-पट काम, माँ को आराम।’ वह कहती हैं कि अपनी इस Machine पर उन्होंने 8 कक्षा से काम करना शुरू किया था। सबसे पहले उनकी Machine को उनके School में और फिर district level की Competition में चयनित किया गया। इसके बाद, Bhopal में भी इसे Competition के लिए चुना गया और अब उनकी Machine ने राष्ट्रीय स्तर का सम्मान ‘Inspire Award हासिल किया है।

इस Machine को बनाने के पीछे उनकी प्रेरणा उनकी माँ, रजनीबाई रही हैं। उन्होंने कहा, “मेरे माता -पिता खेतों में मजदूरी करते हैं। इसलिए सुबह उन्हें आठ बजे से पहले घर से निकलना पड़ता है। मम्मी सुबह 4 बजे उठ जाती हैं, पर फिर भी निकलने से पहले घर के सभी काम खत्म नहीं हो पाते हैं।”

“मम्मी खेतों से काम करके शाम को लौटती हैं और फिर काम में जुट जाती हैं। हम भी पढ़ाई के कारण ज्यादा हाथ नहीं बंटा पाते हैं। इसलिए मैं हमेशा सोचती थी कि कई काम एक साथ करने के लिए कोई मशीन होनी चाहिए,” नवश्री ने बताया।

Kitchen  Versatile Machine

School को National Innovation Foundation के INSPIRE अवॉर्ड का नोटिफिकेशन मिला। आराधना ने तुरंत नवश्री के आईडिया को प्रतियोगिता के लिए भेज दिया और इस आईडिया को एक ही बार में सलेक्ट कर लिया गया। अपनी शिक्षिका, आराधना के मार्गदर्शन में नवश्री ने इस मशीन को तैयार किया। लकड़ी और स्टील के बर्तन जैसे थाली इस्तेमाल करके बनी इस बहुपयोगी मशीन को हाथ से चलाया जा सकता है, जिसमें बिजली या अन्य खर्च नहीं जुड़ता और यह किफायती है।

मशीन से रोटी बेलने, सब्जी काटने, जूस निकालने, मसाले दरदरे करने जैसे आठ काम किए जा सकते हैं। मशीन में लगने वाले सांचे बदलकर और भी बहुत से काम आप कर सकते हैं। इस मशीन से आप,

  • पापड़ बना सकते हैं।
  • पानीपूरी बना सकते हैं।
  • लहसुन, अदरक कुचल सकते हैं।
  • सब्जी-फल काटने के अलावा, इनका जूस भी निकाल सकते हैं।
  • सेव बना सकते हैं।
  • नारियल या अखरोट तोड़ सकते हैं।
  • चिप्स बना सकते हैं।
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